एड्रियाटिक पर्ल युवा मुक्केबाजी टूर्नामेंट: अल्फिया पठान ने जीता स्वर्ण पदक, भारत का दोहरे अंक में पदक हासिल करना तय  

बॉबरोजिसन चानू और विंका भी फाइनल भी पहुंचे  

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

युवा मुक्केबाजी सनसनी अल्फिया खान पठान (Alfiya Khan Pathan) ने शनिवार को मोंटेनीग्रो के बुडवा में चल रहे 30वें एड्रियाटिक पर्ल टूर्नामेंट (30th Adriatic Pearl tournament) में भारत को स्वर्ण पदक दिलवाया।

2019 एशियाई जूनियर गर्ल्स चैंपियन ने 81+ किग्रा भारवर्ग में मोल्दोवा के डारिया कोज़ोरेव (Daria Kozorev) पर 5-0 से आसान जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारत को टूर्नामेंट में पहला स्वर्ण पदक मिला।

भारतीय युवा मुक्केबाजी दल ने पहले ही दमदार प्रदर्शन करते हुए यह तय कर दिया है कि टूर्नामेंट का समापन भारत कम से कम 12 पदकों के साथ करेगा।

एशियाई युवा स्वर्ण पदक विजेता बेबीरोजिसना चानू (Babyrojisana Chanu) (51 किग्रा) और विंका (Vinka) (60 किग्रा) भी फाइनल में पहुंचने के साथ रजत पदक पर दावा पक्का कर लिया है।

एमसी मैरी कॉम अकादमी से निकली मणिपुर की चानू क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान टॉप फॉर्म में थीं। सेमीफाइनल में उन्होंने उज्बेकिस्तान की फिरोजा काजाकोवा (Feruza Kazakova) के खिलाफ एक बार कमजोर पड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत दर्ज की।

विंका ने फिनलैंड की प्रतिद्वंद्वी सुवी तुजुला (Suvi Tujula) के साथ हुए मुकाबले में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उसने पहले राउंड में शुरु से ही प्रहार करते हुए प्रतिद्वंद्वी को संभलने का मौका नहीं दिया और रेफरी को दूसरे राउंड में मुकाबला खत्म करने के लिए मजबूर कर दिया। वह शनिवार को फाइनल में मोल्दोवा के क्रिस्टियन किपर (Kristian Kiper) से मुकाबला करेंगी।

एड्रियाटिक पर्ल यूथ टूर्नामेंट में मुकाबला करते बॉक्सर

जूनियर बॉक्सर अरुंधति चौधरी (Arundhati Choudhary) (69 किग्रा) ने अपने फिनलैंड की प्रतिद्वंद्वी एवलिन टेमी (Evelin Taimi)को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उसने सेमी मुकाबले की अपनी फॉर्म को आगे बढ़ाया और अपनी प्रतिद्वंद्वी को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

सनमाचा चानू थोकचोम (Sanamacha Chanu Thokchom) (75 किग्रा) भी उज्बेकिस्तान की सोखिबा रूजमेतोवा (Sokhiba Ruzmetova) को 5-0 से हराया। वो फाइनल में हमवतन राज साहिबा (Raj Sahiba) के खिलाफ मुकाबले में उतरेंगी।

नेहा (54 किग्रा) सेमीफाइनल में हार गईं, लेकिन प्रीति (57 किग्रा), और लकी राणा (64 किग्रा) को उम्मीद होगी कि शनिवार को उनकी किस्मत इससे अलग होगी।

गीतिका (48 किग्रा) भी शनिवार को फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करने के लिए तैयार है।

महिला मुक्केबाजों की तरह भारतीय पुरुष मुक्केबाजों की किस्मत इतनी अच्छी नहीं थी। क्योंकि अराम्बाम नाओबा सिंह (52 किग्रा), सुमित (69 किग्रा) और विशाल गुप्ता (91 किग्रा) अपने-अपने क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में हार गए।

सिर्फ दो मुक्केबाज प्रियांशु डबास (49 किग्रा) और जुगनू (91+ किग्रा) अंतिम-चार में जगह बनाते हुए कांस्य पदक हासिल कर पाये हैं।

वहीं, आकाश गोरखा (60 किग्रा) और अंकित नरवाल (64 किग्रा) क्वार्टर फाइनल में मुकाबला करेंगे।