कौन हैं संजीव राजपूत, जो नौसैनिक से बन गए ओलंपिक राइफल शूटर

-टोक्यो ओलंपिक की राइफल निशानेबाजी स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे संजीव राजपूत 

लेखक भारत शर्मा ·

टोक्यो ओलंपिक में राइफल निशानेबाजी स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अनुभवी राइफल निशानेबाज संजीव राजपूत की निगाह भारत के लिए पदक जीतने पर होगी।

40 वर्षीय राजपूत वर्तमान में ओलंपिक स्वर्ण पद जीतने का सपना देख रहे हैं। 2008 के बीजिंग और 2012 लंदन ओलंपिक में उप-सममूल्य प्रदर्शन के बाद अब उनका दृढ़ संकल्प स्पष्ट नजर आ रहा है।

राजपूत 2008 में बीजिंग में पुरुषों की 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने में असफल रहे थे। चार साल बाद लंदन में भी उन्हें इसी स्थिति का सामना करना पड़ा था और पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा के फाइनल में जगह नहीं बना सके।

हालांकि, उन्होंने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन इवेंट में 2016 रियो के लिए कोटा हासिल किया था, लेकिन नेशनल राइफल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने उन्हें शॉटगन टीम में स्थान दिया था।

इन सबके बाद भी राजपूत के पास टोक्यो ओलंपिक के जरिए पिछली सभी असफलताओं से छुटकारा पाने का एक शानदार मौका है।

भारतीय नौसेना में शामिल होने के बाद बने राइफल शूटर

राजपूत हरियाणा में जगाधरी नामक एक छोटे शहर के रहने वाले हैं। राजपूत 18 साल की उम्र में नौसैनिक के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल हो गए। यहीं से उन्होंने शूटिंग में गंभीरता दिखाना शुरू कर दिया था।

नौसेना में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण के लिए समुद्र में भेजा गया और उन्हें तोपखाने में तैनाती दी गई। राजपूत ने लक्ष्य भेदने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और शूटिंग को एक खेल के रूप में अपना लिया।

राजपूत ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "जहाजों पर कोई शूटिंग रेंज नहीं होती है, इसलिए हमने लंबी लाठी और हुक के साथ क्वार्टरकेड पर निशाना लगाया और लक्ष्य को भेदा।" उन्होंने कहा, "समुद्र की लहरों से लहराते जहाज, हिलते हुए लक्ष्य और अस्थिर डेक पर खड़े होकर उन्होंने लक्ष्य को भेदने का अभ्यास किया। उस अनुभव ने शूटिंग में मेरी रुचि जगा दी। मुझे वह एहसास बहुत पसंद आया।"

राजपूत ने शुरू में सभी प्रकार के हथियारों जैसे- पिस्तौल, कार्बाइन और बड़ी बोर की राइफल आदि का इस्तेमाल किया था। उन्होंने जल्द ही अंतर-जहाज प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया और 2002 तक नौसेना की खेल शूटिंग टीम का एक अहम हिस्सा बन गए। इसके बाद उन्होंने साल 2014 में एक जूनियर कमीशन अधिकारी के पद से नौसेना को छोड़ दिया।

भारत के राइफल शूटर संजीव राजपूत

एक शूटर के रूप में बदलाव

राजपूत राष्ट्रीय स्तर पर उस समय सामने आए जब उन्होंने 2004 में इस्लामाबाद में हुए SAF गेम्स में तीन स्वर्ण पदक और एक रजत पदक हासिल किया।

2004 के बाद से, राजपूत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शानदार प्रदर्शन से खुद का नाम कमा रहे हैं। उन्होंने ISSF विश्व कप से एक स्वर्ण और तीन रजत पदक हासिल किए हैं।

उनकी त्रुटिहीन गणना शैली ने खुद को एशियाई खेलों में भी प्रस्तुत किया जहां उन्होंने 2006 से हर संस्करण में पदक जीता। 2006 में दोहा में उन्होंने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम इवेंट में कांस्य पदक जीता था। इसके बाद 2010 में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत जीता। चार साल बाद उन्होंने उसी स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। इसी तरह 2018 में राजपूत ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक हासिल किया था। उन्होंने कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप में पदक भी जीते हैं।

राष्ट्रमंडल खेलों में जीते हैं तीनों पदक

संयोग से राजपूत ने राष्ट्रमंडल खेलों में एक कांस्य, एक रजत और एक स्वर्ण पदक जीता है। दिलचस्प बात यह है कि प्रत्येक टूर्नामेंट में पदक का रंग उत्तरोत्तर बदल गया। मेलबर्न में 2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन में कांस्य जीता।

हालांकि वह नई दिल्ली में 2010 के खेलों से चूक गए थे, उन्होंने 2014 में ग्लासगो (50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन) में रजत पदक अपने नाम किया। इसके बाद 2018 में गोल्ड कोस्ट में राजपूत के लिए 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में रजत को स्वर्ण में बदल दिया।

पहचान और कोचिंग

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने राजपूत को साल 2016 में नई दिल्ली स्थित डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में शूटिंग कोच के रूप में नियुक्त कर दिया था। शूटिंग कोच के रूप में उनके कार्यकाल ने वास्तव में उन्हें अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में मदद की।

उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "जब मैंने कोचिंग की तो सबसे अच्छी बात यह रही कि दूसरे को अपनी तकनीक सिखाने के दौरान मैने अपने तकनीक को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया।"

राजपूत को 2010 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उन्हें वर्ष 2009-2010 में अपनी सेवाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ खेल व्यक्ति घोषित किया गया।

टोक्यो ओलंपिक योग्यता

राजपूत ने रियो डी जनेरियो में 2019 ISSF विश्व कप में 50 मीटर थ्री स्पॉट राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया था।

वह क्रोएशिया के पेटार गोर्सा से 0.2 अंक के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि, वह टोक्यो ओलंपिक में शीर्ष स्थान पर नजर गड़ाए हुए है।

राजपूत ने tokyo2020.org से कहा, "मेरे पास टोक्यो 2020 ओलंपिक में स्वर्ण जीतने का स्पष्ट लक्ष्य है और मैं इसके लिए काम कर रहा हूं। मुझे पता है कि यह कठिन होगा, लेकिन मैं यह कर सकता हूं। फिलहाल, यूरोपीय निशानेबाजों ने प्रतियोगिताओं में खेलना शुरू कर दिया है और पूर्ण प्रशिक्षण भी ले रहे हैं। इस कारण, खेल के स्तर और तैयारियों में एक स्पष्ट अंतर है, इस तथ्य को देखते हुए कि भारतीय निशानेबाजों को अभी पूर्ण अभ्यास शुरू करना बाकी है।"

"इसका मतलब यह भी है कि मुझे उनकी तुलना में दोगुना अभ्यास करना होगा, लेकिन मैं ऐसा करने के लिए दृढ़ हूं।"