भारत में अप्रैल-मई के महीने आयोजित होगी एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप

भारत फाइनल विश्व ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स से पहले स्थगित हुए कॉन्टिनेन्टल चैंपियनशिप की मेज़बानी करेगा, जिससे सभी महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं से पहले मुक्केबाज़ों को रिंग में पर्याप्त समय मिलेगा।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (Boxing Federation of India) के अध्यक्ष अजय सिंह (Ajay Singh) ने बताया कि एशियन मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप (Asian Boxing Championships) को इस साल अप्रैल-मई में आयोजित किया जाएगा, जो पहले 2020 में होने वाली थी।

कॉंटिनेंटल प्रतियोगिता साल 2020 की इवेंट है, जो पिछले साल नवंबर-दिसंबर के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण दुनिया भर की प्रतियोगिताओं पर ब्रेक लग गया था, जिसके कारण इस चैंपियनशिप को भी आगे के लिए स्थगित कर दिया गया था

अगर नए निर्धारित समय के दौरान ये बॉक्सिंग चैंपियनशिप आयोजित होती है, तो भारतीय मुक्केबाज़ों के लिए एक ड्रेस रिहर्सल साबित हो सकती है, जो टोक्यो खेलों के लिए अपने टिकट बुक करने के लिए जून में फाइनल विश्व ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स (Final World Olympic Qualifiers) की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं।

पिछले साल एशियन ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स (Asian Olympic Qualifiers) में सराहनीय प्रदर्शन के बाद अब तक देश के नौ मुक्केबाज़ों ने टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई कर लिया है

भारतीय मुक्केबाज़ अभी भी मेंस वर्ग में फेदरवेट (57 किग्रा) और लाइट हैवीवेट (81 किग्रा) श्रेणियों में ओलंपिक में जगह बना सकते हैं और महिला मुक्केबाज़ों के पास वुमेंस हाफ में फेदरवेट (57 किग्रा) वर्ग में भी टिकट हासिल करने का मौका होगा।

भारत ने आखिरी बार 1980 में मेंस एशियन चैंपियनशिप की मेजबानी मुंबई में की गई थी, जबकि महिला वर्ग के लिए देश में 2003 में हरियाणा के हिसार में कॉंटिनेंटल प्रतियोगिता हुई थी।

2019 के बाद से दोनों इवेंट को एक साथ थाईलैंड में पहली संयुक्त कॉंटिनेंटल मीट की मेजबानी में आयोजित किया गया था।

भारतीय मुक्केबाज़ों ने उस साल बैंकॉक में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें टीम दो स्वर्ण, चार रजत और सात कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में तीसरे स्थान पर रही। अब जब ये चैंपियनशिप भारत में होने जा रही है, तो भारतीय मुक्केबाज़ उस टैली में सुधार करने के लिए उत्सुक होंगे।

BFI के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुने जाने के बाद अजय सिंह ने आश्वासन दिया कि महासंघ 2024 ओलंपिक से पहले खेल में लिंग समानता लाने की दिशा में काम करेगा।

“हम अधिक महिला मुक्केबाज़ों पर ध्यान केंद्रित करेंगे और उन्हें अवसर देंगे। प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों में समान लिंग की भूमिका होना भी बहुत महत्वपूर्ण है। हम हर क्षेत्र में महिलाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।”