AFC कप 2021 और AFC चैंपियंस लीग ड्रॉ: जानें, भारतीय क्लबों के शीर्ष प्रदर्शन के बारे में  

एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) दो मार्की महाद्वीपीय क्लब टूर्नामेंट, AFC चैंपियंस लीग और AFC कप के लिए महाद्वीपीय ड्रॉ का आयोजन करने जा रहा है। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

एशियन चैंपियंस लीग का विस्तार 32 क्लब इवेंट से 40 क्लब इवेंट तक हो गया है। क्लबों को 10 ग्रुपों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक में चार टीमों को रखा जाएगा। A से E तक के पहले पांच समूहों में पश्चिमी क्षेत्र की टीमों को, जबकि अन्य पांच समूह में पूर्वी क्षेत्र की टीमों को शामिल किया जाएगा।

पश्चिमी क्षेत्र क्लब गोवा FC के लिए एक विशेष क्षण होगा, क्योंकि वो मार्की इवेंट के ग्रुप स्टेज पर खेलने वाला पहला भारतीय क्लब बन जाएगा। गौर्स ने 2019-20 के इंडियन सुपर लीग (ISL) ग्रुप चरण में शीर्ष पर स्थान हासिल कर इस प्रतिष्ठित लीग के लिए स्थान पक्का किया था। 

ISL के माध्यम से ATK मोहन बागान ने AFC कप में खेलने के लिए जगह बनाई है। AFC कप के लिए क्वालीफाई करने के लिए बेंगलुरू FC को प्ले-ऑफ में मुकाबला करना होगा।

ATK मोहन बागान ने 2019-20 में मोहन बागान की I-लीग में जीत दर्ज करके AFC कप मुख्य ड्रा में स्थान पक्का किया था। हालांकि बाद में ISL में कोलकाता जाइंट का ATK में विलय हो गया और जिसका नाम ATK मोहन बागान रखा गया। इसे ग्रुप-F में रखा गया है।

आइए नजर डालते हैं AFC कप में भारतीय क्लबों के तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों पर।

डेम्पो SC के कोच अरमांडो कोलाको जिन्होंने AFC कप 2008 के सेमीफाइनल में गोवा का नेतृत्व किया था।

डेम्पो SC- 2008 का सेमीफाइनल

गोवा की डेम्पो SC ने 2000-07 के मध्य में प्रगति की थी। इससे पहले 2006-07 में उन्होंने नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) के माध्यम से 2008 के AFC कप के लिए क्वालीफाई किया था। 2006 में समूह चरण में पहुंचने का उनका पहला प्रयास असफल रहा, लेकिन दूसरी कोशिश में आर्मेंडो कोलाको के मार्गदर्शन में उन्होंने महाद्वीपीय प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

उन्होंने गोवा के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अपने पहले मैच में अल-अंसार की मेजबानी की और लेबनान के प्रतिद्वंदियों को 3-1 से हराया। रैंटी मार्टिन्स ने उत्कृष्ठता के साथ गोल किया, जबकि चिडी ईडीह ने भी स्कोर किया था। 

अगला मैच ओमान के सुर स्पोर्ट्स क्लब में हुआ, लेकिन एक साहसिक मुकाबले में उन्हें 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। रैंटी मार्टिंस ने एक बार फिर गोल करने में सफलता हासिल की। 

तीसरे मैच में अल-मुहर्रैक ने उन्हें 4-0 से हरा दिया। बहरीन के क्लब के हमलावर इरादों का उनके पास कोई जवाब नहीं था। इस तरह उन्हें लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा।

इस हार का बदला लेते हुए डेम्पो SC ने उन्हें 2-1 से हरा दिया। एक बार फिर मार्टिंस के गोल से उन्हें तीन अंक हासिल करने में मदद मिली।  

उनका अगला लक्ष्य बेरुत का चुनौतीपूर्ण दौरा था, जहां उन्हें अल-अंसार से मुकाबला करना था। मार्टिंस के एक और गोल की मदद से वो मुकाबला 1-1 से ड्रॉ करने में सफल रहे।

अपने आखिरी ग्रुप स्टेज मैच में उन्होंने घरेलू मैदान पर सुर एससी को 5-2 के स्कोर के साथ हराया। मार्टिंस और चिडी ने दो-दो गोल किए, जबकि क्लाइमेक्स लॉरेंस ने पांचवां गोल दागा।

छह मैचों में 10 अंक के साथ ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम के रूप में डेम्पो ने क्वालीफाई किया। क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर के होम यूनाइटेड के खिलाफ पहले चरण में मुकाबला 1-1 से ड्रा रहा था।  

पंजिम के क्लब ने आक्रामक मुकाबले में 90 मिनट के बाद जीत दर्ज की। डेम्पो को आगे लाने में मोवबो को सिर्फ एक मिनट का समय लगा, लेकिन उनकी यह खुशी कुछ समय की थी, क्योंकि पेरेस डी ओलिविएरा ने 13वें मिनट में गोल करके मैच को बराबरी पर ला दिया। 

हालांकि, बेटो ने 23वें मिनट में डेम्पो को फिर से आगे कर दिया, लेकिन इंद्र सहदान ने तेजी से दो गोल करके पहली बार यूनाइटेड को मैच में आगे ला दिया। 

स्कोर को बराबरी पर लाने के लिए लॉरेंस ने तेजी से जवाब दिया और बेटो ने 83वें मिनट में गोल करके डेम्पो को सेमीफाइनल में पहुंचाया।

सेमीफाइनल में उन्होंने लेबनान के सफा एससी का सामना किया। भारतीय पक्ष और साफा के मैच की गुणवत्ता का कोई मेल नहीं था, इस कारण उन्हें मुकाबले में 5-1 से मात मिली। एएफसी कप अभियान की शुरुआत में उन्हें घरेलू मैदान पर 4-1 से मात मिली थी।

अल कुवैत SC के खिलाफ मैच खेलती पूर्वी बंगाल की टीम।

पूर्वी बंगाल- 2013 का सेमीफ़ाइनल

पूर्वी बंगाल ने डेम्पो के 2008 अभियान की तरह साल 2013 के AFC कप सेमीफाइनल में जगह बनाई। ट्रेवर मॉर्गन द्वारा प्रशिक्षित पूर्वी बंगाल ने अपने अभियान की शुरुआत कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में सेलांगर पर एक धीमी जीत के साथ की थी।

अपने अगले मैच में उन्होंने घर से दूर साई गोन ज़ुआन थान के खिलाफ डॉ खेला था। उन्होंने अपनी ग्रुप चरण की पहली जीत घर से दूर जाकर टैम्पाइन्स रोवर्स के खिलाफ 4-2 से हासिल की थी। एंड्रयू बैरिसिक और एडी एडह स्ट्राइकिंग ने उन्हें तीन अंक दिलाने में मदद की।

ईस्ट बंगाल ने रिवर्स फिच के साथ खेले गए मैच में एडे चिडी और राल्ते के गोल के दम पर 2-1 से बेहतरीन जीत हासिल की।

इसके बाद बंगाल ने मलेशिया में सेलांगोर के खिलाफ खेले गए अपने अगले मैच में 2-2 से ड्रॉ किया। पेन ओरजी और राल्ते ने रेड और गोल्ड्स के लिए स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज कराया।

हालांकि, ग्रुप चरण के अंतिम मैच में बंगाल ने साई गॉन को 4-1 से हरा दिया। ओरजी ने दो गोल दागे, जबकि चिडी और बैरिसिक ने एक-एक गोल दागा।

इसके बाद प्री क्वॉर्टर फाइनल में पूर्वी बंगाल ने यांगून यूनाइटेड को 5-1 के बड़े अंतर से धूल चटाई। इस मैंच में ईडीह चिडी ने हैट्रिक बनाई जबकि ओरजी और मेहताब हुसैन एक-एक गोल दागा।

क्वार्टर फाइनल में उनका सामना इंडोनेशिया के वीमेन पडांग से हुआ। रियाजी सुओका ने 1-0 की जीत में पूर्वी बंगाल के लिए पहले चरण का बेहतरीन गोल किया। रिटर्न लेग में जेम्स मोगा इक्वलाइज़र ने कोलकाता के दिग्गजों के लिए पहले 1-1 से ड्रा और फिर 2-1 से जीत सुनिश्चित की। ऐसे में बंगाल AFC कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी भारतीय टीम बनी थी।

सेमीफाइनल में उन्होंने अल-कुवैत का सामना किया और उन्हें पहले हाफ में 4-2 से पीछे कर दिया। कुवैती टीम ने पहले 50 मिनट में ही चार गोल दाग दिए, लेकिन पूर्वी बंगाल ने वापसी की उम्मीदों में दो गोल दाग दिए। लेकिन कोलकाता में विरोधी टीम की ओर से किए गए तीन अधिक गालों ने उनके सफर को थाम दिया।

2016 AFC कप सेमीफाइनल के दूसरे हाफ में JDT के खिलाफ गोल दागने के बाद बेंगलुरू FC की टीम।

बेंगलुरू FC- 2016 का फाइनल

बेंगलुरू FC ने साल 2016 में AFC कप के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रचा था। वह ऐसा करने वाला भारत का पहला क्लब था। ब्लूज़ तब एक नया क्लब था और उसके गठन को महज तीन साल हुए थे। इसके बाद भी वह सुनील छेत्री, यूजीनसन लिंगदोह और सीके विनेथ के बेहतदीन प्रदर्शन के दम पर इस बहुचर्चित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गया था।

बेंगलुरू की टीम अभियान की शुरुआत शानदान अंदाज में नहीं कर पाई थी। उसे पहले ग्रुप चरण में लाओ टोयोटा FC से 2-1 तथा बाद में जोहर दारुल ताजीम से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

इसके बाद छेत्री के स्ट्राइकिंग खेल ने उसे म्यांमार के अय्यावाडी यूनाइटेड को हराने में मदद की। उन्होंने इसके बाद विनीथ, अल्विन जॉर्ज और लेन डोंगल के साथ 5-3 से जीत हासिल की।

इसी तरह बेंगलुरू ने यूजीनसन लिंगदोह के दमदार प्रदर्शन की बदौलत लाओ टोयोटा FC को 2-1 से हराया और अंतिम ग्रुप मैंच में जोहोर को हराकर ग्रुप की दूसरी टीम के रूप में नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई किया।

बेंगलुरु ने प्री क्वॉर्टर फाइनल मुकाबला हांगकांग के कीचे FC के खिलाफ खेला था। छेत्री ने क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर के टैम्पाइन्स रोवर्स के खिलाफ बेहतरीन गोल दागते हुए टीम को 3-2 से जीत दिलाई।

क्वार्टर-फ़ाइनल के पहले चरण में सीके विनेथ की स्ट्राइकिंग बेंगलुरू के लिए 1-0 की कुल जीत के बाद सेमीफाइनल में जाने के लिए पर्याप्त थी।

सेमीफाइनल में बेंगलुरू का मुकाबला जोहोर के खिलाफ हुआ था। जिसके खिलाफ उसे ग्रुप स्टेज में दो बार हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, लिंगदोह की स्ट्राइकिंग की बदौलत वह मलेशिया में पहले चरण में 1-1 की बराबरी करने में सफल रहे।

दूसरे चरण में, छेत्री ने एक डबल स्कोर किया और जुआनन ने नेट के पीछे पाया जिससे उन्हें 3-1 से जीत दर्ज करने और फाइनल में एक ऐतिहासिक स्थान हासिल करने में मदद मिली। हालांकि, खिताबी मुकाबले में बेंगलुरू को इराक के अल क्वावा अल जवाया से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। यह एक उपलब्धि थी जिसने भारतीय क्लबों की ताकत को दुनिया के सामने रखा था।