डेविस कप में भारत के सामने अब फ़िनलैंड की होगी चुनौती

ये एक ऐतिहासिक भिड़ंत होगी क्योंकि डेविस कप के इतिहास में ये पहली बार होगा जब भारत और फ़िनलैंड की पुरुष टीमें आमने सामने होंगी

भारतीय टेनिस टीम को डेविस कप के वर्ल्ड ग्रुप एक में छठी वरीयता हासिल है, और अब उनके सामने 2021 क्वालिफ़ायर्स में जगह बनाने के लिए फ़िनलैंड के ख़िलाफ़ खेलना होगा।

ये मुक़ाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि भारत और फ़िनलैंड दोनों ही टीमें एक समान और संतुलित हैं। अगर खिलाड़ियों की वर्ल्ड रैंकिंग की बात करें तो दोनों ही देशों के सिंगल्स खिलाड़ियों की रैंकिंग में भी ज़्यादा अंतर नहीं है। भारत की ओर से सुमित नागल (Sumit Nagal) की सिंगल्स रैंकिंग 127 है तो फ़िनलैंड के 20 वर्षीय खिलाड़ी एमिल रुसुवोरी (Emil Ruusuvuori) की विश्व रैंकिंग 101 है।

वहीं युगल खिलाड़ियों की रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ी फ़िनलैंड के खिलाड़ियों से थोड़ा ऊपर हैं। रोहन बोपन्ना (37) (Rohan Bopanna) और दिविज शरण (56) (Divij Sharan) के तौर पर जहां भारत के पास दो खिलाड़ी टॉप-100 में शामिल हैं, तो हेनरी कोन्टिनेन (30) (Henri Kontinen) ही फ़िनलैंड में ऐसे खिलाड़ी हैं जिनकी वर्ल्ड रैंकिंग 100 के अंदर है।

रोहन बोपन्ना और लिएंडर पेस की इस जोड़ी ने क्रोएशिया के ख़िलाफ़ भारत को दिलाई थी एकमात्र जीत। तस्वीर साभार: डेविस कप
रोहन बोपन्ना और लिएंडर पेस की इस जोड़ी ने क्रोएशिया के ख़िलाफ़ भारत को दिलाई थी एकमात्र जीत। तस्वीर साभार: डेविस कपरोहन बोपन्ना और लिएंडर पेस की इस जोड़ी ने क्रोएशिया के ख़िलाफ़ भारत को दिलाई थी एकमात्र जीत। तस्वीर साभार: डेविस कप

भारतीय डेविस कप टीम के कप्तान हैं ड्रॉ से ख़ुश

भारतीय टेनिस टीम के नॉन प्लेइंग कैप्टेन रोहित राजपाल (Rohit Rajpal) ने ये स्वीकार किया कि भले ही क़ाग़ज पर हमें एडवांटेज हासिल हो, लेकिन कोर्ट पर लड़ाई आसान नहीं होने वाली।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) से बातचीत में राजपाल ने कहा, ‘’हां ये सच है ड्रॉ हमारे पक्ष में है, लेकिन डेविस कप के वर्ल्ड ग्रुप में कोई भी टीम कमज़ोर नहीं है। हमारे पास तैयारियों के लिए पूरा समय है, मुझे विश्वास है कि हम अगले दौर के लिए क्वालिफ़ाई कर जाएंगे।‘’

इस मुक़ाबले में चार सिंगल्स और एक युगल मैच खेले जाएंगे, जो सितंबर 18-19 या सितंबर 19-20 को होंगे। इस पर आख़िरी मुहर मेज़बान देश को लगाना है, यानी फ़िनलैंड।

इस भिड़ंत के विजेता को 2021 क्वालिफ़ायर्स का टिकट हासिल हो जाएगा, जबकि हारने वाली टीम को वर्ल्ड ग्रुर एक प्लेऑफ़्स में खेलना होगा।

इस साल मार्च में हुए डेविस कप क्वालिफ़ायर्स में क्रोएशिया के ख़िलाफ़ भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था।

प्रजनेश गुणेश्वरन (Prajnesh Gunneswaran) एक कांटे के मुक़ाबले में तीन सेटों में बोरना गोजो (Borna Gojo) से हारे थे, जबकि रामुकमार रामनाथन (Ramkumar Ramanathan) ने भी पूर्व वर्ल्ड नंबर-3 मारिन सिलिच (Marin Cilic) को दो टाई ब्रेक तक ले गए थे।

यहां तक कि उस टाई में भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी लिएंडर पेस (Leander Paes) और रोहन बोपन्ना की जोड़ी को भी युगल मैच में जीत के लिए काफ़ी मेहनत करनी पड़ी थी। लेकिन अब भारतीय टीम के पास एक बार फिर एकजुट होकर इस मुक़ाबले की तैयारी करने का पर्याप्त समय है।

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