भारत के ओलंपियनों तक जल्द कोरोना वैक्सीन पहुंचने के प्रयास के बीच WADA कर रहा कोरोना वैक्सीन प्रोटोकॉल की निगरानी

कोरोना वायरस महामारी से पैदा हुई नई चुनौतियों से पार पाने की कोशिश कर रहा है खेल जगत

लेखक Bharat Sharma ·

कोरोना महामारी के दौर में संक्रमण के बचने के लिए बायो-बबल के तहत टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। बायो-बबल के तहत खिलाड़ी और उससे संबंधित अधिकारी बाहरी दूनिया से पूरी तरह से कटे होते हैं और उन्हें किसी अन्य से मिलने की अनुमति नहीं होती है। इसके अलावा टूर्नामेंट को देखने के लिए दर्शकों को भी अनुमति नहीं दी जाती है और खिलाड़ियों का नियमित रूप से कोरोना टेस्ट किया जाता है।

महामारी के बीच खेलों के लिए स्थापित होने वाले नए प्रारूप के तहत 2021 में होने वाला टोक्यो ओलंपिक सबसे बड़ा आयोजन होगा। ऐसे में भारतीय एथलीट इसकी तैयारी शुरू करने के लिए जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन हासिल करने पर जोर दे रहे हैं।

हालांकि, विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) को शीर्ष एथलीटों के लिए वैक्सीन हासिल करने की कोई जल्दबाजी नहीं है और वह वैक्सीन बनाए जाने के तरीके और उसमें काम लिए गए ड्रग्स की जानकारी हासिल करने में लगी हुई है। WADA यह सुनिश्चित करने के लिए वैक्सीन के निर्माण की जानकारी जुटा रही है कि ताकि ओलंपिक के लिए होने वाले डोप टेस्ट में खिलाड़ियों को कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़े। हालांकि, उसे पूरी तरह से भरोसा है कि ऐसा कुछ नहीं होगा।

सभा को संबोधित करते केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू

एजेंसी ने एक बयान में कहा, "एथलीटों को यह आश्वासन दिया जा सकता है कि कोरोना वैक्सीन से विश्व एंटी-डोपिंग कोड के तहत किसी भी तरह से एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन होने की संभावना न के बराबर है। WADA भी बाद में सामने आने वाले वैक्सीनों के परिणामों की जांच करते हुए यह सुनिश्चित करेगा कि वैक्सीन के उपयोग से खिलाड़ियों को किसी भी मुसिबत का सामना नहीं करना पड़े।"

इससे पहले दिसंबर में यूनाइटेड किंगडम फाइजर की कोरोना वैक्सीन को आपात उपयोग की मंजूरी देकर ऐसा करने वाला पहला पश्चिमी देश बन गया था। WADA ने फाइजर और उद्योग के प्रतिनिधि निकाय इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरर्स एंड एसोसिएशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

एजेंसी ने कहा, "WADA इस मामले में उनके साथ लगातार संपर्क में है ताकि वर्तमान में उपलब्ध हो रही विभिन्न वैक्सीनों की सटीक संरचना का पता लगाया जा सके। WADA एथलीटों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद करना जारी रखेगा क्योंकि इससे आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो जाती है।"

इस संदर्भ में, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने पहले संकेत दिया था कि भारत टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाले अपने एथलीटों के लिए जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराने पर जोर देगा। केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इसका संकेत दिया था।

रिजिजू ने PTI को बताया था, "चाहे वह टोक्यो ओलम्पिक हो या कोई बड़ा आयोजन हो रहा हो, ओलंपिक एथलीटों के साथ-साथ सहायक स्टाफ को भी वरियता दी जाएगी, क्योंकि यह समयबद्ध है। हमारे एथलीटों को वरीयता दी जाएगी और हम इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर काम करेंगे।"

बत्रा ने कहा कि IOA ने WADA की सलाह को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह बात कही है। उन्होंने कहा, "हम सराहना करते हैं कि सरकार एथलीटों के बारे में सोच रही है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वैक्सीनों में ऐसी कोई सामग्री न हो जो उन्हें डोप टेस्ट में विफल कर दे। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और WADA ने इस मुद्दे को लेकर विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत की है। हम उनकी सलाह का इंतजार करेंगे।"

भारत पहले ही टोक्यो ओलंपिक के लिए 70 से अधिक स्पॉट हालिस कर चुका है और कई अन्य पर अभी प्रक्रिया जारी है।