मनीष और सचिन को जीत के साथ एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के क्वार्टरफ़ाइनल का मिला टिकेट

दोनों ही भारतीय मुक्केबाज़ों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए एकपक्षीय फ़ैसले से जीते अपने अपने मुक़ाबले, भारत के लिए 7 बाऊट में 7 जीत

लेखक सैयद हुसैन ·

मनीष कौषिक और सचिन कुमार ने अपने अपने बाऊट जीतते हुए गुरुवार को जॉर्डन के अम्मान में चल रहे एशिया/एशिनिया बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के क्वार्टरफ़ाइनल में जगह बना ली है। मनीष ने लाइटवेट (57-63 किग्रा) कैटेगिरी में जीत हासिल की तो सचिन कुमार ने लाइट हेवीवेट (75-81 किग्रा) में जीत दर्ज करते हुए टोक्यो 2020 की टिकेट हासिल करने से बस एक जीत दूर हैं।

अपने जन्मदिन पर रिंग में उतरे मनीष कौषिक को चीनी ताइपे मुक्केबाज़ छु-एन लाई ने कड़ी टक्कर दी थी और एक बार तो ऐसा भी लगा था कि कहीं छु-एन लाई भारी न पड़ जाएं। लेकिन मनीष के ज़ोरदार पंच और कुछ तगड़े जैब्स ने उन्हें एकपक्षीय फ़ैसले से जीत दिला दी।

तो वहीं सचिन कुमार (Sachin Kumar) और डी लोआपो (Dee Ioapo) के बीच भी कुछ इसी अंदाज़ में फ़ाइट देखने को मिली और अंतिम समय तक कहना मुश्किल था कि बाज़ी किधर जाएगी, हालांकि आख़िर में जीत का सेहरा सचिन के सिर बंधा।

बर्थडे बॉय मनीष कौषिक दमदार जीत के साथ टोक्यो 2020 में जगह बनाने से बस एक क़दम दूर खड़े हैं

मनीष कौषिक ने पहले दो राउंड में ही मार ली थी बाज़ी

छु-एन लाई (Chu-En Lai) ने अपने कॉर्नर से एक बेहतरीन आग़ाज़ किया था, जीत के लिए एड़ी चोटी का ज़ोर लगाते हुए शुरुआती लम्हों में मनीष कौषिक (Manish Kaushik) को पीछे की ओर धकेल दिया था।

हालांकि तुरंत ही भारतीय मुक्केबाज़ ने ख़ुक को संभाला और फिर पहले राउंड के अंत में बेहतरीन अंदाज़ में चीनी ताइपे के मुक्केबाज़ से आगे निकल गए।

छु-एन लाई एक के बाद एक लगातार मुक्कों की बरसात कर रहे थे, लेकिन मनीष के ख़ूबसबरत फ़ुटवर्क और चपलता की वजह से वह बेअसर हो रहे थे। तो वहीं मनीष के कुछ चालाकी वाले पंच ज़्यादा असरदार थे।

कुछ हुक्स, जैब्स और सही समय पर आक्रमण ने मनीष कौषिक को पहले राउंड के ख़त्म होने तक साफ़ तौर पर बढ़त दिला दी थी, जिसपर जजों ने भी 4-1 से मुहर लगाते हुए पहला राउंड भारतीय मुक्केबाज़ के नाम किया।

पहले ही राउंड की तरह दूसरे राउंड की शुरुआत भी चीनी ताइपे के मुक्केबाज़ ने बेहद आक्रामक की थी। लेकिन भारतीय लाइटवेट मुक्केबाज़ ने अब पहले राउंड से भी कहीं ज़्यादा काउंटर पंच करते हुए एक बार फिर दबाव छु-एन लाई पर ला दिया था।

जवाब में छु-एन लाई लगातार आगे आकर खेल रहे थे, यहां तक कि कई बार तो वह बिल्कुल मनीष कौषिक के शरीर के दाईं ओर तक प्रहार कर रहे थे।

लेकिन बाएं हाथ के मुक्केबाज़ मनीष कौषिक अपनी लय में लौट आए थे और अब उनके पास चीनी ताइपे के मुक्केबाज़ के हर एक प्रहार का पलटवार था।

दूसरे राउंड के बिल्कुल बीच में मनीष कौषिक के बाएं हाथ के मुक्के ने छु-एन लाई के सिर में ज़ोरदार वार किया, जिससे वह बिल्कुल पीछे की ओर चले गए थे। इसके बाद इसी राउंड में एक और आंखों को सुकून देने वाला अपरकट भी देखने को मिला जो मनीष ने छु-एन लाई के गार्ड को तोड़ते हुए जड़ा।

इसके बावजूद चीनी ताइपे मुक्केबाज़ ने हिम्मत नहीं हारी और प्रयास जारी रखा लेकिन जजों ने 4-1 से एक बार फिर दूसरे राउंड का नतीजा मनीष कौषिक के पक्ष में दिया।

जन्मदिन पर मिला क्वार्टरफ़ाइनल का टिकेट

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता छु-एन लाई ने अंतिम राउंड में एक बार मानों सारी ताक़त झोंक दी थी, लेकिन यहां भी मनीष ने बेहतरीन तरीक़े से रवैये में बदलाव लाया और अब कुछ अच्छे ब्लॉक के साथ चीनी ताइपे के मुक्केबाज़ के सभी वार को बेअसर कर दिया।

आख़िरी घंटी तक छु-एन लाई ज़बरदस्त वार कर रहे थे लेकिन ये भी काम नहीं आया क्योंकि मनीष कौषिक एकपक्षीय फ़ैसले (Unanimous Decision) से विजेता घोषित हो गए।

एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के अगले दौर में मनीष कौशिक के सामने तीसरी वरीयता हासिल चिनज़ोरीग बातरसुख (Chinzorig Baatarsukh) की चुनौती होगी, उस मुक़ाबले को जीतने का मतलब होगा टोक्यो 2020 में जगह पक्की।

जीत के बाद ओलंपिक चैनल से बात करते हुए मनीष कौषिक ने कहा, ‘’मैंने उनके ख़िलाफ़ पहले भी खेला है, और मैंने उन्हें हराया भी है लेकिन इस बार रणनीति अलग थी और मुझे ख़ुशी है कि वह काम कर गई। वह सच में शुरुआत में बहुत तेज़ थे और मुझे बहुत परेशानी हो रही थी लेकिन फिर जैसे ही वह थोड़े धीमे पड़े, जीत मेरे पक्ष में आई।‘’

सचिन कुमार भी विजयरथ पर चले साथ साथ

शाम के सत्र में भारत के लिए दूसरी बाऊट में सचिन कुमार रिंग में थे, और उनके सामने चुनौती थी सामोआ के डी लोआपो की।

शुरुआत में दोनों ही मुक्केबाज़ों ने रक्षात्मक रवैया अपनाया और संभलकर खेल रहे थे, लेकिन इसके बाद सामोआ के मुक्केबाज़ के चेहरे पर लेफ़्ट क्रॉस के साथ ज़ोरदार वार किया।

यहीं से भारतीय मुक्केबाज़ के फ़ुटवर्क में बदलाव आ चुका था और अब वह काफ़ी आत्मविश्वास के साथ प्रहार कर रहे थे।

जैसे जैसे राउंड आगे बढ़ रहा था सचिन का मनोबल भी बढ़ता जा रहा था, सचिन के बाएं मुक्के का वार डी लोआपो की ठुड्डी में जाकर लगा और उन्हें पीछे की ओर धकेल दिया।

सचिन ने ये राउंड लेफ़्ट स्ट्रेट और दाएं हुक के साथ ख़त्म किया और अपना वर्चस्व बना लिया था, जजों ने भी उन्हें 5-0 से पहले राउंड का विजेता घोषित किया।

दूसरे राउंड में भी ठीक इसी तरह सचिन हावी रहे, जहां उन्होंने एक बार फिर दाएं और बाएं हाथ बेहतरीन कॉम्बिनेशन दिखाया।

सीधे शरीर में ताक़तवर जैब्स और ज़ोरदार स्ट्रेट लेफ़्ट के साथ सचिन ने सामोआ के मुक्केबाज़ को लगातार पीछे की ओर धकेला और एक बार फिर जजों ने सचिन को 5-0 से दूसरे दौर का भी विजेता घोषित किया।

बाऊट में वापसी करने की कोशिश में डी लोआपो ने अंतर को कम ज़रूर कर रहे थे, और इसमें उन्हें कई बार क़ामयाबी भी मिली।

लेकिन सचिन एक के बाद एक तगड़े घूंसो के साथ आक्रमण जारी रखे हुए थे, और फिर बाद के समय में उन्होंने अपनी शक्ति को बचाते हुए चालाकी के साथ रक्षात्मक रूप भी दिखाया। नतीजा ये हुआ कि जजों ने तीसरे राउंड में भी सचिन के पक्ष में ही फ़ैसला सुनाया और इस तरह उन्होंने भारत को दिला दी लगातार सातवीं जीत।

जीत के बाद ओलंपिक चैनल से सचिन कुमार ने कहा, ‘’मैंने शुरुआत अच्छी की थी और उसे लगातार बनाए रखा। मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूं, लेकिन मैं कोशिश करूंगा कि आगे इससे भी बेहतर करूं। मैं कोच के साथ बैठूंगा और अगले बाऊट के लिए रणनीति बनाऊंगा।‘’

‘’देश के लिए मैं खेल रहा हूं इस बात की मुझे बहुत ख़ुशी है और मैं चाहूंगा कि मैं ओलंपिक के लिए भी क्वालिफ़ाई करूं।‘’

सचिन कुमार अब क्वार्टरफ़ाइनल में चीन के डाज़ेंग चेन (Daxaing Chen) के ख़िलाफ़ रिंग में उतरेंगे।

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