दुबई क्लासिक गोल्फ़ में भारत की अदिति अशोक ने बिखेरी चमक

भारतीय गोल्फर अदिति अशोक एकमात्र भारतीय रहीं जिन्होंने अंडर-पार स्कोर हासिल किया।

लेखक Rahul Venkat ·

लेडीज़ यूरोपियन टूर (Ladies European Tour – LET) दुबई मूनलाइट क्लासिक में भारतीय गोल्फर अदिति अशोक (Aditi Ashok) ने एग्रीगेट 8-अंडर 208 हासिल कर छठा स्थान पाया। ग़ौरतलब है कि यह विश्व का पहला डे-नाईट टूर इवेंट है।

भारतीय गोल्फर विजेता मिंजी ली (Minjee Lee) से सोर्फ़ दो शॉट पीछे रह गईं थी लेकिन उन्होंने प्रदर्शन में कोई कमी नहीं दिखाई। ग़ौरतलब है कि रियो 2016 ओलंपिक गेम्स में भाग ले चुकी इस खिलाड़ी ने आखिरी बार स्पर्धा अगस्त में NW अर्कांसस चैंपियनशिप (NW Arkansas Championship) में की थी।

शुरुआत में अदिति अशोक को परेशानियों में देखा गया और इसी वजह से वह किसी भी बर्डी को हासिल करने में नाकाम रहीं। पहले ही राउंड में अदिति को 3 ओवर 75 पर देखा गया लेकिन अगले राउंड में उन्होंने इसे भी बेहतर कर दिया।

दूसरे राउंड में भारतीय गोल्फर ने उम्दा प्रदर्शन दिखाते हुए 4 बर्डी हासिल की 3 अंडर 69 का स्कोर भी हासिल किया। इतना ही नहीं इस खिलाड़ी ने तीसरे राउंड में भी अपनी फॉर्म को पकडे रखा और एक बार फिर मानों इनका जोश देखते ही बन रहा था।

23 वर्षीय गोल्फर ने इस राउंड की शुरुआत में ही 2 पार और 4 लगातार बर्डी हासिल की अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी चुनौती देने में जुटीं रहीं। इसके बाद इस खिलाड़ी ने पार-3 (8) पर एक और बर्डी पर कब्ज़ा जमाया और फ्रंट 9 को बखूबी निपटाया।

इसके बाद बैक कोर्स पर अदिति ने 12वें और 13वें होल पर फिर बर्डी हासिल कर खुद को अच्छे मुकाम पर रखा। इसके बाद इस खिलाड़ी के कदम रुके नहीं बल्कि पार-5 (16) में एक ईगल हासिल कर सभी को चौंका दिया। 17वें में एक बोगी के कारण अदिति को टॉप 3 से बाहर होना पड़ा लेकिन साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित हो गया कि उनका नाम टॉप 10 में शुमार होगा ही।

इनके अलावा तीन और भारतीय गोल्फर भी फील्ड पर अपने कौशल की परिभाषा लेकर उतरे थे और वह त्वेसा मलिक (Tvesa Malik), दीक्षा डागर (Diksha Dagar) और आस्था मदान (Astha Madan) । हालांकि दुबई मूनलाइट क्लास्सिक में इन तीनों को मिले जुले परिणाम ही मिले। ऐसा पहली बार हुआ कि LET इवेंट में भारत की ओर से 4 गोल्फर हिस्सा ले रहे हों।

25 वर्षीय त्वेसा मलिक ने एक अच्छे सीज़न को अपने समक्ष रखा है और भारत के बाहर पहली बार टॉप 20 में जगह बनाने में भी सफल रहीं हैं। साथ ही बाएं हाथ ही दीक्षा डगर 11-ओवर स्कोर की वजह से 48वें स्थान पर रहीं।