जर्मनी के दौरे में देरी के कारण भी शरथ कमल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए थे बेताब

लम्बे समय तक कोर्ट से बाहर रहने के कारण कमल के लिए जरूरी था टेबल टेनिस चैंपियंस लीग में भाग लेना 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

दिग्गज भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल कोरोना महामारी के बाद पहली बार हाल ही में सोनीपत के दिल्ली पब्लिक स्कूल में संपन्न हुए 42 दिवसीय सीनियर राष्ट्रीय शिविर के दौरान एक्शन में लौटे।

वीजा नहीं मिलने के कारण जर्मनी की यात्रा टालने के बाद कमल के अगले साल ओलंपिक क्वालीफायर की तैयारियों पर भी संदेह की तलवार लटक रही है। जबकि वो टेबल टेनिस चैंपियंस लीग में भाग लेने के लिए जर्मनी जाने के लिए तैयार थे।

चैंपियंस लीग को शीर्ष-रैंक वाले भारतीय पैडलर के लिए अच्छा मंच होने के साथ ओलंपिक-क्वालीफायर के लिए भी सहायक माना जाता था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण कमल को जर्मनी का वीजा नहीं मिल सका। हालांकि उन्होंने सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण से वीजा के लिए विशेष अनुमति देने के लिए बहुत भाग-दौड की।

मैच के दौरान शॉट मारते भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी अंचत शरत कमल

शरत कमल ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि “इस समय जर्मनी के लिए कोई पर्यटक वीजा नहीं मिल रहा। इसलिए मुझे सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से विशेष अनुमति और पत्रों की जरूरत है। इसमें समय लग रहा है। मेरे कागजात तैयार हैं और मैं SAI को फिर से इसे आगे बढ़ाने के लिए आग्रह करूंगा।"

पहले से चल रही टेबल टेनिस चैंपियंस लीग डसेलडोर्फ में बायो-बबल वातावरण में 18 दिसंबर तक चलने वाली है। इस लीग में यूरोप के कुछ शीर्ष खिलाड़ी और क्लब शामिल हैं।

कमल बोरूसिया डसेलडोर्फ के लिए खेलते हैं। उनकी योजना चैंपियंस लीग खेलने के बाद जर्मनी में ही रहकर शीर्ष यूरोपीय पैडलर्स के साथ प्रशिक्षण जारी रखने की थी। कमल के क्लब में दुनिया की नंबर 10 जर्मनी की टिमो बॉल और स्वीडन की 29 वीं रैंकिंग वाले कार्लसन क्रिस्टियन शामिल हैं।

कमल लीग में खेलने के लिए बहुत बेताब थे, क्योंकि उनका मानना ​​है कि शीर्ष खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण बड़ा बदलाव लाएगा। खासकर तब जब वो लंबे समय तक टेनिस कोर्ट में नहीं गए।

शरत ने कहा कि “इससे बहुत बड़ा फर्क पड़ता। जर्मनी में शीर्ष खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण करना मैच की तैयारी जैसा ही है। मुझे जल्द ही इसकी जरूरत होगी, क्योंकि मैंने लंबे समय तक कोई मैच नहीं खेला।”

उन्होंने आगे बताया कि “कैंप ने नींव का काम किया है। मुझे अब अपने बेल्ट के लिए मैच खेलने चाहिए। तकनीकी और व्यावहारिक रूप से जिन चीजों पर काम करना चाहते हैं। उनके बारे में आंकलन और योजना बनाना महत्वपूर्ण है। क्योंकि खेलने के लिए कोई टूर्नामेंट नहीं होने के कारण प्रैक्टिकल तो बिल्कुल नहीं हो रहा। इसलिए मैं चैंपियंस लीग के मैचों का इंतजार कर रहा था।"

टेबल टेनिस दल को अभी टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना बाकी है। जनवरी 2020 में पुर्तगाल में आयोजित क्वालीफाइंग इवेंट में असफल होने के कारण भारतीय पुरुष और महिला टीम की ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की उम्मीदें धराशायी हो गईं थी।

अब उनका उद्देश्य एकल और म्क्सिड डबल के लिए स्थान सुरक्षित करना होगा। कोरोना महामारी के बाद अंतर्राष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) कैलेंडर फिर से शुरू कर दिया है। कमल को टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का दूसरा मौका अगले साल के शुरुआत में मिलेगा।