कैसे रोजर फ़ेडरर और कोबी ब्रायंट ने अचंता शरत कमल के ओलंपिक को बनाया ख़ास

भारतीय टेबल टेनिस स्टार अचंता शरत कमल ने तीन बार ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लिया है और तीनों बार ये सफ़र उनके लिए ख़ास रहा है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय टेबल टेनिस स्टार अचंता शरत कमल (Achanta Sharath Kamal) का मानना है कि ओलंपिक गेम्स में शिरकत करना एक बेहतरीन एहसास है। 3 बार के ओलंपियन शरत कमल ने एथेंस 2004, बीजिंग 2008 और रियो 2016 में हिस्सा लिया था। इस खिलाड़ी के हिसाब से सभी संस्करण ख़ास रहे हैं।

पूर्व टेबल टेनिस खिलाड़ी कमलेश मेहता (Kamlesh Mehta) के साथ इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान शरत कमल ने कहा “2004 में मैं बहुत छोटा था लेकिन वो अनुभव अच्छा था। मुझे याद है कि रोजर फेडऱर (Roger Federer) के साथ खाना खाना या कोबी ब्रायंट (Kobe Bryan) के सामने से निकलना बड़ी बात है। यह सभी खेल जगत के बड़े खिलाड़ी हैं और मेरे लिए ये अद्भुत था।”

2004 मे लिएंडर पेस (Leander Paes) से मिलना और बात करना यादगार रहा और उसके बाद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (Rajyavardhan Singh Rathore) से मिलना भी अच्छा रहा। भले मैंने उन्हें पहचाना नहीं लेकिन जब उन्होंने मेडल जीता तो मुझे आभास हुआ कि मैं एक ओलंपिक मेडल विजेता से मिला हूं।”

अचंता शरत कमल ने एथेंस 2004, बीजिंग 2008 और रियो 2016 में हिस्सा लिया था।

बीजिंग में ख़ास ब्रेकफास्ट

भारतीय टेबल टेनिस स्टार अचंता शरत कमल का मानना है कि दूसरे ओलंपिक के लिए वो और ज़्यादा तैयार थे। उन्होंने आगे कहा “2008 में मैं समझ गया था कि ओलंपिक गेम्स एक ख़ास प्रतियोगिता है और इसके लिए तैयारी भी ख़ास लगती है। 2004 में मैं बस सेलेक्ट हो गया था और चीज़ें बहुत तेज़ी से आगे बढीं थीं। जब तक मुझे आभास हुआ कि ओलंपिक है क्या? तब तक वह ख़त्म हो चुका था।”

“2008 में मुझे समझ आ गया था कि इसकी अहमियत क्या है और लोग कैसे अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए स्ट्रगल करते हैं। मेरे पास कम ज़रिए थे, लेकिन उस हिसाब से जितनी मैं कर सकता था उतनी मैंने तैयारी की थी।”

बीजिंग ओलंपिक गेम्स में शरत कमल ने राउंड ऑफ़ 32 तक का सफ़र तय कर लिया था लेकिन उनके जीवन में इससे भी कुछ बड़ा होने जा रहा था।

टेबल टेनिस खिलाड़ी ने आगे कहा कि, “2008 में राठौड़ ने मुझे अपने साथ ब्रेकफास्ट करने के लिए बुलाया। उन्होंने पूरी टेबल टेनिस की टीम को ब्रेकफास्ट पर आमंत्रित किया और हमारे लिए वह सब बहुत ख़ास था। यह आपको प्रेरणा दे जाता है।”

लंदन 2012 में शरत कमल ओलंपिक गेम्स का हिस्सा नहीं थे और इसलिए रियो 2016 उनके लिए ख़ास बना।

“रियो में मुझे ऐसा लगा कि यह मेरा पहला ओलंपिक है।”

लंबे घने बाल और साथ में बैंडेना

लंबे घने बाल और सर पर बैंडना के लिए अचंत शरत कमल में भारतीय खेल में बहुत नाम कमाया, जिसके कारण इस खेल की दुनिया में उनका नाम अदब से लिया जाता है।

अपने इस स्टाइल के बारे में 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले इस टेबल टेनिस खिलाड़ी ने बताया “2004 में मैं यूरोप में था और बाहर जाने से पहले अपने बाल कटवाना भूल गया था। स्वीडन में एक बार बाल कटवाने के लिए आपको 4000 रुपए देने पड़ते हैं। इसी वजह से मैं वहा से तीन-चार महीने बाद बिना बाल कटवाए वापस आया था।"उस समय मेरे पसंदीदा रोजर फेडरर और राफेल नडाल (Rafael Nadal) के भी बाल बड़े थे और वह लोग भी बैंडेना पहनते थे। ऐसे में मुझे लगा कि मैं भी यह कर सकता हूं और यह मुझे पसंद आ गया और उसके बाद यह मेरी पहचान बन गई।””