अभिषेक वर्मा ने शूटिंग और लॉ के बीच में संतुलन बनाने का दिलाया भरोसा

दो बार के ISSF वर्ल्ड कप स्वर्ण पदक विजेता अभिषेक वर्मा अगस्त में बार एग्ज़ामिनेशन देने की तैयारी कर रहे हैं और वह साइबर क्राइम में स्पेशलाइज़ेशन करने का इरादा रख रहे हैं।

भारतीय निशानेबाज़ अभिषेक वर्मा (Abhishek Verma) अपने लॉ करियर को फिर से पटरी पर लाने के लिए काफी उत्साहित हैं, लेकिन उन्होंने इस बात की भी योजना बनाई है कि यह उनके शूटिंग करियर को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं करेगा।

10 मीटर एयर पिस्टल स्पेशलिस्ट ने 2017 से ही शूटिंग को काफी गंभीरता से लिया था और वह देखते ही देखते तेज़ी से आगे बढ़ गए। अभिषेक वर्मा ने खुद को भारत के शीर्ष निशानेबाज़ों में से एक के रूप में स्थापित किया है और उम्मीद की जा रही है कि वह अगले साल टोक्यो ओलंपिक में मुक़ाबला करते हुए नज़र आएंगे।

आपको बता दें, अभिषेक वर्मा ने अपने शूटिंग के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी कानून (लॉ) की पढ़ाई को रोक दिया था, लेकिन कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के बढ़ते प्रकोप की वजह से शूटिंग कैलेंडर पर विराम लगा दिया गया है। ऐसे में पिस्टल शूटर अपनी कानून की पढ़ाई को पूरा करने के लिए इस समय का बेहतर इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं।

ओलंपिक चैनल से एक ख़ास बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “महामारी की वजह से हमारी सभी प्रतियोगिताओं में देरी हुई या उन्हें रद्द कर दिया गया है। खुद को व्यस्त रखने के लिए मैं फिर से कोर्ट जाने की सोच रहा हूं, जहां मैं कुछ केस अच्छी तरह संभाल सकता हूं और मेरी डिग्री का भी उपयोग हो जाएगा।”

चंडीगढ़ स्थित शूटर ने हाल ही में बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा से अपना प्रोविजनल एनरोलमेंट सर्टिफ़िकेट हासिल किया है और परमानेंट लाइसेंस के लिए कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "मैंने बार काउंसिल लाइसेंस के लिए भी आवेदन किया है और अगले महीने में मेरी परीक्षा है।"

समय का कर रहे पूरा इस्तेमाल

लॉ प्रैक्टिस को शुरू करना काफी ज़िम्मेदारी का काम है, वर्मा को विश्वास है कि यह किसी भी तरह से उनकी शूटिंग करियर को प्रभावित नहीं करेगा।

वर्मा ने कहा, “2021 में ओलंपिक खेलों के करीब आने के साथ ही मैं अपनी शूटिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित करूंगा और अपने कोर्ट के काम को एक तरफ रखूंगा। मैं उस वक्त अपने अभ्यास सत्र में अधिक समय बिताऊंगा और अपने खेल पर अधिक ध्यान केंद्रित करूंगा। ओलंपिक खत्म होने के बाद, मैं फिर से अपने कोर्ट के काम को फिर से शुरू करूंगा।”

अभिषेक वर्मा ने 28 वर्ष की उम्र में शूटिंग पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया। फोटो साभार: ISSF
अभिषेक वर्मा ने 28 वर्ष की उम्र में शूटिंग पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया। फोटो साभार: ISSFअभिषेक वर्मा ने 28 वर्ष की उम्र में शूटिंग पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया। फोटो साभार: ISSF

2018 एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता वर्मा ने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बी-टेक की भी डिग्री हासिल की है। अब वह साइबर क्राइम में स्पेशलाइजेशन करना चाहते हैं।

वर्मा ने कहा, “मेरी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखें तो मुझे लगता है कि मैं इससे हट गया हूं।”

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