French Open: मुख्य ड्रा में जगह बनाने से चूक गईं अंकिता रैना

भारतीय शीर्ष महिला टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना को जापान की कुरुमी नारा ने दूसरे दौर के क्वालिफ़ायर्स में हराया।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारत की शीर्ष क्रम की महिला टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना (Ankita Raina) फ्रेंच ओपन (French Open) सिगल्स के मुख्य ड्रॉ में नहीं खेल पाएंगी।

27 वर्षीय रैना को अपने दूसरे दौर के क्वालिफ़ायर्स मैच में 3-6, 2-6 से हार का सामना करना पड़ा। टूर्नामेंट में 22 वीं वरीयता प्राप्त जापान की कुरुमी नारा (Kurumi Nara) ने रैना को सीधे सोटों में हराया।

यह दूसरी बार था जब रैना और नारा का प्रो सर्किट पर सामना हुआ था, जहां पिछले साल जापान में एक आईटीएफ इवेंट में जापानी खिलाड़ी ने पहले मुकाबले में भी जीत हासिल की थी।

अपने पहले ग्रैंड स्लैम के दूसरे दौर के क्वालिफ़ायर्स मैच में खेलते हुए, रैना की शुरुआत अच्छी नहीं रही और कुरमी नारा ने पहले सेट के पहले ही गेम में उनकी सर्विस तोड़ दी और फिर अपनी सर्विस बचाते हुए 2-0 की बढ़त बना ली।

अंकिता रैना अपनी अगली दो सर्विस को बचाने में कामयाब रहीं, लेकिन जापानी खिलाड़ी के सटीक सर्विस गेम का कोई जवाब नहीं था। नारा ने रैना को फिर से सातवें गेम में हराकर 5-2 से बढ़त बना ली।

आठवें सेट में जापानी खिलाड़ी ने सर्विस की जिसे रैना ने तोड़ा और मैच का पहला ब्रेक पॉइंट भी जीता।

भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना की फ्रेंच ओपन की उम्मीदें क्वालिफायर में समाप्त हो गईं।

हालांकि अगले ही गेम में रैना की सर्विस को तोड़कर सारी उम्मीद खत्म कर दी। लगभग सात मिनट तक चलने वाला पहला सेट कुरूमी नारा ने 6-3 से अपने नाम कर लिया।

कुरूमी नारा ने दूसरे सेट में भी अपना दबदबा जारी रखा। डब्ल्यूटीए एकल रैंकिंग में 148वें स्थान पर मौजूद नारा ने चौथे गेम तक रैना की दो बार सर्विस तोड़ा और गेम में 4-0 की बढ़त बना ली। आपको बता दें कि रैना डब्ल्यूटीए सिंगल्स रैंकिंग में 176 वें स्थान पर हैं।

रैना ने पांचवें गेम में जापानी खिलाड़ी की सर्विस तोड़ दी। लेकिन अंतिम परिणाम पर इसका बहुत कम प्रभाव पड़ा क्योंकि नारा ने रैना की सर्विस फिर से तोड़ी और दूसरा सेट 6-2 से जीत लिया।

"ये बुरा नहीं था। मेरे पास अपने सर्विस गेम में मौके थे लेकिन उन्होंने आज बहुत अच्छा खेला। अगर मैंने उन गेम में अच्छा किया होता तो परिणाम अलग होता।"

सानिया मिर्ज़ा के 2012 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में प्रतिस्पर्धा करने के बाद ग्रैंड स्लैम एकल स्पर्धा के मुख्य ड्रॉ में खेलने वाली पहली भारतीय महिला बनने की रैना की महत्वाकांक्षाओं पर सीधे-सीधे हार का सीधा असर पड़ा।

इस हार ने फ्रेंच ओपन 2020 में किसी सिंगल्स प्रतिनिधित्व की भारतीय उम्मीदों को भी समाप्त कर दिया है। पुरुष वर्ग में भारतीय उम्मीद सुमित नागल पहले दौर के क्वालिफ़ायर्स में हार कर पहले ही बाहर हो गए थे। इस बीच, उनके हमवतन प्रजनेश गुन्नेश्वरन को दूसरे दौर में हार मिली थी।