कोरोना महामारी के बाद भारत में शीतकालीन खेलों को विकसित करना चाहते हैं ल्यूज स्टार शिवा केशवन

खेल प्रबंधन की बारीकी सीखने के लिए केशवन ने विदेशी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन स्नातक प्रोग्राम में लिया दाखिला

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

​​भारत में जहां तक शीतकालीन खेलों का सवाल है तो निःसंदेह शिव केशवन इसके ब्रांड एंबेसडर हैं। 39 वर्षीय ल्यूज स्टार 1998 से लगातार विंटर ओलंपिक के छह संस्करणों में भारत के प्रतिनिधि रह चुके हैं।

इससे भी खास बात ये है कि 1998 और 2002 में वे विंटर ओलंपिक में भारत के अकेले प्रतिनिधि थे। क्योंकि यह एक ऐसा आयोजन है जिसका देश में ज्यादा प्रचार नहीं किया गया।

महज 16 साल की उम्र में शिवा केशवन 1998 में नागानो में हुए शीतकालीन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर ल्यूज में आधिकारिक रूप से ओलंपिक गेम्स में क्वालीफाई करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। ल्यूज में उनका करियर उल्लेखनीय रहा है। हालांकि उन्हांने अभी तक ओलंपिक में कोई पदक नहीं जीता। ल्यूज एक ऐसा खेल जिसकी भारत में अनदेखी होती रही है।

उन्होंने ल्यूज में एशियन स्पीड रिकॉर्ड और ट्रैक रिकॉर्ड बनाए। वो चार बार के एशियाई चैंपियन भी रहे हैं। उन्होंने 2017 में जर्मनी के एलेनबर्ग में हुई एशियाई ल्यूज चैंपियनशिप में जीत हासिल की।

ल्यूज प्रतियोगिता में प्रदर्शन करते भारत के शिवा केशवन

मनाली में जन्मे ओलंपियन शिवा अब भारत में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। शिव केशवन ने खुलासा किया कि वो खेल प्रबंधन में शामिल होना चाहते हैं ताकि विंटर एथलीटों को बेहतर दिशा प्रदान कर सकें।

उन्होंने फर्स्टपोस्ट के लिए एक कॉलम में लिखा, "लॉकडाउन से पहले पिछले 20 सालों में मैंने कभी भी दो महिने से ज्यादा का समय एक जगह पर रहकर नहीं गुजारा। इस महामारी ने आपकी गति को धीमा करने में बहुत ही दिलचस्प बदलाव किया साथ ही चीजों को देखने का नजरिया बदल दिया और परिवार के साथ समय बिताने का मौका दिया।"

शिवा केशवन भारत में ल्यूज के लिए उच्च प्रदर्शन निदेशक हैं। उन्होंने पहले से ही देश में ल्यूज के विकास के लिए योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं।

उन्होंने कहा, "मैं ल्यूज विकास कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण काम करने में सक्षम था। मैंने भारत में शीतकालीन खेलों के विकास, शीतकालीन एथलीटों के प्रशिक्षण आदि पर बहुत सारे अवधारणा नोट लिखे।" 

शिवा केशवन ने 2018 में प्योंगचांग में आखिरी शीतकालीन ओलंपिक में भाग लिया। 2020 में उन्हें पहले विंटर गेम एथलीट के रूप में अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया। अब उनका ध्यान अपने खेल में प्रबंधन कौशल विकसित करने पर है।

उन्होंने बताया कि, "मैंने एक विदेशी विश्वविद्यालय से खेल प्रबंधन में ऑनलाइन स्नातक प्रोग्राम में भी दाखिला लिया है इससे मुझे खेल प्रशासन और प्रबंधन की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिल रही है। मैं यह भूला नहीं हूं कि मुझे अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित कर भारत में ल्यूज के उच्च प्रदर्शन निदेशक बनाया गया|"

"मैंने अपने समय का सही इस्तेमाल करते हुए भारत में शीतकालीन खेलों के विकास का अपना लक्ष्य हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।"

कोरोना महामारी के निराशाजनक दौर के बाद स्वागत योग्य बदलाव के रूप में शुरू होने वाले टोक्यो ओलंपिक का दुनियाभर के खेल प्रेमियों के साथ शिवा केशवन भी उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। ल्यूज स्टार का मानना ​​है कि भारतीय एथलीट इस आयोजन में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

"मुझे उम्मीद है कि कोरोना का टीका जल्द ही आ जाएगा और दुनिया कुछ हद तक सामान्य हो जाएगी। मैं टोक्यो ओलंपिक का बेसब्री से इंतजार रहा हूं। इसके साथ ही मैं खेलों की तैयारी कर रहे सभी एथलीटों को शुभकामनाएं देता हूं।"