टाटा स्टील टूर चैम्पियनशिप 2020: गगनजीत भुल्लर ने कड़े मुकाबले के बाद जीता दसवां PGTI खिताब

गगनजीत भुल्लर ने नौ सालों में पहली बार जीती टूर चैम्पियनशिप

लेखक भारत शर्मा ·

जमशेदपुर के बेल्डीह और गोलमुरी गोल्फ कोर्स पर आयोजित टाटा स्टील टूर चैंपियनशिप 2020 में रविवार को खेले गए फाइनल राउंड में दिग्गज गोल्फर गगनजीत भुल्लर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया। भुल्लर ने फाइनल में चार-अंडर-68 का स्कोर करते हुए सप्ताह में कुल 24-अंडर-264 का स्कोर किया। इसी के दम पर उन्होंने अपने दसवें PGTI खिताब खिताब पर कब्जा जमा लिया। टूर पर भुल्लर की पिछले नौ सालों में यह पहली खिताबी जीत है।

1.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि वाली प्रतियोगिता का फाइनल राउंड कपूरथला के भुल्लर, बेंगलुरू के चिक्कारंगप्पा और खलीन जोशी, कोलकाता के शिव शंकर प्रसाद चौरसिया और नोएडा के अमरदीप मलिक के बीच हुए बेहतरीन मुकाबले का साक्षी रहा।

चिक्कारंगप्पा ने अपने चौथे राउंड में 68 का स्कोर करते हुए सप्ताह में कुल 22-अंडर-266 का स्कोर किया और इसके साथ ही वह रनर-अप (उप विजेता) रहे। इस जीत ने चिक्कारंगप्पा को PGTI ऑर्डर ऑफ मेरिट में 11वें से दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया।

इसी तरह खलिन जोशी (69) 21-अंडर-267 के साथ तीसरे स्थान पर रहे। दिन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 67 बनाने वाले कोलकाता के राहिल गंगजी एसएसपी चौरसिया (72) के साथ 20-अंडर-268 का स्कोर करते हुए चौथे स्थान पर रहे। भुल्लर और चौरसिया के साथ तीसरे राउंड के विजेता अमरदीप मलिक (73) 19-अंडर-269 के साथ छठे स्थान पर रहे।

रविवार को 53 में से प्रमुख 27 खिलाड़ियों ने गोलमुरी में अपना पहले हाफ नौ हॉल्स और बेल्डीह में खेले गए दूसरे आफ में नौ हॉल्स खेले।शेष 26 खिलाड़ी पहले बेल्डीह और फिर गोलमुरी में खेले।

टाटा स्टील टूर चैंपियनशिप-2020 की ट्रॉफी के साथ विजेता गगनजीत भुल्लर

32 वर्षीय गगनजीत भुल्लर (69-63-64-68) (यूरोपीय टूर और एशियन टूर दोनों में जीत के साथ 10 अंतरराष्ट्रीय खिताबों के विजेता) ने फाइनल राउंड में पांच शॉट (तीन बोगी और डबल बोगी) मिस करने के बाद भी अपने अनुभव को बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया।

एशियाई टूर पर नौ जीत का भारतीय रिकॉर्ड रखने वाले गगनजीत ने अपने सटीक आयरन और वेज शॉट्स की बदौलत पहले, तीसरे और चौथे होल पर अर्ली बर्डी की कतार के साथ शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। भुल्लर की परेशानियाँ पांचवें दिन सामने आई, जब उन्होंने खतरे को भांगने के बाद डबल बोगी की। इस दौरान वह दो प्रयासों के बाद भी होल्स नहीं खेल पाए।

2006 के दोहा एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का एक हिस्सा रहे गगनजीत ने 11वें हॉल पर एक और बोगी बनाने से पहले आठवें पर 15 फीट के बर्डी रूपांतरण के साथ एक स्ट्रोक वापस खींच लिया। पंजाब के लंबी कद कांठी के इस गोल्फर ने 15वें हॉल पर पेड़ों में उतरने के साथ मुसीबत का सामना करने से पहले 12वें और 13वें स्पॉट पर अपने स्कोर में दो और बर्डी जोड़ ली।

15 होल के बाद भुल्लर चिक्का और जोशी से दो स्थान पीछे थे, लेकिन वह उस समय शीर्ष पर चले गए जब गगनजीत ने 16वें हॉल पर ईगल के लिए चौका लगाया और 17वें पर बर्डी के लिए 20-फुट का शॉट लगाया। जैसे ही चिक्का और जोशी ने 18वें पर बोगी और डबल बोगी के साथ ठोकर खाई, भुल्लर अंतिम हॉल पर एक बराबर के बाद दो-शॉट मार्जिन के साथ खिताब को अपने नाम करने की ओर बढ़ गए।

गगनजीत को इस जीत के साथ 24,24,750 रुपये का चेक मिला है और अब उनकी मौजूदा 807वीं विश्व रैंकिंग में भी बड़ा बदलावा होने की संभावना है। इस जीत के साथ भुल्लर ने पांच आधिकारिक विश्व गोल्फ रैंकिंग (OWGR) अंक अर्जित किए हैं।

भुल्लर ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो मैं इस हफ्ते जीतने की उम्मीद नहीं कर रहा था। इस हफ्ते मेरे लिए पहला लक्ष्य कट बनाना था, लेकिन मैं हर खत्म होते राउंड के साथ बढ़त हासिल करता रहा और चार मजबूत राउंड खेले, जहां मेरा प्रदर्शन बहुत ही बेहतरीन रहा।"

उन्होंने कहा, "मैंने पहले दिन नौ-नौ की शूटिंग की, लेकिन यह 64 का तीसरा राउंड था जिसने मुझे परेशानी में डाल दिया। जब मुझे पता था कि मेरे पास जीतने का बहुत अच्छा मौका है। मुझे इस तथ्य के बारे में पता था कि जब भी मैं हॉल के दिनों में परेशानी में रहा हूं, मैं जीतने के लिए आगे बढ़ा हूं।"

उन्होंने कहा, "मैं राउंड के दौरान उतार-चढ़ाव के बावजूद दिन के अंत में अपने आप पर विश्वास करता था। अंतिम पड़ाव पर ईगल और बर्डी मेरे लिए सही समय पर आए। चंडीगढ़ में मेरी 2011 की जीत के बाद से PGTI में वापसी करना और दौरे पर अपनी पहली जीत दर्ज करना बहुत अच्छा रहा।"

उन्होंने कहा, "मैंने इस महीने PGTI में दो स्पर्धाएं खेली हैं और प्रतियोगिता बहुत तेज रही है जो भारतीय गोल्फ के लिए आने वाली चीजों का एक बड़ा संकेत है। मैं टाटा स्टील को इस शानदार इवेंट के आयोजन करने और भारतीय गोल्फ तथा PGTI को इस मुश्किल समय में अपना समर्थन देने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा।"

जबकि रनर-अप चिक्का ने अपने 68 के स्कोर के दौरान तीन बोगियों के साथ सात बर्डीज की। तीसरे स्थान पर रहे खलिन ने अपने 69 के लिए डबल-बोगी के साथ पांच बर्डीज की।

अन्य प्रमुख नामों में, अनिर्बान लाहिड़ी (68) ने 14-अंडर -274 में 11वां स्थान हासिल किया। इसी तरह PGTI ऑर्डर ऑफ मेरिट का नेतृत्व करने वाले चंडीगढ़ के करनदीप कोचर (72) ने 12-अंडर-276 के साथ 14वें, शिव कपूर (69) ने 10-अंडर-278 के स्कोर के साथ 16वें और ज्योति रंधावा (81) पांच-अंडर-283 के साथ 30वें स्थान पर रहीं।