भारतीय पुरुष शटलर की नज़र है बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2020 पर

भारतीय पुरुष टीम ने इससे पहले 2016 में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया था, जबकि 2018 में क्वार्टर फ़ाइनल में सफ़र थम गया था

फ़िलिपींस के मनिला में 11 फ़रवरी से बैडमिंयन एशिया चैंपियनशिप 2020 की शुरुआत होने जा रही है, जहां भारतीय बैडमिंटन फ़ैन्स को से बी साई प्रणीत, किदांबी श्रीकांत और युवा शटलर लक्ष्य सेन से काफ़ी उम्मीदें होंगी।

इसके अलावा भारत की ओर से पुरुष एकल में प्रतिनिधित्व करेंगे एच एस प्रणॉय और शुभांकर डे, जबकि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के साथ साथ ध्रुव कपिला और एम आर अर्जुन पर पुरुष युगल की ज़िम्मेदारी होगी।

इस दल के कुछ शटलरों का फ़ॉर्म हाल के दिनों में शानदार रहा है, जिसमें बी साई प्रणीत शामिल हैं जिनके नेतृत्व में बेंगलुरु रैपटर्स ने रविवार की रात प्रीमियर बैडमिंटन लीग 2020 का ख़िताब जीतते हुए अपने ही ख़िताब की रक्षा करने वाली पहली टीम बन गई। जबकि इसी प्रतियोगिता में लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज, चिराग शेट्टी और ध्रुव कपिला ने अपनी अपनी टीम के साथ सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र तय किया था।

भारत इस प्रतियोगिता में ग्रुप बी में शामिल है जहां उनका सामना मलेशिया और कज़ाख़्स्तान के ख़िलाफ़ होगा। हांगकांग और चीन ने इस टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है जिसके बाद भारत के ग्रुप में मलेशिया और कज़ाख़्स्तान आए हैं। इस ग्रुप के बारे में भारतीय बैडमिंटन टीम के कोच सियादत उल्लाह ने बैडमिंटन एशिया को कहा कि ‘’हमें कोई शिक़ायत नहीं है, ये हमारे लिए एक अच्छा ड्रॉ है। हालांकि टॉप स्थान पर रहने के लिए मलेशिया के ख़िलाफ़ एक मुश्किल चुनौती मिल सकती है। इससे पहले जो ड्रॉ था उसमें हमारे साथ चैंपियन इंडोनेशिया थे, लेकिन अब मुझे लगता है कि हमारे पास ग्रुप में शीर्ष आने का एक मौक़ा होगा।‘’

क्वार्टरफ़ाइनल में प्रवेश करने के लिए भारत को ग्रुप में टॉप-2 टीमों में रहना होगा, ये प्रतियोगिता मई में होने वाली एशियन क्वालिफ़ायर्स थॉमस कप का टिकेट भी दिला सकती है। सेमीफ़ाइनल में पहुंचने वाली टीमों को बीडब्लूएफ़ इवेंट के लिए सीधा प्रवेश मिल जाएगा।

मनिला में नहीं होंगी कोई महिला शटलर

इस सीज़न सिर्फ़ भारतीय पुरुष शटलर नज़र आएंगे क्योंकि चीन में जानी कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से महिलाओं ने अपना नाम वापस ले लिया है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (बीएआई) ने एक बयान जारी करते हुए कहा है, ‘’कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरनाक आशंकाओं के कारण आगामी बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के लिए महिला टीम ने नाम वापस ले लिया है।‘’

इससे पहले बीएआई ने एक युवा महिला टीम को भेजने का फ़ैसला किया था जिसमें अश्मिता चालिहा, आकर्षी कश्यप, मालविका बनसोड़ और अश्विनी भट्ट का नाम शामिल था। ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल और पी वी सिंधु ने टोक्यो 2020 की तैयारियों के लिए अपना नाम वापस ले लिया था।

बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2020 के कार्यक्रम

भारत अपने अभियान का आग़ाज़ 11 फ़रवरी को कज़ाख़स्तान के ख़िलाफ़ करेगा, और फिर उनके सामने 13 फ़रवरी को मलेशिया की कड़ी चुनौती होगी। अगर भारत ग्रुप में टॉप-2 टीमों में रहता है तो फिर 14 फ़रवरी को उनका क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबला होगा।

ओलंपिक के लिए क्यों ज़रूरी है बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप

टोक्यो 2020 से पहले वैसे तो प्रत्येक टूर्नामेंट का महत्व बढ़ जाता है, ठीक उसी तरह यहां भी किदांबी श्रीकांत और एच एस प्रणॉय के पास अपने फ़ॉर्म को हासिल करने का एक मौक़ा होगा। ये दोनों ही शटलर प्रीमियर बैडमिंटन लीग में भी नहीं थे।

इस जोड़ी के लिए साल का आग़ाज़ भी अच्छा नहीं रहा था, इंडोनेशिया मास्टर्स और मलेशिया मास्टर्स दोनों ही प्रतियोगिताओं में ये खिलाड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे, लिहाज़ा उनके पास खोए फ़ॉर्म को दोबारा प्राप्त करने का मौक़ा ज़रूर होगा।

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