यूरोप से काफ़ी बेहतर मुक्केबाज़ बनकर लौटे अमित पंघल

भारतीय बॉक्सर अमित पंघल ने कोलोन वर्ल्डकप और फ्रांस में एलेक्सिस वास्टीन टूर्नामेंट के दौरान अपने खेल को समझा और अपने प्रदर्शन में सुधार किया।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

भारतीय बॉक्सर अमित पंघल (Amit Panghal) का पिछले कुछ समय से प्रदर्शन शानदार जा रहा है लेकिन उनका मानना है कि यूरोप से लौटकर वह और बेहतर बॉक्सर बनें हैं।

टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके भारतीय बॉक्सर यूरोप में करीब ढाई महीनों की कड़ी ट्रेनिंग के बाद भारत लौट आए हैं।

अपने यूरोप दौरे पर भारतीय बॉक्सर ने असिसि (Assisi) स्थित ओलंपिक सेंटर पर ट्रेनिंग की। इसके अलावा उन्होंने फ्रांस में एलेक्सिस वास्टीन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट के अलावा जर्मनी में कोलोन वर्ल्डकप में हिस्सा लिया। भारतीय बॉक्सर्स ने इस दौरान कई पदक जीते और अमित पंघल दो गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे।

अमित पंघल ने ट्रिब्यून से बातचीत में बताया, "एक टीम के रूप में हमने पदक जीतने के मामले में अच्छा प्रदर्शन किया और इससे पता चला कि हम सही रास्ते पर हैं।"

मौजूदा एआईबीए (AIBA) फ्लाईवेट नंबर वन बॉक्सर मेडल जीतकर खुश तो नज़र आए लेकिन इस दौरान उन्होंने कई टेकनिक्स में सुधार किया, जो वह इस दौरे पर अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।

वैसे तो पंघल एक आक्रामक बॉक्सर है लेकिन कई मौकों पर वह अपनी लय हासिल करने में काफी समय ले लेते हैं, जिसकी कई बार आलोचना भी हुई। इसका ख़ामियाज़ा भी उन्हें भुगतना पड़ा है। जिसमें यूक्रेन के शाखिदीन ज़ोइरोव (Shakhobidin Zoirov) के खिलाफ 2019 विश्व चैंपियनशिप का फाइनल भी शामिल है।

इसके बारे में अमित पंघल ने कहा कि “ये सच है कि शुरुआत में मैं अपने विरोधी को जानने की कोशिश करता हूं और यही मेरी स्टाइल है लेकिन मेरे सभी कोच का मानना है कि मुझे पहले राउंड से ही आक्रामक होकर खेलना चाहिए और इस दौरे पर मैंने यही किया था।”

यही नहीं भारतीय स्टार ने दोनों इवेंट में कमजोर दाहिना हाथ की अपनी सबसे बड़ी कमज़ोरी में भी सुधार किया, जो उनके लिए काफी अच्छा संकेत है।

अपने इस सुधार पर अमित पंघल ने बताया कि. “इस बार मैंने दाहिने हाथ से कुछ पॉइंट हासिल किए, हालांकि इस पर मैं अभी भी काम कर रहा हूं और इस कमज़ोरी से उभरने के लिए मुझे थोड़ा समय लगेगा। मेरा पूरा फोकस फिलहाल इसी पर है।”

भारत के मुक्केबाजी के मुख्य कोच एसी कुटप्पा (AC Kutappa) भी पंघल के आकलन से सहमत है और इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया है कि वह और हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर सैंटियागो नीवा (Santiago Nieva) मिलकर अमित की इस कमजोरी पर काम कर रहे हैं।

कुटप्पा ने कहा कि अमित बहुत समझदार और निपुण बॉक्सर हैं लेकिन हम धीमी शुरुआत का जोखिम नहीं उठा सकते हैं, अगर आप पहले राउंड में असरदार नहीं होते हैं तो वापसी करना काफी मुश्किल हो जाता है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “लेकिन इस दौरे पर हमने उनमें बदलाव देखा है और अब वह सीधा हाथ का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।”

अमित पंघल ने कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण काफी लंबे समय बाद किसी इवेंट में हिस्सा लिया था और भारतीय स्टार का मानना है कि ये उनके लिए बहुत जरूरी था।

कोलोन वर्ल्डकप के गोल्ड मेडलिस्ट ने कहा कि “ये अच्छी बात है कि हमें वहां जाने और ट्रेनिंग करने का मौका मिला क्योंकि बिना टूर्नामेंट के खुद को मोटिवेट रखना बहुत मुश्किल हो रहा था।”

अब अमित पंघल के साथ सभी बॉक्सर वापस भारत लौट चुके हैं और अब वह क्रिस्मस और न्यू ईयर पर मिले छोटे से ब्रेक के बाद जनवरी में नेशनल कैंप में हिस्सा लेंगे।