13 साल बाद ओलंपिक में भाग लेने को तैयार हैं Zudikey Rodriguez, बेटे की मौत के बाद संभालने में लगा था वक़्त

मैक्सिकन एथलीट ने बीजिंग 2008 में प्रतिस्पर्धा की और अब अपने पहले ओलंपिक अनुभव के 13 साल बाद टोक्यो खेलों का सपना देख रही हैं। Rodriguez टोक्यो 2020 से अपनी आंतरिक शक्ति को खोजने के बारे में बात करती हैं, कि वह कैसे चोटों से लड़ी और अपने जीवन के सबसे बुरे क्षण के बारे में भी - अपने बेटे को खोने के बारे में।

2008 में बीजिंग ओलंपिक खेलों में 4x100 मीटर में प्रतिस्पर्धा करने वाली मेक्सिको की Zudikey Rodriguez Nuñez अब 13 साल बाद टोक्यो खेलों में भाग लेने की उम्मीद कर रही हैं, एक अलग अनुशासन में - 400 मीटर हर्डल्स।

एथलीट ने टोक्यो 2020 को बताया, "मैं महसूस करना चाहती थी कि मेरे पैर हवा में कैसा महसूस करते हैं। मुझे इसमें बहुत मजा आता है। मैं हर्डल्स से प्यार करती हूं।"

"यह एक ऐसा अनुशासन है जिसे आपको प्यार करने की आवश्यकता है क्योंकि यह 400 मीटर के इवेंट से अलग है। 400 मीटर का इवेंट बहुत थकाऊ है। हालांकि, इस इवेंट (हर्डल्स) में - अंतिम दो हर्डल्स हमेशा विशाल होते हैं, वे एक विशाल दीवार की तरह दीखते हैं। आपको इस पल लग सकता है की उन्हें पार करना मुश्किल होगा, लेकिन मेहनत के साथ यह संभव है।

सबसे लंबी हर्डल

Rodriguez ने ऐसी चीजों का अनुभव किया है जिनके लिए कोई प्रशिक्षण आपको तैयार नहीं कर सकता है। वह पहले भी कुछ उच्च बाधाओं से निपट चुकी थी।

लेकिन खेल ने हमेशा उन्हें ताकत दी है।

"खेल ने मुझे एक ताकतवर महिला बना दिया है। न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि भावनात्मक और मानसिक रूप से भी। मैं एक ऐसी व्यक्ति हूं जो आसानी से हार नहीं मानती। मैं बहुत सारी चीजों का सामना कर सकती हूं," उन्होंने कहा।

हालांकि, उनका सबसे बुरा अनुभव 11 साल पहले उनके बेटे - Ethan को खोने का था।

"यह दुर्घटना तब घटी जब मैं एक राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में प्रतिस्पर्धा कर रही थी। मुझे लगता है कि मैंने चार स्वर्ण पदक जीते थे, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि जब मैंने यह खबर सुनी तो इसने मुझे अंदर से तोड़ दिया था।"

"मैं कुछ भी नहीं करना चाहती थी। मैं भागना नहीं चाहती थी। मेरे बच्चे के साथ जो हुआ उससे मैं उभर नहीं पाई।

"तो मैंने भागना छोड़ दिया। यह सबसे सामान्य बात थी जो हो सकती थी। मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहती थी। मैं अपने बेटे को देखना चाहती थी, उससे बात करना चाहती थी, उसके बिना मैं पागल हो रही थी। 

हमें कोई अलग नहीं कर सकता था।

Zudikey Rodriguez Nunes of Mexico reacts after winning gold in the Women's 400m hurdles finals during the Ibero Americanos Caixa 2014 Athletics (Photo by Alexandre Schneider/Getty Images)
Zudikey Rodriguez Nunes of Mexico reacts after winning gold in the Women's 400m hurdles finals during the Ibero Americanos Caixa 2014 Athletics (Photo by Alexandre Schneider/Getty Images)Zudikey Rodriguez Nunes of Mexico reacts after winning gold in the Women's 400m hurdles finals during the Ibero Americanos Caixa 2014 Athletics (Photo by Alexandre Schneider/Getty Images)

लेकिन अंत में, यह खेल था जिसने उन्हें इससे बाहर आने में मदद की। इसने उन्हें एक नया जीवन दिया।

"इस सब के बाद, मुझे लगता है कि समय के साथ आप हर चीज़ का सामना करना सीखते हैं, मुझे यह समझने में वक़्त लगा की वो अब इस दुनिया में नहीं हैं, मुझे आगे बढ़ना होगा," Rodriguez ने कहा।

"मेरा बेटा मुझे दौड़ते हुए देखने का आनंद लेता था, वह मेरा सबसे बड़ा प्रशंसक था। यह याद करते हुए, मैंने अपने आप से कहा, 'अब मैं इस सारे दर्द और दुख को एक ऐसी चीज में बदलने जा रही हूं जो मुझे अपने बेटे के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करेगा।”

अब, हर फिनिश लाइन Ethan को याद रखने का एक और तरीका है।

"अब जब मैं एक फिनिश लाइन को पार करती हूं, तो मैं अपनी उंगली से आकाश की ओर इशारा करती हूं।"

"अब जब भी मैं प्रतिस्पर्धा करती हूं, मैं उसके लिए प्रतिस्पर्धा करती हूं। यही दौड़ने के लिए मेरी प्रेरणा है। मेरी प्रेरणा आकाश से आती है।"

"यह भाग्यशाली है कि मैं खेल में लौट आई। मैं आपको सच कहूं तो शुरुआत में [उस घटना के बाद] मैं पांच मिनट से अधिक समय तक भी ट्रैक पर नहीं रह सकती थी। मैं बस नहीं कर सकती थी। लेकिन धीरे धीरे करके, वो दर्द मेरे जीवन का हिस्सा बन गया और मैंने उसके साथ जीना सीख लिय।

अब मैं इस सारे दर्द और दुख को एक ऐसी चीज में बदलने जा रही हूं जो मुझे अपने बेटे के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करेगा।”

Rodriguez के चरित्र ने भी उनकी वापसी में एक प्रमुख भूमिका निभाई है।

"मैं एक ऐसी व्यक्ति हूं जो हार नहीं मानती। मैं सकारात्मक हूं। मैं अपने दिमाग को इतना प्रशिक्षित कर रही हूं कि यह विश्वास करता है कि मैं इसे क्या बताती हूं। मैं अपने आप को समझाने की कोशिश करती हूं कि मैं ठीक हूं।“।"

Zudikey Nunes Rodriguez and son Ethan
Zudikey Nunes Rodriguez and son EthanZudikey Nunes Rodriguez and son Ethan

कभी अकेला नहीं

Rodriguez ने स्वीकार किया कि वह कभी भी अकेला महसूस नहीं करती हैं। उन्हें जिस शक्ति की आवश्यकता होती है, वह उसी स्थान से आती है, जहाँ से वह दौड़ पूरी करती हैं।

"कौन जानता है कि मेरी ताकत कहाँ से आती है। मैं भी यह समज नहीं पाई। मैं केवल उसके बारे में सोचती हूं कि वह हमेशा मेरे साथ रहे। जब मैं दुखी होती हूं, तो मैं उस दुख को समझती हूं, लेकिन मैं इसे अपने अंदर नहीं आने देती।"

"मैं खुद को दर्द महसूस करने की अनुमति देती हूं, लेकिन हर समय दुखी नहीं होने देती।"

"मैंने खुद को दो साल तक लगातार उस दर्द को महसूस करने दिया। उस समय, मैं एक रोबोट की तरह थी - मैं स्कूल गई, मैंने ट्रेनिंग की... मैंने बहुत सारी चीजें की, इसलिए मुझे सोचने की जरूरत नहीं थी। और मैं जो कर रही थी मुझे उसमें ख़ुशी नहीं मिल रही थी। लेकिन थोड़ा-थोड़ा करके, मैंने फिर से हर चीज़ का आंनद लेना शुरू किया।

"समय के साथ, मुझे ठीक लगने लगा। मैं समझ गई कि वह फिर कभी यहां नहीं होगा। मानसिक रूप से, मैं स्थिर हूं क्योंकि मुझे पता है कि किसी तरह वह मेरे साथ है। मुझे ठीक रहने की जरूरत है क्योंकि इसका मतलब है कि वह जहां भी है - वह ठीक है।"

"अब मुझे विश्वास है की इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। आगे क्या हो सकता है? अब जो भी कुछ होगा, वह कम दर्दनाक होगा। यह मुझे हर दिन मजबूत और मजबूत बनाता है। वह मुझे मजबूत बनाता है और हर समय मेरे साथ है - हर खुश में पल, हर दुख की घड़ी में, हर कदम पर, हर प्रतियोगिता में।”

"अब मुझे विश्वास है की इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। आगे क्या हो सकता है?

अब जो भी कुछ होगा, वह कम दर्दनाक होगा।

टोक्यो के लिए उनकी उम्मीदें

हालांकि, इस समय, उनका उद्देश्य टोक्यो ओलंपिक खेल हैं।

उन्होंने कहा, "एथलेटिक्स में मेरे 21 साल के लंबे करियर में मुझे कई झटके लगे हैं। हर साल मुझे कुछ चोटें आईं। हालांकि, मैंने उन सभी पर काबू पाया और अब मैं अगले साल के ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित हूं।"

अभी, एथलीट अपने fibula में एक फ्रैक्चर से उबर रही हैं, इसलिए खेलों के स्थगन ने उन्हें टोक्यो 2020 के लिए अर्हता प्राप्त करने और बेहतर आकार में रहने के लिए अधिक समय दिया है।

Rodriguez के अनुसार बीजिंग 2008 ने उनकी जिंदगी को कुछ बदलने का काम किया। और अब उनके पास फिर से जीवन बदलने के लिए एक और वर्ष है, लेकिन इस बार एक अलग तरीके से।

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Vivir es volver a recordar 😍

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