कौन हैं दसवां PGTI खिताब जीतने वाले दिग्गज गोल्फर गगनजीत भुल्लर 

अर्जुन पुरस्कार विजेता गोल्फर ने PGTI इवेंट चूके बिना बनाया शानदार रिकॉर्ड

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

दिग्गज गोल्फर गगनजीत भुल्लर ने रविवार को जमशेदपुर में आयोजित टाटा स्टील टूर चैंपियनशिप 2020 में कड़ी टक्कर के बाद अपना 10वां प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) खिताब अपने नाम किया।  

उन्हें पहली जीत एक दशक पहले 2009 में PGTI प्लेयर्स चैंपियनशिप में मिली थी। तब से भुल्लर ने PGTI इवेंट्स में खुद को स्थापित किया है। उन्होंने 2009 में रामबाग गोल्फ क्लब द्वारा आयोजित PGTI प्लेयर्स चैंपियनशिप, एग्बी वैली गोल्फ क्लब की PGTI प्लेयर्स चैंपियनशिप, ईगलटन और DLF मास्टर्स की ओर से आयोजित PGTI प्लेयर्स चैम्पियनशिप में कई खिताबों पर कब्जा जमाया।  

उनके लगातार आगे बढने का सिलसिला 2010 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी गोल्फ क्लब द्वारा आयोजित PGTI प्लेयर्स चैंपियनशिप में भी देखने को मिला।

2011 में उन्होंने अमेरिकन एक्सप्रेस बांग्लादेश ओपन, रॉयल कलकत्ता गोल्फ क्लब द्वारा आयोजित PGTI प्लेयर्स चैम्पियनशिप और चंडीगढ़ गोल्फ क्लब द्वारा आयोजित एयरसेल PGTI प्लेयर्स चैम्पियनशिप के खिताब अपने नाम किया। 

हालांकि उन्हें अपना 10वां खिताब जीतने में नौ साल लग गए। इसके बावजूद उन्होंने PGTI इवेंट चूके बिना शानदार रिकॉर्ड बनाया। भुल्लर ने अपने शानदार करियर में बहुत कुछ हासिल किया है। आइए नजर डालते हैं अर्जुन पुरस्कार विजेता गोल्फर पर एक नज़र।

शॉट मारते गगनजीत भुल्लर

खेल पृष्ठभूमि से जुड़ा परिवार

भुल्लर का जन्म 1988 में भारत के कपूरथला में एक खेल जगत से जुड़े परिवार में हुआ। उनके पिता और माता ने क्रमशः ट्रैक एंड फील्ड और हॉकी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।

भुल्लर को गोल्फ का शौक बचपन में ही लग गया। उन्होंने सिर्फ चार साल की उम्र में ही अपने पिता H.S. भुल्लर से खेल की बारीकियां सीखना शुरू कर दिया।  

एक शौकिया गोल्फ खिलाड़ी के रूप में एशियाई खेल पदक

2004 और 2006 में भारत के नंबर 1 शौकिया खिलाड़ी के रूप में उनका करियर अच्छा था। उन्होंने 2005 विश्व जूनियर मास्टर्स चैम्पियनशिप भी जीत दर्ज की।

इसके अलावा वह 2006 के एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे। व्यक्तिगत स्पर्धा में उन्होंने सातवां स्थान हासिल किया।

सिर्फ 18 साल की उम्र में 2006 में उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की।

*यूरोपीय टूर में खिताब पर कब्जा  *

5 अगस्त, 2018 को भुल्लर ने 274 के स्कोर के साथ फिजी अंतर्राष्ट्रीय खिताब। इस तरह उन्होंने यूरोपीय खिताब भी अपने नाम किया। उन्होंने इस आयोजन में ऑस्ट्रेलिया के एंथनी क्वेले को पीछे छोड़ा था।

भुल्लर 2011 में गुजरात केंसविले चैलेंज में आयोजित यूरोपीय चैलेंजर टूर में इंग्लैंड के मैट फोर्ड से आगे निकलते हुए 283 का स्कोर के साथ खिताब अपने नाम किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे सबसे कम उम्र के भारतीय थे।

नौ एशियाई टूर जीतने का- एक भारतीय रिकॉर्ड

अमृतसर में जन्मे गोल्फर के नाम नौ एशियाई टूर खिताब दर्ज हैं। उन्हें पहली जीत 2009 में इंडोनेशिया के प्रेसिडेंशियल टूर्नामेंट में मिली और इसके बाद उन्होंने एशियन टूर इंटरनेशनल (2010), यानेगार्ड टूर्नामेंट प्लेयर्स चैंपियनशिप (2012), विनीशियन मकाऊ ओपन (2012), इंडोनेशिया ओपन (2013), शिंजो डोंगहा ओपन (2016), बैंक BRI-JCB इंडोनेशिया ओपन (2016), मकाओ ओपन (2017) और 2018 में फिजी इंटरनेशनल में जीत का परचम लहराया।

2009 में इंडोनेशिया में मिली जीत ने उन्हें एशियाई खिताब जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बनने का गौरव दिलाया। पिछले एक दशक के दौरान भुल्लर का प्रदर्शन एशियाई स्तर के अनुरूप रहा है। 

एक प्रमुख मैच में खेलने वाले सबसे युवा भारतीय

भुल्लर 2009 में स्कॉटलैंड में आयोजित ओपन चैम्पियनशिप में भाग लेकर व्यस्कों में खेलने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए उन्होंने अप्रैल 2009 में एशियन इंटरनेशनल फाइनल क्वालीफाइंग जीतकर ओपन के लिए क्वालीफाई किया।

हालांकि, अमेरिकी गोल्फर स्टीवर्ट सिंक द्वारा जीते गए एक इवेंट में वो चार स्ट्रोक से चूक गए।