स्पीति वैली जनवरी में करेगा अंडर-20 आइस-हॉकी राष्ट्रीय चैम्पियनशिप की मेजबानी  

एक नई ओपन-एयर स्केटिंग रिंग में होगा प्रतियोगिता का आयोजन

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया जनवरी में हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी के नवनिर्मित ओपन-एयर रिंक में राष्ट्रीय अंडर -20 आइस हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन करेगा। 

इस सप्ताह के शुरु में बर्फ की प्राकृतिक परतों से 51 गुणा 61 मीटर की रिंक का उद्घाटन किया गया था।

यह 3270 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो देश में सबसे ऊंची है। सर्दियों में यहां का तापमान -20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। 

आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव हरजिंदर सिंह ने IANS से कहा, "हम पहली बार हिमाचल प्रदेश में अंडर -20 आइस हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने जा रहे हैं। यह 27 जनवरी से शुरू होगा।"  

सिंह का मानना है कि घाटी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि यह इलाका साल में पांच महीने से ज्यादा समय तक बर्फ से ढका रहता है।

सिंह ने कहा, "आने वाले सालों में यहां स्कीइंग को भी बढ़ावा दिया जाएगा। क्योंकि स्थानीय लोगों में प्रतिभा और उत्साह है। अभी आठ से 20 साल की उम्र के बच्चों को आइस हॉकी में कोचिंग दी जा रही है। इनमें से कुछ को गुलमर्ग के एडवांस कोचिंग शिविर के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।"

आइस हॉकी-पृष्ठभूमि

युवा सेवाओं और खेल विभाग के प्रशिक्षक ओलंपियन स्कल्जैंग दोरजे ने भी सिंह के विचारों को साझा करते हुए कहा कि स्पीति को शीतकालीन खेलों के विकास की भूमि होना चाहिए। 

1996 के समर ओलंपिक में पुरुषों की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में भाग लेने वाले तीरंदाज दोर्जे ने कहा, "यहां बहुत क्षमता है... कम उम्र के हर युवा के पास स्की बोर्ड होता है जिसे उठाकर वो बर्फ से ढकी ढलानों पर निकल पड़ता है। हर घर में स्वदेशी रूप से विकसित स्की ब्लेड होता है। ब्लेड बनाने की कला एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंच रही है।"

पहले काजा में एक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। एक टेनिस कोर्ट को प्रयोग के तौर पर आइस हॉकी रिंक में बदला गया था।

जिला युवा सेवा और खेल अधिकारी जीवान नेगी ने कहा, "आइस हॉकी के प्रति युवाओं का उत्साह देखकर, हमने इस बार की सर्दियों में एक स्थायी रिंक स्थापित करने का फैसला लिया।"

नेगी ने पहले कहा था, “स्पीति में हर बच्चा आइस हॉकी खेलने का सपना देखता है। उनमें पहले से मौजूद प्रतिभा को निखारने के लिए हमने प्राकृतिक कोटिंग से बनी बर्फ की मोटी परतों की 30 मीटर गुणा 60 मीटर आकार की रिंक विकसित करने का फैसला किया।" 

उन्होंने कहा, "पिछले साल 10 फरवरी तक आइस हॉकी सत्र का आयोजन किया गया था। इस बार जब से रिंक पेशेवर रूप में तैयार हुआ तो हमें उम्मीद है कि आइस हॉकी का सीजन करीब ढाई महीने तक चलेगा। इस अवधि में शीतकालीन शिविर और टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे।” 

कोच अमित बेरवाल के नेतृत्व में करीब 165 छात्र अपने कौशल निखार रहे हैं। इनमें से शीर्ष 15 को गुलमर्ग में एडवांस कोचिंग के लिए चुना जाएगा।