जनवरी से बुंडेसलीगा में बोरूसिया डसेलडोफ के लिए खेलेंगे शरथ कमल  

वीमा मामले का समाधान निकलने के बाद टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत जर्मनी के लिए भरेंगे उड़ान 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

शरत कमल बुंडेसलीगा में बोरूसिया डसेलडोर्फ की ओर से खेलने के लिए जनवरी में जर्मनी की यात्रा करेंगे। उन्हें राष्ट्रीय शिविर को समापन से पहले ही छोड़कर जाना था, लेकिन वीजा नहीं मिलने के कारण उनकी जर्मनी की यात्रा में देरी हुई।

उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि "मैं 10 जनवरी को जर्मनी के लिए रवाना होने की योजना बना रहा हूं। मुझे वहां खेलने के लिए विजिटर वीजा चाहिए लेकिन जर्मनी दूतावास कोरोना महामारी के कारण वर्तमान में इसे जारी नहीं कर रहा। हालांकि खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के हस्तक्षेप से मुझे उम्मीद है कि यह मिल जाएगा।"

कमल के क्लब में विश्व रैंकिंग में नंबर 10 जर्मनी के टिमो बॉल और 29वीं रैंकिंग प्राप्त स्वीडन के कार्लसन क्रिस्टियन शामिल हैं। 38 वर्षीय शरत फरवरी में भारत वापस लौटेंगे ताकि वो एक बार फिर यूरोपीय राष्ट्र रवाना होने से पहले नेशनल टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भाग ले सकें।

उन्हें लगता है कि "नेशनल्स के प्रस्ताव में भी उच्च प्रतिस्पर्धी मूल्य मिलता है।" इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि "वो बुंडेसलीगा में अपने क्लब के लिए पहली पसंद नहीं थे लेकिन उन्हें शामिल किए जाने के पीछे एक बडा कारण ये भी था कि वो नेशनल्स को छोड़ना नहीं चाहते थे।"

अचंता शरत कमल ने एथेंस 2004, बीजिंग 2008 और रियो 2016 में हिस्सा लिया था।

शरत ने बताया कि "फरवरी के दूसरे सप्ताह में टेबल टेनिस सीनियर नेशनल्स, सोनीपत में आयोजित होगा। अगर वे इसे इससे पहले आयोजित करने की योजना बना रहे हैं, तो मुझे जर्मनी यात्रा के समय में बदलाव करना पड सकता है। नेशनल्स में खेलों की गुणवत्ता काफी अधिक है। ऐसे में मैं इन्हें छोड़ना नहीं चाहूंगा।"

उन्होंने आगे बताया कि "मैं जर्मन लीग में केवल अन्य खिलाड़ी के विकल्प के रूप में खेल रहा हूं। इसलिए मुझे यह भी नहीं पता कि कितने गेम खेलने को मिलेंगे। इसलिए मेरी योजना नेशनल्स के लिए वापस आकर फिर प्रशिक्षण के लिए वापस जर्मनी जाने की है। ताकि टोक्यो गेम्स से पहले कुछ समय वहां बिता सकूं।” 

विश्व रैंकिंग में 32वें स्थान पर कब्जा जमाने वाले शरत पहले से ही सोनीपत में अपने राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ प्रशिक्षण ले रहे हैं और मैच में धार लाने के प्रयास में जुटे हैं जो कोविड-19 के कारण प्रतिस्पधाएं बंद होने से कमजोर पड़ गई थी।

उन्होंने कहा, कि "हमें वहां 40 दिनों से ज्यादा हो गए हैं। इससे पहले भी हम लॉकडाउन के दौरान प्रशिक्षण ले रहे थे। हालांकि दर्शकों की भीड़ और दबाव के बीच मैच खेलना ज्यादा मजेदार होता है।"

टेबल टेनिस के दल को अभी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना बाकी है। जनवरी 2020 में पुर्तगाल में ओलंपिक के लिए आयोजित क्वालीफाइंग इवेंट में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें क्वालीफाई करने में असफल रही। इससे भारत की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा।

अब उनका उद्देश्य एकल और मिश्रित युगल में स्थान सुरक्षित करना है। कोरोना महामारी के बाद अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) ने फिर से अपना कैलेंडर शुरू कर दिया है।