2020-21 पुरुष FIH प्रो लीग में अब तक ऐसा रहा भारत का सफर  

भारत ने लीग में छह में से चार मैच जीते और वर्तमान में पांचवें स्थान पर है।

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

भारत शनिवार को ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ FIH प्रो लीग में अपने अभियान को फिर से शुरू करेगा। जनवरी 2020 में शुरू हुए पुरुष FIH प्रो लीग के 2020-21 संस्करण को कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले साल मार्च में रोक दिया गया था।

कोरोना महामारी के ब्रेक के बाद बेल्जियम को साथ लेते हुए जर्मनी में सितम्बर, 2020 में लीग फिर से शुरू हुई।

यह मनप्रीत सिंह के नेतृत्व वाली टीम के लिए अपनी किस्मत को फिर से जीवंत करने और टोक्यो ओलंपिक से पहले सबसे अच्छा कदम आगे बढ़ाने का मौका होगा। रियो खेलों में अर्जेंटीना ने भारत में परास्त किया था।

प्रो-लीग का दूसरा संस्करण जून, 2021 तक चलेगा, जिसमें नौ टीमें राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट में भाग लेंगी। बेल्जियम वर्तमान में 13 मैचों में 32 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर है। वहीं, 10 अंकों के साथ भारत पांचवें स्थान पर है। 

आइये नजर डालते हैं अब तक के भारत के FIH प्रो लीग अभियान पर:

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह

भारत ने नीदरलैंड को 5-2 से हराया

भारत ने प्रो लीग के दूसरे संस्करण की शुरुआत 18 जनवरी, 2020 को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में नीदरलैंड्स पर 5-2 से जीत के साथ की।

गुरजंत सिंह Gurjant Singh ने मैच के पहले मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, जबकि ड्रैग-फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह (Rupinder Pal Singh) ने 12वें मिनट में इस स्कोर को दोगुना कर दिया। प्रतिद्वंदी टीम के जिप जैनसेन (Jip Janssen) (14वें) और जेरोइन हर्ट्जबर्ग (Jeroen Hertzberg) (28वें) ने स्कोर को बराबर कर दिया।  

तब मंदीप सिंह (34वें) और ललित उपाध्याय (36वें) के तीसरे और चौथे गोल की बदौलत भारत ने मैच को अपने पक्ष में कर लिया और रूपिंदर ने 46वें मिनट में एक और गोल जोड़ते हुए मैच भारत की झोली में डाल दिया।  

*पेनल्टी के माध्यम से नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-1 से जीता मैच  *

दो दिन के भीतर अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने पेनल्टी के माध्यम से नीदरलैंड के खिलाफ 3-1 से जीत दर्ज की। 

2-5 से मिली हार की टीस के कारण नीदरलैंड दूसरे मैच में ज्यादा मजबूती के साथ उतरी। उन्होंने रेगुलेशन टाइम में भारत के साथ 3-3 से बराबरी की, लेकिन पेनल्टी शूट-आउट के दौरान उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

वान डेर वीरडेन मिंक (23वें), जेरोइन हर्ट्जबर्ग (26वें) और ब्योर्न केलरमैन (27वें) ने रेगुलेटर समय में गोल किए। जबकि, ललित उपाध्याय (25वें), मनदीप सिंह (51वें) और रूपिंदर पाल सिंह (56वें) ने भारत के लिए गोल किए थे।

पेनल्टी शूट-आउट के दौरान चार डच खिलाड़ियों में से केवल एक खिलाड़ी मिरको प्रिउसर ही गोल करने में कामयाब रहे।

*बेल्जियम को 2-1 से दी मात  *

भारत ने 8 फरवरी, 2020 को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 2-1 से जीत दर्ज करते हुए विश्व चैंपियंस बेल्जियम के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की।

मनदीप सिंह ने दसरे मिनट में भारत के लिए गोल किया, जबकि गौथियर बोकार्ड ने बेल्जियम के लिए 33वें मिनट में स्कोर को बराबर कर दिया। दोनों टीमों ने उच्च दबाव वाला खेल खेला, लेकिन 46वें मिनट में रमनदीप सिंह ने गोल करके विरोधी के हाथों से जीत छीन ली।

*भारत को बेल्जियम से 2-3 से मिली हार  *

एक दिन बाद ही भारत को बेल्जियम के खिलाफ टूर्नामेंट की पहली हार का सामना करना पड़ा।

अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स (तीसरे) ने पहला गोल किया। जबकि भारत की ओर से विवेक प्रसाद ने 15वें मिनट में बराबरी की।

अमित रोहिदास ने 17वें मिनट में फिर से गोल करके भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन कुछ सेकंड के भीतर ही निकोलस डी केर्पेल ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि, मैक्सिम प्लेनेवाक्स ने 26वें मिनट में गोल करके भारत के हाथों से मैच को दूर ले गये।  

*भारत को ऑस्ट्रेलिया से मिली 3-4 से हार  *

कलिंगा स्टेडियम में 21 फरवरी, 2020 को सीज़न में पहली बार ऑस्ट्रेलिया और भारत की भिड़ंत हुई। 

ऑस्ट्रेलिया के लिए डायलन विम्स्पून (छठे), टॉम विकम (18वें), लाचलान शार्प (41वें) और जैकब एंडरसन (42वें) ने गोल किए। जबकि, भारत की ओर से राज कुमार पाल (36वें, 47वें) और हरमनप्रीत सिंह (27वें) ने गोल किए। 

यह भारत की लीग में लगातार दूसरी हार थी। इसने भारत को तगड़ा नुकसान पहुंचाया।

ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराया

भारत ने अगले दिन ऑस्ट्रेलिया को 3-1 से हराकर जल्द ही अपनी हार का बदला ले लिया।

भारत के लिए पेनल्टी शूट के दौरान हरमनप्रीत सिंह, विवेक प्रसाद और ललित उपाध्याय ने गोल किए, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने अपने चार प्रयासों में से केवल एक बार डैनियल जेम्स बीले ही गोल करने में कामयाब रहे।

रेगूलेशन समय में भारत के लिए रूपिंदर पाल सिंह (25वें) और हरमनप्रीत सिंह (27वें) ने गोल किए। जबकि, ऑस्ट्रेलिया की ओर से ट्रेंट मिट्टन (23वें) और आरान ज़ाल्वेस्की (46वें) ने गोल किए।