AFI ने एथलेटिक नेशनल्स के प्रतिभागियों की छटनी के लिए प्रवेश के मापदण्डों को बनाया कठोर  

कोरोना वायरस महामारी से एथलीटों की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया ये कदम

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

आगामी राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में भी कोरोना महामारी का प्रभाव नजर आने वाला है, क्योंकि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने प्रतिभागियों की संख्या को कम करने के लिए सीनियर और जूनियर वर्ग के दोनों आयोजनों के लिए क्वालिफाइंग के न्यूनतम मानदण्ड को बढ़ाने का निर्णय लिया है।

कम एथलीटों के साथ AFI के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय की ओर से जारी की गई कोविड-19 गाइडलाइन की पालना कराना आसान होगा।

यह निर्णय एक उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में गाइडलाइन से समझौता किए बिना बचाव के उपाय के रूप में लिया गया था। हालांकि यह कदम अस्थायी है और कोरोना के हालातों में सुधार होने पर इसमें बदलाव किया जा सकता है।

AFI के परिपत्र में लिखा है, “स्थिति सामान्य होने तक समय-समय पर आयोजित होने वाले प्रवेश मानक और आयोजनों का मूल्यांकन किया जाएगा।“

AFI के अध्यक्ष एडिले सुमिरवाला ने तर्क दिया कि एथलीटों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। इसलिए यह सबसे अच्छा तरीका है।

उन्होंने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “यह ओलंपिक का साल होने के कारण हम प्रतिस्पर्धा का स्तर उच्च रखना चाहते हैं। इसके साथ ही हम एथलीटों के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डालना चाहते। हमने प्रवेश मानक को और ज्यादा कठिन बना दिया है, ताकि वहां उच्च गुणवत्ता की प्रतिस्पर्धा हो। बहुत विचार-विमर्श के बाद हमने यह निर्णय लिया।"

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य प्रतिस्पर्धा करने के लिए ओलंपिक के लिए बेहतरीन एथलीट देना है, लेकिन हम ज्यादा संख्या में एथलीटों को मौका नहीं देना चाहतें। अब तक अन्य सभी खेलों में कोविड संक्रमित मामले सामने आये लेकिन एथलेटिक्स सबसे बड़ी टीम होने के बावजूद हमने ऐसा नहीं होने दिया। हमारे लिए एथलीटों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है।"

हालांकि, प्रतियोगिता के दिनों की संख्या पहले जितनी ही रहेगी। इसको लेकर महासंघ द्वारा एक विस्तृत SOP तैयार की जा रही है जिसमें विस्तार से बताया जायेगा कि आयोजन के दौरान एथलीटों का प्रबंधन कैसे किया जाएगा।

“हमारे पास पर्याप्त हीट्स नहीं होंगे। अपने किट के साथ खिलाड़ियों को अगले सेट की अनुमति देने से पहले प्रतियोगिता के क्षेत्र को साफ करने की अनुमति मिलेगी। एक समय में केवल एक ही आयोजन होगा। हम एक-एक करके एथलीटों को भेजेंगे। यह भी सोचा गया है कि आयोजन से पहले और बाद में मैदान में भीड़ नहीं हो।“

इसके अलावा, नेशनल्स में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों के पास कोविड नेगेटिव सर्टिफिकेट होना चाहिओलंपिक की उम्मीदों के लिए प्रतिस्पर्धा और प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त समय की मांग करने वाले अधिकारी ने कहा, “मैंने सरकार से हमारे एथलीटों को जॉब देने का आग्रह किया जो क्वालीफाई कर चुके हैं या क्वालीफाई कर सकते हैं।“

15-17 जनवरी को होने वाले जूनियर फेड कप में पहली बार नये क्वालीफाई मानकों को लागू किया जा सकता है।ए।