विजेन्दर सिंह के बाद वर्ल्ड नंबर-1 मुक्केबाज़ बनने वाले अमित पंघल पहले भारतीय

2018 कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले अमित पंघल जॉर्डन में होने वाले एशियन क्वालिफ़ायर्स में भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व

शुक्रवार को इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) के बॉक्सिंग टास्क फोर्स में भारतीय मुक्केबाज़ अमित पंघल 52 किग्रा वर्ग में दुनिया के नंबर-1 मुक्केबाज़ बन गए।

पंघल अब विजेन्दर सिंह के बाद सिर्फ़ दूसरे भारतीय मुक्केबाज़ हो गए हैं जिन्हें नंबर-1 रैंकिंग हासिल हुई है। इससे पहले 2009 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद विजेन्दर सिंह नंबर-1 हुए थे।

ऐसे में जब टोक्यो 2020 में कुछ ही महीने शेष रह गए हैं, तो ये रैंकिंग अमित पंघल के आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करेगी। इस उपलब्धि के बाद 24 वर्षीय भारतीय बॉक्सर ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (पीटीआई) से बात करते हुए कहा कि, ‘’ये एक शानदार अनुभव है, और ये मेरे लिए काफ़ी मायने रखता है क्योंकि इससे मुझे क्वालिफ़ायर्स में वरीयता मिलेगी और दुनिया में नंबर-1 होना एक अलग आत्मविश्वास पैदा करता है।‘’

पंघल ने आगे ये भी कहा कि, ‘’मैं कोशिश करूंगा कि पहले ही क्वालिफ़ायर में मैं ओलंपिक कोटा हासिल करूं।“

कैसे शीर्ष पर पहुंचे पंघल

पिछली दो वर्ल्ड चैंपियनशिप को ध्यान में रखते हुए इस रैंकिंग की घोषणा की गई है, साथ ही साथ इसमें 2019 कॉन्टिनेन्टल चैंपियनशिप का प्रदर्शन भी शामिल है।

और इन सब जगह 2017 के बाद से पंघल को क़ामयाबी ही क़ामयाबी मिली है।

2018 कॉमनवेल्थ और 2018 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अमित पंघल 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष भी बने थे।

साथ ही साथ पहले बिग बाउट लीग में अमित पंघल के नेतृत्व में गुजरात जाइंट्स ने पंजाब पैंथर्स पर रोमांचक 4-3 से जीत दर्ज करते हुए ख़िताब भी जीता था।

अमित पंघल के सामने अब है टोक्यो 2020 क्वालिफ़ायर्स की चुनौती

इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (एआईबीए) फ़िलहाल निलंबित है, लिहाज़ा आईओसी की देख रेख में ही ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स खेला जाएगा, और 2020 ओलंपिक का मेन इवेंट भी आईओसी के तत्वाधान में ही होगा।

एशियन क्वालिफ़ायर्स इससे पहले चीन के वुहान में प्रस्तावित था, लेकिन चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से अब इसे जॉर्डन के अम्मान स्थानांतरित कर दिया गया है।

एशियन क्वालिफ़ायर्स 3 से 11 मार्च के बीच आयोजित होगा जबकि वर्ल्ड क्वालिफ़ायर्स की मेज़बानी पेरिस करेगा। इन दो मौक़ों के साथ पंघल के पास 420 अंक में और भी जोड़ने का अवसर रहेगा, साथ ही 2020 टोक्यो ओलंपिक में उनकी वरीयता पक्की हो जाएगी।

दूसरे भारतीय मुक्केबाज़ों की कैसी है रैंकिंग ?

पुरुष मुक्केबाज़ों की बात करें तो वर्ल्ड ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट मनीष कौषिक (63 किग्रा) ही अमित पंघल के बाद सर्वोच्च रैंकिंग वाले मुक्केबाज़ हैं, मनीष की वर्ल्ड रैंकिंग 12 है जबकि शिव थापा 36वें नंबर पर हैं।

69 किग्रा वर्ग में आशीष कुमार 22वीं रैंकिंग पर हैं, जबकि तीन बार कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले मनोज कुमार 71वें पायदान पर हैं।

वहीं अगर भारतीय महिला मुक्केबाज़ों पर नज़र डालें तो दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली लवलीना बोर्गोहेन (69 किग्रा) तीसरे स्थान पर हैं जो महिला मुक्केबाज़ी में भारत की सर्वोच्च रैंकिंग है।

6 बार की वर्ल्ड चैंपियन एम सी मैरी कॉम 225 अंकों के साथ पांचवें नंबर हैं, पर जबकि उन्हीं के वर्ग में उनकी प्रतिद्वंदी मुक्केबाज़ निखत ज़रीन 75 प्वाइंट्स के साथ 22वीं रैंकिंग पर हैं। जबकि 57 किग्रा वर्ग में वर्ल्ड चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सोनिया चहल दसवें स्थान पर हैं।

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