चैंपियन एंडामलाक बेलिहू की नज़र दिल्ली हाफ मैराथन जीतने पर 

इथियोपियाई एथलीट दिल्ली हाफ मैराथन इवेंट में भाग लेने से पहले अपनी गलतियों को सुधार कर 2014 में बने रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश करेंगे।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

इस इथियोपियाई एंडामलाक बेलिहू (Andamlak Belihu) एथलीट ने भारत में तीन रेसों में भाग लिया है और तीनों में ही उन्होंने जीत हासिल की है। इन तीन जीत में दो जीत दिल्ली हाफ मैराथन में ही आई थी। ग़ौरतलब है कि उन्होंने इस इवेंट को 2018 और 2019 में अपने नाम किया था। वही एक जीत उन्हें बेंगलुरु में हुई TCS वर्ल्ड 10K रेस के दौरान नसीब हुई।

गुरूवार को हुई प्री प्रेस कांफेरेंस में एंडामलाक बेलिहू ने कहा “मैं अच्छी ट्रेनिंग कर रहा हूं। वर्ल्ड हाफ मैराथन चैंपियनशिप में अपने 5वें स्थान से में बहुत निराश हूं। हालांकि अब मैं एक अच्छी लय में हूं और मुझमे आत्मविश्वास भी है।”

पिछले साल यह युवा धावक रिकॉर्ड बनाते बनाताए रह गया था। गुए अडोला (Guye Adola) ने 2014 संस्करण में 59:06 की बहेतरीन टाइमिंग की वजह से रिकॉर्ड स्थापित किया था लेकिन यह रिकॉर्ड बेलिहू तोड़ सकते थे अगर वह रेस को 4 सेकंड पहले पूरा कर लेते।

मीडिया से मुख़ातिब होते डिफेंडिंग चैंपियन एंडामलाक बेलिहू और मुक्तर एड्रिस। तस्वीर साभार ADHM मीडिया।

असल खिलाड़ी वही है जो अपनी खामियों को खूबियों में बदले और अपनी गलतियों को सुधारे। बेलिहू ने भी कुछ ऐसा ही करने की साझी है और इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा “यहां पर परिस्थितियां अच्छी ही होती हैं। पिछले साल भी मैं रिकॉर्ड के बेहद नज़दीक पहुंच गया था लेकिन अंत मैं मैं उसे पार नहीं कर पाया। इस बार मैं कोर्स का रिकॉर्ड बेहतर करना चाहूंगा।”

एंडामलाक बेलिहू को 5000 मीटर में दो बार के वर्ल्ड चैंपियन मुक्तर एड्रिस (Muktar Edris) का भी सामना करना पड़ेगा। 26 वर्षीय मुक्तर एड्रिस अपनी डेब्यू रोड रेस के लिए तैयार हैं। हालांकि अब जब टोक्यो ओलंपिक गेम्स में एक साल का समय भी नहीं रह गया है तो ऐसे पड़ाव पर आ कर मुक्तर एड्रिस का 5000 मीटर से रोड रेस में आना चौंकाने वाला निर्णय भी माना जा रहा है।

इस विषय पर एड्रिस कहा “मैं काफी समय से रोड रेस में भाग लेने की सोच रहा था। हाँ, टोक्यो ओलंपिक मेरा लक्ष्य है लेकिन मेरा यह सीज़न अच्छा नहीं रहा है। बहुत से इवेंट रद्द कर दिए गए हैं। मुझे पता लगा कि यह रेस होने जा रही है तो मुझे लगा कि क्यों न इसमें भी भाग लिया जाए। यहां पर दौड़ना ओलंपिक गेम्स के लिए तैयारी भी कहलाई जाएगी।”

ऐसे में सभी धावकों के लिए परिथितियाँ अच्छी होंगी और इस खेल के सीज़न की भी शुरुआत इस इवेंट से होने जा रही है।