मैरी कॉम ने निकहत ज़रीन को हराकर रखा ओलंपिक क्वालिफायर में कदम 

2012 ओलंपिक गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली मैरी कॉम ने बीएफआई ट्रायल्स में निकहत ज़रीन को पटकनी दी। 

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कसीदें बहुत गढ़े गए, तर्क वितरकों का सिलसिला चरम पर था। मानों पूरा भारत दो गुटों में बट चुका था लेकिन हर खेल प्रेमी के लिए खेल और उसकी भावना सबसे अहम थी। जी हाँ, 6 बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम और भारतीय उभरती बॉक्सर निकहत ज़रीन के बीच होने वाले मुकाबले की गरमा-गर्मी पूरे देश में दिखी। बीएफआई ट्रायल्स के दौरान दोनों ही दावेदारों ने कड़ी दावेदारी पेश की और बॉक्सिंग रिंग को मानों अपने इशारों पर रखा। हालांकि 28 दिसंबर, शनिवार को हुए मैरी कॉम  और ज़रीन के बीच मुकाबले में अनुभवी मैरी ने 9-1 से जीत को अपने हक में रख बता दिया कि उनकी रगों का खून अभी भी गरम है और वह बॉक्सिंग से अभी भी उतना ही प्रेम करती हैं।

51 किग्रा वर्ग में दोनों ही भारतीय मुक्केबाज़ों का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। इस वर्ग में खेलते हुए अपने पिछले मुकाबलों को 10-0 अपने प्रतिद्वंदी को रौंदते हुए जीता। बीएफआई ट्रायल्स के दौरान मैरी ने 23 वर्षीय ज़रीन के सामने अपने तजुर्बे का प्रयोग करते हुए मुकाबले का फैसला अपने हक में रखा और 2020 ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफायर इवेंट में अपनी जगह भी पुख्ता कर ली। हम आपको बता दें कि टोक्यो 2020 के बॉक्सिंग क्वालिफायर फरवरी में चीन की सरज़मीन पर खेले जाएंगे और वहां जीतने वाले खिलाडियों को जापान में होने वाले ओलंपिक गेम्स में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल सकता है।  

सिमरनजीत की जीत, सरिता देवी के हाथ निराशा

साल 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले लैशराम सरिता देवी को बीएफआई ट्रायल्स में सिमरनजीत कौर के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा। सरिता देवी और सिमरनजीत कौर 60 किग्रा वर्ग में एक दूसरे के साथ भिड़ती दिखाई दीं। सिमरनजीत की स्फूर्ति और सटीक दांव ने उन्हें स्प्लिट निर्णय के चलते विजयी होने में मदद की। इतना ही नहीं इस जीत के साथ सिमरनजीत ने ओलंपिक गेम्स के क्वालिफाइंग राउंड में प्रवेश कर लिया है और अब उनका अगला लक्ष्य 2020 ओलंपिक गेम्स में जगह बनाना होगा।

 वूमेंस बॉक्सिंग के 75 किग्रा वर्ग में पूजा रानी ने नुपुर को पटकनी देकर ओलंपिक क्वालिफायर के लिए अपनी जगह पुख्ता कर ली है। पूजा रानी 2014 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीत चुकीं हैं और पूरे भारत को उनसे आगे आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी आशाएं हैं।

बोरगोहैन भी होंगी ओलंपिक क्वालिफायर का हिस्सा

बीएफआई ट्रायल्स में लॉवलिना बोरगोहैन का दबदबा बना रहा। असम की बोरगोहैन ने ललिता को मात दी और ओलंपिक क्वालिफायर में अपने नाम की मुहर लगा दी। साल 2019 में ओलंपिक गेम्स के क्वालिफायर में कदम रखने के साथ बोरगोहैन ने एआईबीए वूमेंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीता ह। इतना ही नहीं, इसी साल इस इंडियन बॉक्सर ने उमाखानोव मेमोरियल इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

इन सभी के साथ हरियाणा की साक्षी चौधरी ने 57 किग्रा में सोनिया लाथेर को अपने हुनर से मात दी और अब वह भी चीन में ओलंपिक क्वालिफायर राउंड में अपना जलवा दिखाती नज़र आएंगी।