कोरोना महामारी ने भारतीय गोल्फरों के ओलंपिक में पहुंचने की उम्मीदों को पहुंचाया गहरा आघात- जीव मिल्खा सिंह  

टोक्यो का वातावरण भारतीय गोल्फरों के लिए साबित होगा मददगार 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

महान भारतीय गोल्फर जीव मिल्खा सिंह को लगता है कि शीर्ष स्थान पर रहे भारतीय गोल्फर राशिद खान, शिव कपूर, करणदीप कोचर आदि के पास अगले साल टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का पूरा मौका है।

इसके साथ ही उन्हें लगता है कि कोरोना महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय गोल्फिंग कार्यक्रमों में व्यवधान पैदा होने के कारण उनकी उम्मीदों को तगडा झटका लगा है।

टोक्यो ओलंपिक को 2021 में खिसकाए जाने के बाद अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ महासंघ (IGF) और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने खेलों के लिए योग्यता प्रणाली को अपडेट किया। इस प्रणाली में पुरुष एथलीटों के लिए 21 जून, 2021 तथा महिला एथलीटों के लिए 28 जून, 2021 तक ओलंपिक गोल्फ रैंकिंग (OGR) के लिए अंक अर्जित करने होंगे।

गोल्फ खेलते हुए गोल्फर जीव मिल्खा सिंह

इसके बाद IGF विश्व गोल्फ रैंकिंग के अनुसार पात्रता निर्धारित करने के लिए ओलंपिक गोल्फ रैंकिंग तैयार करेगा। आधिकारिक कट-ऑफ के अनुसार, शीर्ष-15 विश्व वरीयता प्राप्त खिलाड़ी स्वत: ही ओलंपिक खेलने के लिए पात्र होंगे, जिसमें किसी भी देश के अधिकतम चार खिलाड़ी ही शामिल हो सकते हैं।

ऐसे में भारतीय गोल्फरों के पास एक सुनहरा मौका है क्योंकि शीर्ष 200 में से किसी भी एक देश के शीर्ष दो खिलाड़ी ओलंपिक की योग्यता के लिए पात्र होंगे।

जीव ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि "हमें सात महीने का समय मिला, इस दौरान विश्व रैंकिंग में हमारे करीब 10 खिलाडियों ने नाम दर्ज किया। जिनमें शिव (कपूर), एसएसपी चौरसिया, अनिर्बान (लाहिड़ी), शुभंकर शर्मा, राशिद (खान) शामिल हैं। अब यह इस बात पर निर्भर करता है कि इनमें से कौन किस तरह से टूर्नामेंट में खेलता है।"

उन्होंने कहा कि “कोरोना महामारी ने भारतीय गोल्फरों को बहुत चोट पहुंचाई है लेकिन मुझे लगता है जो समझदार हैं वो जल्द ही इससे उबर जाएंगे। उम्मीद है कि एशिया में जनवरी से टूर्नामेंट शुरू होंगे और निश्चित रूप से PGTI में टूर्नामेंट होंगे। आशा है कि ये युवा गोल्फर अच्छा खेल दिखाकर शीर्ष 200 में आने के लिए विश्व रैंकिंग में अंक हासिल कर सकते हैं और ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना सुनिश्चित कर सकेंगे।”

जीव को यह भी लगता है कि टोक्यो का वातावरण भारतीय गोल्फरों के लिए फायदेमंद होगा क्योंकि वहां का गर्म मौसम खिलाडियों के लिए उपयुक्त है।

जीव ने कहा कि “जहां तक गोल्फ की बात की जाय तो जापान में गर्मी ज्यादा होगी। भारतीय (गोल्फर्स) गर्म मौसम का फायदा उठाएंगे, क्योंकि भारतीय मानसून के दौरान ऐसे ही मौसम का अनुभव करते हैं। जहां तक कोर्स की स्थितियों के बारे में बात करें तो ये काफी शानदार होंगी, जिसमें बहुत अधिक खुरदरापन और हरियाली के साथ तेज रोशनी से भरा होगा।”