भारतीय रिले टीम ने पांच बार दुनिया को चौंकाया 

हिमा दास और दुती चंद को महिलाओं की 4x100 मीटर रिले टीम में मिली जगह

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

इस महीने की शुरुआत में घोषणा की गई कि भारत की दो सर्वश्रेष्ठ धावक हिमा दास और दुती चंद को महिलाओं की 4x100 मीटर रिले टीम में शामिल किया गया है क्योंकि ये 2020 टोक्यो ओलंपिक के लिए तैयारी कर रही हैं।

कोरोना महामारी के कारण विश्व एथलेटिक्स ने ओलंपिक के लिए योग्यता को 30 नवंबर तक रोका हुआ था। रिले टीम टोक्यो में अपनी जगह पक्की करने के लिए अगले साल अप्रैल के पहले सप्ताह में थाईलैंड में एशियाई रिले चैंपियनशिप और पोलैंड में विश्व प्रतियोगिता में उतरेगी। 

हिमा, जिन्हें ढिंग एक्सप्रेस के नाम से भी जाना जाता है वो 2018 में IAAF वर्ल्ड U20 चैंपियनशिप में एक ट्रैक इवेंट (400 मीटर) में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट हैं।

फर्राटा दौड़ लगाती धावक हिमा दास

भारत के मुख्य राष्ट्रीय कोच राधाकृष्णन नायर को लगता है कि 2018 का जूनियर विश्व 400 मीटर चैंपियन हिमा अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 50.78 के साथ, 100 मीटर की दौड को 11.50 में पूरा करने में सक्षम है। नायर दुति चंद को भी एक अच्छा एथलीट मानते हैं जो रिले टीम की मदद करेगा। दुति चंद ने 100 मीटर में 11.22 का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

पिछली बार ओलंपिक में भारत की 4x100 मीटर रिले टीम का मुकाबला साल 2000 में हुआ था। हालांकि तब कोई क्वालिफिकेशन राउंड नहीं था, उस समय सरवती डे, रचिता मिस्त्री, विनीता त्रिपाठी और वी जयलक्ष्मी की टीम शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई।

हालांकि, दास और चंद को टीम में शामिल किए जाने से निश्चित तौर पर टोक्यो के लिए क्वालिफिकेशन में टीम की क्षमता बढ़ेगी। ऐसे मौके भी आए हैं जब भारतीय रिले टीम ने मार्की प्रतियोगिताओं में हैरान कर दिया। नजर डालते हैं ऐसे पांच प्रदर्शनों पर।

1984 के ओलंपिक में भारत 4x400 महिलाओं की रिले के फाइनल में पहुंचा

1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भारत के लिए शुरुआती रिले सफलताओं में से एक था। महिलाओं की 4x400 मीटर टीम, जिसमें शामिल एम डी वलसम्मा, वंदना राव, शाइनी अब्राहम और पी.टी. उषा ने 1984 के ओलंपिक में महिलाओं के 4x400 मीटर रिले के अंतिम इवेंट के लिए क्वालिफाई करने के लिए शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि टीम क्वार्टर फ़ाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सकी और सातवें स्थान पर पहुंच गई।

2004 एथेंस ओलंपिक में भारत की महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने नेशनल रिकॉर्ड बनाया

भारत ने एथेंस में 2004 ओलंपिक में महिलाओं के 4x400 मीटर रिले इवेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। राजविंदर कौर, केएम बीनमोल, चित्रा के सोमन और एंकर मंजीत कौर की टीम ने फाइनल में पहुंचने के लिए 3:26.89 समय में दौड पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

हालांकि भारत अंतिम आयोजन के लिए क्वालिफाई करते हुए अमेरिका और ग्रीस के बाद तीसरे स्थान पर रहा लेकिन फिर से फाइनल में सातवां स्थान ही हासिल कर पाया।

एशियाई खेलों में वर्चस्व

एशियाई खेलों में महिलाओं के 4x400 मीटर रिले इवेंट में भारत का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है, भारतीय महिला धावकों ने बुसान में 2002 से हुए आयोजनों में लगातार पांच स्वर्ण पदक जीते हैं।

हाल ही में भारतीय टीम की हिमा दास, एमआर पूवम्मा, सरिताबेन गायकवाड़ और विस्मया वेलुवा कोरोथ ने जकार्ता में 2018 एशियाई खेलों में 3:28.72 समय पर दौड पूरी कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। टीम बहरीन (3: 30.61) और वियतनाम (3: 33.23) में भी आगे रही।

4x400 मीटर मिश्रित रिले टीम ने 2018 के एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता। मोहम्मद अनस, एमआर पूवम्मा, हिमा दास और अरोकिया राजीव की चौकड़ी ने बहरीन (3:11:89) के बाद 3:15:71 के समय के साथ रजत पदक के साथ घर वापसी की।

बहरीन में अयोग्य घोषित होने के बाद प्रमुख मोड तब आया जब टीम ने स्वर्ण पदक पर लक्ष्य साधा।

भारतीय महिलाओं की 4 × 400 मीटर रिले टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में बनाया इतिहास

2010 तक भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में कभी रिले में स्वर्ण पदक नहीं जीता। नई दिल्ली में घरेलू दर्शकों के बीच टीम ने शानदार रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचाा।

महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम में शामिल मनजीत कौर, सिनी जोस, अश्विनी अकुंजी और मनदीप कौर ने 3:27.77 के समय के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि नाइजीरिया 3:28.72 समय के साथ दूसरे और इंग्लैंड 3: 29.51 के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

कई मायनों में यह एक ऐसी टीम द्वारा शानदार प्रदर्शन था, जिससे कभी भी स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद नहीं थी।

इस प्रदर्शन के बाद राष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच बहादुर सिंह ने पीटीआई को बताया कि "हमने दिखाया है कि हम उच्चतम स्तर पर पदक जीत सकते हैं। क्योंकि राष्ट्रमंडल खेलों में एथलेटिक्स प्रतियोगिता उच्च स्तर की है।"

टोक्यो ओलंपिक योग्यता

भारतीय 4x400 मीटर मिश्रित रिले टीम के मोहम्मद अनस, विस्मया, कृष्णा मैथ्यू और नोहा निर्मल टॉम को उम्मीद है कि उन्होंने देश को अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक में जगह दिलाने में मदद की।

2019 में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के लिए पोलैंड और ब्राजील ने 3:16.14 के समय के साथ क्वार्टर खत्म किया, इससे उन्हें टोक्यो ओलंपिक में जगह सुरक्षित करने में मदद मिली।

भारत ने 3: 16.16 समय के साथ बेल्जियम को एक सेकंड के 200वें हिस्से से बाहर कर दिया। भारतीय टीम ने अपने पिछले सीज़न के सर्वश्रेष्ठ 3:16.47 समय में भी सुधार किया।