कोरोना को मात देने के बाद पारूपल्ली कश्यप करियर को 2-3 साल लम्बा खींचने की कर रहे तैयारी  

शानदार बैडमिंटन खिलाडी का मानना ​​है कि आने वाली प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन उसका भविष्य तय करेगा 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

स्टार भारतीय शटलर पारुपल्ली कश्यप ने कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद इस महीने के शुरू में एक बार फिर ट्रेनिंग कोर्ट में प्रवेश किया। यह उनके लिए मुश्किल वक्त रहा है क्योंकि इस वायरस के संक्रमण के कारण उन्हें करीब तीन सप्ताह तक अभ्यास से दूर रहना पडा था।

कश्यप को उनकी पत्नी और साथी बैडमिंटन खिलाडी साइना नेहवाल के साथ होम आइशोलेशन में रहना पड़ा। उन्होंने खुलासा किया कि उनके अंदर कोरोना के हल्के लक्षण थे इसलिए वे जल्द ही ठीक हो गए।  

कश्यप ने News18 को बताया, "10 दिन पहले ही हम (साइना नेहवाल और कश्यप) कोविड-19 से रिकवर हुए हैं। हमारे अंदर तीन दिन ही लक्षण नजर आये इसके बाद हम सामान्य हो गए। आठवें दिन हमने टेस्ट कराया तो रिपोर्ट नेगिटिव आई, यह हमारे लिए बहुत निराशाजनक था। साइना का कोरोना टेस्ट नेगिटिव आने के कारण उन्हें भी मेरी तरह बैडमिंटन कोर्ट से दूर रहना पडा।"

कश्यप ने कहा, "हम अन्य लोगों की तुलना में बहुत बेहतर स्थिति में थे। अस्थमैटिक होने के कारण मैं थोड़ा सा घबराया हुआ था क्योंकि खांसी के कारण परेशानी बढ़ सकती थी लेकिन डॉक्टर ने बताया कि मेरे लिए ज्यादा परेशानी वाली बात नहीं है। हमें कुछ एंटी—वायरल दवाएं दी गईं, जिनके कारण हमें भूख बहुत लगती। हम भूख पर नियंत्रण भी नहीं रख पाते, इससे हमारा वजन कुछ किलो बढना तय था लेकिन शुक्र है कि इसने हमारे शरीर पर ज्यादा प्रभाव नहीं डाला।"

एक बेडमिंटन मैच के दौरान पारूपल्ली कश्यप

"हमने इस सप्ताह से अन्य खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण शुरू कर दिया।"

2020 का मुश्किल वक्त जिसमें महामारी के कारण खेल प्रतियोगिताओं को रद्द कर दिया गया। उन्हें उम्मीद है कि नए साल में कुछ बेहतर होगा। 

कश्यप ने कहा, "नये साल में कोरोना का टीका मिलने की उम्मीद है जिसके बाद सब कुछ सामान्य हो जाएगा। स्थिति पहले जैसी होने में छह माह का समय लगेगा। अब हम धीरे—धीरे मुश्किल वक्त को भुलाकर फिर से तैयार होकर आगे बढ़ रहे हैं।"

कश्यप के 2012 लंदन ओलंपिक में प्रदर्शन से देश का मान बढाया। इस उपलब्धि के साथ वो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष शटलर बने गए। 

इसके बाद से उन्होंने बडे स्तर पर अच्छा प्रदर्शन जारी रखा। हालांकि वह इस बात को भी जानते हैं कि उनकी शारीरिक स्थिति वैसी नहीं है जैसी पहले हुआ करती थी।

34 वर्षीय इस बैडमिंटन खिलाड़ी ने कोर्ट में वापसी करने के बाद एक कदम उठाया है। उन्होंने बैडमिंटन में अपना करियर लम्बा खींचने के मुताबिक एक कार्यक्रम तैयार किया है।

उन्होंने कहा, "पिछले कुछ सालों में मैंने अपने शरीर में कई बदलाव देखे हैं। मैं अपने करियर को लम्बा खींचने के लिए खुद को फिट रखने के सबसे अच्छे तरीके तलाश रहा हूं। अपने करियर को 2—3 साल तक आगे बढ़ाने का काम बडा है जिसे मुझे अगले 2-3 महीनों के अंदर पूरा करना है।" 

उन्होंने आगे कहा, "जिस तरह से मैं 2019 में आगे बढा था। उससे मुझे लगता है कि मैं आगे भी खेल सकता हूं और अच्छे परिणाम हासिल कर सकता हूं। हाल ही में काफी मुश्किल वक्त गुजरा है जब हमें यह भी पता नहीं था कि हम प्रशिक्षण कब शुरू कर पाएंगे। जब टेनिंग शुरू की तो भी प्रगति बहुत धीमी हो रही थी। टूर्नामेंट स्थगित होते रहे और छोटी सी परेशानी के कारण मैं डेनमार्क ओपन में नहीं जा सका।"

अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित कश्यप ने 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता है। वह वर्तमान में भारत में तीसरे और दुनिया में 24वें स्थान पर हैं।