टोक्यो ओलंपिक में जूरी के सदस्य बनने वाले पहले भारतीय बने पवन सिंह

पवन सिंह को फिर से अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ की जजों की समिति का सदस्य चुना गया है 

लेखक भारत शर्मा ·

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के संयुक्त महासचिव पवन सिंह को फिर से अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ (ISSF) की जजों (निर्णायकों) की समिति के सदस्य के रूप में चुना गया है।

इस पद के लिए ऑनलाइन वोटिंग आयोजित की गई थी और महामारी के कारण पवन को 75 प्रतिशत से अधिक वोट मिलने पर उन्हें फिर से सदस्य के रूप में चुन लिया गया। संयोग से यह पवन के लिए लगातार दूसरा कार्यकाल होगा। इसके साथ ही वह टोक्यो ओलंपिक में जूरी के सदस्य बनने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। ISSF की जजों की समिति के सात सदस्यों के रूप में उनका पहला कार्यकाल दिसंबर 2018 में शुरू हुआ था। वह ISSF समिति के लिए चुने जाने वाले एकमात्र भारतीय भी बने हुए हैं।

सिंह ने एक मीडिया विज्ञप्ति में कहा, "मैं अंतरराष्ट्रीय शूटिंग समुदाय का आभारी हूं, विशेषकर ISSF की प्रशासनिक परिषद के सदस्यों के मुझ पर विश्वास रखने और अंतिम कार्यकाल में किए गए मेरे ईमानदार प्रयासों को स्वीकार करने के लिए।

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संयुक्त महासचिव पवन सिंह 

पवन भारतीय टीम के पूर्व राइफल शूटर और शूटिंग कोच हैं। उन्होंने 1995 में अपने राइफल शूटिंग करियर की शुरुआत की और राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की। भारतीय टीम के साथ उनका कोचिंग कार्यकाल 2007 से 2012 के बीच रहा। 

राइफल शूटर और कोच के रूप में अपने करियर के अलावा, वह नई दिल्ली में आयोजित 2017 ISSF विश्व कप में प्रतियोगिता निदेशक भी थे। उन्होंने 2017 में ISSF द्वारा आयोजित विश्व सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। 

उनके अनुभव में विश्व कप आयोजन के लिए समन्वयक के रूप में काम करना भी शामिल है, जो फरवरी 2017 में एशियाई ओलंपिक क्वालीफाइंग कोटा प्रतियोगिता और 8वीं एशियाई एयरगन चैम्पियनशिप में आयोजित किया गया था। इससे पहले वह राष्ट्रमंडल खेलों, विश्व सैन्य खेलों और राष्ट्रमंडल युवा खेलों के लिए 'जूरी इक्विपमेंट कंट्रोल' का हिस्सा भी रहे हैं। 

उन्हें नवंबर 2017 में इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन द्वारा जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित विशेष प्रशिक्षकों की कार्यशाला के लिए भी चुना गया था।