भारत के एक और अभिनव शूटिंग में कर सकते हैं देश को गौरवांवित

ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा के नाम वाले अभिनव शॉ भी गौरव प्राप्त करने की राह पर चल पड़े हैं।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

अभिनव बिंद्रा के 2008 में बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, रुपेश कुमार शॉ जो खुद एक शूटर थे और ईस्ट ज़ोन के लिए 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भाग लिया था, उन्होंने उसी साल पैदा हुए अपने बेटे का नाम इसी शीर्ष स्तरीय निशानेबाज़ के नाम पर रखा।

खेलो इंडिया यूथ गेम्स द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने कहा, “अभिनव जिस दिन पैदा हुआ, उसी दिन मैंने तय किया कि वह एक शूटर होगा। अभिनव का जन्म साल 2008 में हुआ था, जिस साल अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड जीता था। हमारे बेटे का नाम महान अभिनव बिंद्रा के नाम पर रखा गया है।"

कहलाते हैं पैदाइशी शूटर

अपने पूर्वानुमान को साकार करने के लिए रूपेश ने सुनिश्चित किया कि उनके युवा बेटे को जरूरी प्रशिक्षण मिले। “मैं अपने बेटे को आठ साल की उम्र में क्लब ले गया और उसकी शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू की। जब वह नौ साल का था, तो उसने 2017 में त्रिवेंद्रम में युवा ट्रायल में भाग लिया। वह 2018 में स्टेट सीनियर चैंपियन बना और फिर उसने खेलो इंडिया गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। हर कोई कहता है कि अभिनव एक पैदाइशी शूटर है।”

11 वर्षीय अभिनव शॉ एक दिन अभिनव बिंद्रा के ओलंपिक स्वर्ण पदक के प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं।

अभिनव का जिक्र करते हुए रूपेश कहते हैं कि उसने 2018 में सीनियर नेशनल में मिश्रित टीम स्पर्धा (युवा और जूनियर वर्ग) में दो स्वर्ण पदक जीते और 2019 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था, जहां उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल अंडर-21 मिश्रित टीम स्पर्धा में मेहुली घोष के साथ जीत हासिल की थी।

वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की उम्मीद

महज़ 11 साल की उम्र में, अभिनव ने अभी तक एक भी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेला है। लेकिन वर्तमान में भारत के ट्रायल (युवा, जूनियर और सीनियर वर्ग) के लिए तैयारी चल रही है, जो इस महीने के अंत में होने वाले हैं।

इसके अलावा जनवरी में होने वाला 2020 खेलो इंडिया यूथ गेम्स होगा, जहां वह 2019 से अपनी सफलता को दोहराते नज़र आएंगे। “खेलो इंडिया यूथ गेम्स युवा एथलीटों के लिए एक अच्छा मंच है। मेरे करियर में मेरी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि 2019 में खेले गए इंडिया यूथ गेम्स में जीता गया गोल्ड मेडल है। प्रतियोगिता बहुत कठिन थी और एथलीट बहुत अच्छे थे” अभिनव ने उत्साहित किया।

खेलो इंडिया यूथ गेम्स का तीसरा संस्करण 10-22 जनवरी तक असम के गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा।