सेल्फ आइसोलेशन में अमित पंघल ने घर को बनाया बॉक्सिंग रिंग

एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स के ज़रिए अमित पंघल ने टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

COVID-19 ने जब खिलाड़ियों की ट्रेनिंग में रुकावट डाली तो सभी खिलाड़ियों ने कुछ न कुछ अलग करने की ठानी। ऐसी ही कहानी है भारतीय बॉक्सर अमित पंघल (Amit Panghal)घल की। इस मुक्केबाज़ ने अपने जुनूनी अंदाज से अपने घर को ही ट्रेनिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया।

कोरोना वायरस के चलते दुनिया सेल्फ आइसोलेशन का पालन कर रही है और इसका असर खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और फिटनेस पर भी पड़ रहा है। फ्लाईवेट वर्ग में खेलते हुए अमित पंघल ने एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स के ज़रिए ओलंपिक गेम्स में अपनी जगह पुख्ता कर ली है।

इस 24 वर्षीय मुक्केबाज़ ने बताया कि उन्होंने अपने घर में सभी उपकरणों को रखा है ताकि वे ट्रेनिंग से जुड़ी हर बाधा का खात्मा कर सकें।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए पंघल ने कहा, “कोरोना वायरस मेरे साहस और दृढ़ संकल्प को बदल नहीं पाया है। मैं बाहर तो नही जा सकता लेकिन इस वजह से मैं घर में ही अभ्यास कर रहा हूं। इसके साथ ही मैंने अपने घर के हॉल में सैनिटाइजर डिस्पेंसर लगा रखा है।”

साल 2017 में अपनी पहली नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप (National Boxing Championships) के दौरान अमित पंघल ने गोल्ड मेडल जीत अपने आपको एक बेहतर खिलाड़ी के तौर पर साबित किया और बॉक्सिंग की दुनिया में अपने नाम की मुहर लगा दी। उसी साल एशियन एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पंघल ने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया।

वहां से लेकर अब तक इस भारतीय बॉक्सर ने अपने खेल से कई बार मेडल जीता और भारत को गौरांवित किया, चाहे वह जकार्ता में हुए 2018 एशियन गेम्स (2018 Asian Games) हो या फिर बैंकॉक में हुई 2019 एशियन चैंपियनशिप (2019 Asian Championships), हर जगह इस मुक्केबाज़ ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर सबको हैरत में डाल दिया।

हरियाणा का यह शेर टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए भारत की एक बड़ी उम्मीद के तौर पर माना जा रहा है। पंघल ने आगे कहा, “जब आप बाहर ट्रेनिंग करते हैं तो आप शारीरिक व्यायाम से जुड़ जाते हैं, लेकिन घर में होते हैं तो आपको रिंग और जिम में ज़्यादा समय देना चाहिए। मैंने अपने घर के हॉल में रिंग लगाई है और मैं वहीं अभ्यास करता हूं। इसके अलावा मैं योग भी करता हूं। इससे मुझे मानसिक शक्ति मिलती है और मैं अपने आपको अपने खेल के लिए फोकस रखता हूं।”