भारत को एथलेटिक्स में ओलंपिक स्वर्ण जीतते देखना है मेरी आखिरी इच्छा- मिल्खा सिंह

भारत के एथलेटिक्स दिग्गजों की सूची में सबसे ऊपर नजर आते हैं महान मिल्खा सिंह!

लेखक भारत शर्मा ·

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर भारत के सबसे दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह अपने शानदार करियर के दौरान पसंदीदा 200 मीटर और 400 मीटर स्प्रिंट में अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्डों के साथ ट्रैक एंड फील्ड में देश के लिए प्रेरणा का स्रोत थे। वह पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों में से एक थे, जिन्हें दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ धावकों में गिना जाता है।

उनके द्वारा रोम ओलंपिक की 400 मीटर फर्राटा दौड़ में बनाया गया विश्व रिकॉर्ड अगले 40 सालों तक बना रहा। उन्होंने एशियाई खेलों में चार स्वर्ण पदक जीते थे और राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत एथलेटिक्स का स्वर्ण पदक जीतने वाले वह एकमात्र भारतीय एथलीट थे, लेकिन 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में कृष्णा पूनिया ने डिस्कस थ्रो में पदक जीतकर उनकी बराबरी कर ली।

अपने संन्यास के लंबे समय बाद भी मिल्खा सिंह पूरे भारत के एथलीटों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

हालांकि, उनके करियर की एक दौड़ जो आज भी मिल्खा की याद में ताजा है, वह है रोम ओलंपिक में 400 मीटर का फाइनल। मिल्खा को फाइनल में पहुंचने के लिए इस फर्राटा दौड़ में सबसे पसंदीदा धावक माना गया था। उन्होंने दौड़ की बेहतरीन शुरुआत की और आधी दौड़ तक सबसे आगे, लेकिन बाद में वह रफ्तार को नहीं बनाए रख पाए और आखिर में उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।

केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू

1960 की निराशा उनके दिमाग में अभी भी ताजा है और यह दिग्गज अभी भी ओलंपिक में एथलेटिक्स इवेंट में भारतीय धावक के स्वर्ण पदक जीतने का सपना देख रहा है। यह उनकी आखिरी इच्छा भी है।

मिल्खा सिंह, पीटी उषा, अंजू बॉबी जॉर्ज, श्रीराम सिंह, गुरबचन सिंह रंधावा आदि ने फिट इंडिया कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू से बातचीत के दौरान कहा, "हर किसी को जीवन में कुछ बनने का लक्ष्य तय करना चाहिए। बैडमिंटन में पुलेला गोपीचंद ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्व स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ियों को तैयार किया है। प्रत्येक कोच को उनसे सीखना चाहिए, लेकिन एथलेटिक्स ओलंपिक में मुख्य प्रतियोगिता है। हमने 7-8 अच्छे एथलीट बनाए हैं, लेकिन वो पदक नहीं जीत सके।"

मिल्खा सिंह ने कहा, "ये पांच एथलीट फाइनल में पहुंच गए, लेकिन पदक नहीं जीत पाए। यह मेरी आखिरी इच्छा है (कि भारत एथलेटिक्स पदक जीते)। रोम ओलंपिक से पहले, मैंने 80 अंतरराष्ट्रीय दौड़ लगाई, तिरंगा उठाया और देखा कि राष्ट्रगान गाया जा रहा है। मेरे मन में खुशी के आंसू थे। मैं कहना चाहता हूं कि भारत में एथलेटिक्स में प्रतिभा है। रोम 1960 में, लोगों का मानना ​​था कि अगर कोई 400 मीटर जीतेगा तो वह मिल्खा सिंह होगा (लेकिन ऐसा नहीं हुआ)। मेरी आखिरी इच्छा है कि मैं ओलंपिक में एक युवा खिलाड़ी को एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतते देखना चाहता हूं।"

मिल्खा, अनिल कपूर, भाईचंग भूटिया, मिताली राज और पुलेला गोपीचंद जैसे प्रतिष्ठित एथलीटों के पैनल के साथ फिट इंडिया संवाद की मेजबानी कर रहे रिजिजू ने भारतीयों से फिटनेस को गंभीरता से लेने और एक खेल राष्ट्र बनने का प्रयास करने की अपेक्षा की।

उन्होंने कहा, "मैं हर किसी के फिट इंडिया कार्यक्रम का हिस्सा बनने की कामना करता हूं।"

उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हर कोई फिटनेस के लिए कम से कम आधा घंटा दे रहा है और स्वास्थ्य के लिए सभी को समय देना शुरू करना चाहिए। यह एक नया भारत है और फिटनेस के माध्यम से, हम एक ऐसे देश को ढालने की कोशिश कर रहे हैं जहां हम कह सकते हैं कि नया भारत एक फिट भारत है।"