लिएंडर पेस को कोचिंग देने वाले भारतीय टेनिस दिग्गज अख्तर अली का निधन

अख्तर अली ने अपने कोचिंग के दिनों के दौरान लिएंडर पेस, रमेश कृष्णन, विजय और आनंद अमृतराज जैसे भारतीय टेनिस दिग्गजों को कोचिंग दी थी।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी (Indian Tennis Player) और दिग्गज कोच अख्तर अली (Akhtar Ali) का निधन हो गया है। वो 81 साल के थे।

अख्तर अली पार्किंसंस रोग और डिमेंशिया सहित उम्र के साथ बढ़ती संबंधित मुद्दों से पीड़ित थे। हाल ही में दो सप्ताह पहले उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां प्रोस्टेट कैंसर का पता चला था। उन्होंने रविवार को अहले सुबह 2:30 बजे अंतिम सांस ली।

डॉक्टरों ने उनके अन्य स्वास्थ्य मुद्दों के कारण कैंसर के उपचार के लिए सलाह नहीं दी थी।

अर्जुन अवार्डी अख्तर अली ने 1955 में जूनियर राष्ट्रीय खिताब जीतने के बाद भारतीय टेनिस में धूम मचाना शुरू कर दिया।

अख्तर अली तब जूनियर विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुंचे थे और 1958 से 1964 तक डेविस कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। जहां उन्होंने 9-2 से जीत दर्ज की थी।

सिंगल्स और डबल्स में कुशल इस भारतीय खिलाड़ी ने डेविस कप (Davis Cup) टीम की कप्तानी की और कोच बने। हालांकि, ये सब तब हुआ जब वो रिटायर होने और कोचिंग की ओर बढ़ रहे थे। तब तक अख्तर अली ने भारतीय टेनिस पर अपना रंग जमा लिया था।

अपने कोचिंग के कार्यकाल के दौरान, अख्तर अली ने ओलंपिक कांस्य-पदक विजेता लिएंडर पेस (Leander Paes) के करियर को आगे बढ़ाने में मदद की, जिसमें विजय अमृतराज ( Vijay Amritraj), रमेश कृष्णन (Ramesh Krishnan) और आनंद अमृतराज (Anand Amritraj) जैसे कुछ अन्य भारतीय टेनिस दिग्गजों के नाम भी शामिल थे।

उनके बेटे जीशान अली ने भी 1988 सियोल ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और वर्तमान में भारतीय डेविस कप टीम के कोच हैं। अख्तर ने अपने शुरुआती साल के दौरान सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) के लिए एक सलाहकार की भूमिका भी निभाई थी।

अख्तर अली का निधन भारतीय टेनिस के लिए बहुत बड़ी क्षति होगी।

विजय अमृतराज ने ट्विटर पर कहा, “अख्तर अली एक कोच के रूप में बहुत अच्छे थे, जब मैं एक जूनियर और साथ ही साथ हमारे इंडिया डेविस कप टीम का कोच था। तब उन्होंने हमेशा कड़ी मेहनत की और टीम को तनाव मुक्त रखा। उन्होंने भारतीय टेनिस में शानदार प्रदर्शन किया।”

ओलंपिक रजत पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर (Rajyavardhan Singh Rathore) और डेविस कप खेलने वाले सोमदेव देववर्मन (Somdev Devvarman) ने भी अपनी संवेदना ज़ाहिर की। सोमदेव ने लिखा, "पहली बार 1999 में मैंने अभ्यास के दौरान दक्षिण क्लब में अख्तर सर के साथ अभ्यास किया था। उन्होंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और हम सब कामना करते हैं कि भारतीय टेनिस के दिग्गज अख्तर अली सर की आत्मा को शांति मिले।"

अख्तर अली का एक बेटा जीशान और दो बेटियां नीलोफर अली और ज़रीन देसाई हैं। दिग्गज टेनिस आइकन को रविवार म 4 बजे सुपुर्द-ए-ख़ाक़ किया जाएगा।