1982 एशियाड हॉकी में स्वर्ण पदक विजेता अनुरीता सैनी अपने पीछे छोड़ गई बड़ा शून्य

60 वर्षीय महान खिलाड़ी अनुरीता सैनी का पीलिया के कारण हुआ निधन

लेखक भारत शर्मा ·

भारत की पूर्व महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी अनुरीता सैनी का इस सप्ताह की शुरुआत में 60 वर्ष की आयु में पीलिया बीमारी के चलते निधन हो गया। सैनी 1980 के दशक में भारतीय महिला हॉकी टीम के सितारों में से एक थे और उन्होंने ऑफिसयल के रूप में भी टीम को अपनी सेवा दी थी। उनके निधन से वह अपने पीछे एक बड़ा शून्य छोड़ गई है, जिसे भर पाना शायद ही मुमकिन होगा।

1982 के एशियाई खेलों में अनुरीता एक बेहतरीन मिडफील्डर के रूप में उभरकर सामने आई थी। इस दौरान भारतीय महिल टीम ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। 

*ऐसा रहा था अनुरीता का हॉकी करियर *

अनुरीता का जन्म उत्तर प्रदेश के अयोध्या के पास फैजाबाद में हुआ था। उन्होंने लखनऊ के केडी सिंह स्टेडियम में अपना प्रारंभिक हॉकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। 

लखनऊ में उनका करियर, सुश्री तुला गांगुली की चौकस निगाहों के बीच शुरू हुआ था। उन्होंने बहुत कम उम्र से हॉकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और यह उनके कोच के लिए कोई आश्चर्य की बात नहीं थी कि वह 1982 के एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में अपने लिए जगह बनाने में कामयाब रहीं। महिलाओं की टीम उस इवेंट में पहली बार एशियाड खेलों में गई थी।

अनुरीता की कप्तान और लखनऊ में उनकी होस्टल साथी प्रेम माया ने कहा, "वह मजाकिया होने के साथ-साथ मैदान के बाहर सभी का समर्थन करती थी, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने खेल से समझौता नहीं किया। खेल के प्रति उनका दृष्टिकोण विशेष था। उनकी यही बात अन्य लड़कियों को उनसे सीखने के लिए प्रेरित करती थी।"

एशियाड खेल में स्वर्ण पदक जीतने के बाद साभी खिलाड़ी को गोद में उठाती अनुरीता सैनी

अनुरीता ने अपने खेल करियर से सन्यास लेने के बाद साल 2002 और 2006 के बीच एक सहायक प्रबंधक और प्रबंधक के रूप में भारतीय महिला टीम से जुड़ गई थीं। उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में तकनीकी प्रतिनिधि के रूप में भी काम किया था।

*1982 एशियाड खेलों में अनुरीता का प्रदर्शन *

1982 में 9वें एशियाई खेलों का आयोजन भारत में किया गया था। इसमें भारत का प्रदर्शन अनुकरणीय था। भारत ने 13 स्वर्ण, 19 सिल्वर और 25 कांस्य पदक जीतकर पांचवां स्थान हासिल किया था। उन स्वर्णों में से एक पदक भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीता थी जो अपने पहले एशियाई खेलों में भाग ले रही थी। 

भारतीय महिला टीम ने 1982 के एशियाई खेलों में असाधारण प्रदर्शन किया। टीम में एलिजा नेल्सन, रजिया जैदी, वर्षा सोनी और अनुरीता जैसे सितारे शामिल थे, जिन्हें टीम का प्रमुख सदस्य भी माना जाता था। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत हांगकांग पर 22-0 की जोरदार जीत के साथ की और केवल एक गोल की बदौलत पांच मैचों में 37 गोल किए। उन्होंने अपने सभी मैच जीते और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

यह अभी भी एशियाई खेलों में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। अनुरीता ने टीम में राइट-हाफ के रूप में जगह बनाई थी। उस दौरान उनकी टैकलिंग और पासिंग तकनीक से उन्हें काफी प्रशंसा मिली थी। वह कुआलालंपुर में 1983 विश्व कप में भाग लेने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं। 

1982 के एशियाई खेल चैंपियन हॉकी टीम के कई सदस्यों राजबीर राय, नाज़ शाह, और प्रेम माया ने अनुरीता की असामयिक मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है। 

नाज़ शाह ने कहा, "वह एक अद्भुत इंसान थी और एक मनमोहक साथी भी थी।"