टोक्यो ओलंपिक के लिए भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा बनकर खुश हूं: अंजुम मौदगिल

ओलंपिक में इस राइफल निशानेबाज़ को भारत के शूटिंग दल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

पिछले कुछ वर्षों में अगर किसी एक ओलंपिक खेल की बात की जाए, जिसमें भारत का वर्चस्व रहा है तो वह खेल शूटिंग है। रियो डि जेनेरियो में 2016 के खेलों में एक भी पदक हासिल न कर पाने के बाद, भारतीय शूटिंग दल हर गुजरते साल के साथ बेहतर होता गाय। इस बात का प्रमाण साल 2019 खुद देता है, जहां देश के निशानेबाज़ों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शानदार प्रदर्शन से देश को गौरवांवित करने का काम किया।

मनु भाकर, सौरभ चौधरी, अपूर्वी चंदेला और अंजुम मौदगिल जैसे निशानेबाज़ों ने इस अभियान की अगुवाई की। जबकि मनु भाकर-सौरभ चौधरी की जोड़ी 2019 में पिस्टल स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए बाध्य रही। अपूर्वी चंदेला और अंजुम मौदगिल ने अपने सटीक शूटिंग राइफल प्रदर्शन से बहुत प्रभावित किया।

यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि 26 वर्षीय अंजुम मौदगिल का मानना ​​है कि देश की शूटिंग टीम टोक्यो 2020 ओलंपिक में भी अच्छा प्रदर्शन करने का अच्छा मौका है। पीटीआई के साथ एक साक्षात्कार में मौदगिल ने कहा, “हमारी शूटिंग टीम दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। मैं वास्तव में खुश हूं कि मैं इस टीम का हिस्सा हूं। यह टीम विश्व स्तर पर वास्तव में अच्छी है। मेरे टीम के साथी कई रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं और पदक जीत रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “मुझे यकीन है कि आगामी टूर्नामेंटों में परिणाम वास्तव में अच्छे होंगे। मैं ओलंपिक में पूरे शूटिंग दल द्वारा अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही हूं।”

भारतीय टीम की एक प्रमुख विशेषता पिछले चार वर्षों में युवा खिलाड़ियों का उत्थान रहा है। पिस्टल निशानेबाज़ मनु भाकर, सौरभ चौधरी 17 साल के हैं, राइफल हाफ में एलावेनिल वलारिवन (20) और मेहुली घोश (20) के है, जिन्होंने सीमित अवसरों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और उभरकर सामने आए।

लेकिन निशानेबाज़ों में आए इस बदलाव के पीछे का कारण क्या है?

अंजुम मौदगिल ने कहा, "यह उपकरणों और अच्छे कोच का सानिध्य प्राप्त होने का परिणाम है। यह देखना वास्तव में अच्छा है कि युवा शूटिंग कैसे दिन-प्रतिदिन और बेहतर प्रदर्शन कर रही है। सीनियर भारतीय टीम वास्तव में युवा है, जो अच्छी बात है। यह सर्वश्रेष्ठ भारतीय शूटिंग टीम है जिसे मैंने कभी देखा है।”

टोक्यो 2020 ओलंपिक की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, ऐसे में निश्चित रूप सभी भारतीय निशानेबाज़ अपने शानदार प्रदर्शन को ओलंपिक वर्ष में बरकरार रखने की उम्मीद करेंगे।