एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स में भारत की सिमरनजीत कौर के नाम रजत पदक

एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के फ़ाइनल में भारत की सिमरनजीत कौर ने दक्षिण कोरियाई मुक्केबाज़ ओह योंजी को कड़ी चुनौती तो दी लेकिन जीत न सकीं

लेखक सैयद हुसैन ·

बुधवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में एशियन/ओशिनिया बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के फ़ाइनल में भारतीय लाइटवेट (57-60 किग्रा) महिला मुक्केबाज़ सिमरनजीत कौर (Simranjit Kaur) को फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया की ओह योंजी (Yeonji Oh) से हार मिली, लिहाज़ा उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इस तरह से पिछले एक हफ़्ते में इस प्रतियोगिता से 9 भारतीय मुक्केबाज़ों ने 2020 ओलंपिक का टिकट हासिल कर लिया। जबकि 4 मुक्केबाज़ों को एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स से टोक्यो 2020 का टिकट नहीं मिल पाया, उनके पास अब मई में पेरिस में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स में आख़िरी मौक़ा मिलेगा। हालांकि ये इस बात पर निर्भर है कि बॉक्सिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (BFI) उस प्रतियोगिता के लिए किसे भेजता है।

BFI के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘’ये भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए गौरान्वित कर देने वाला पल है। पहली बार 9 भारतीय मुक्केबाज़ों ने ओलंपिक में स्थान पक्का किया है, और वह भी पहले ही क्वालिफ़ाइंग टूर्नामेंट में। हमारे पास अभी भी एक और मौक़ा मई में वर्ल्ड क्वालिफ़ायर्स के ज़रिए आएगा, और मुझे उम्मीद है कि भारत सभी 13 भारवर्गों में क्वालिफ़ाई करेगा।‘’

एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में सिमरनजीत कौर ने जीता रजत पदक

आख़िरी पड़ाव पार करने से चूकी सिमरनजीत कौर

सिमरनजीत ने पहले राउंड में धीमी शुरुआत के बाद अपनी लंबाई का फ़ायदा उठाते हुए कोरियाई मुक्केबाज़ के ख़िलाफ़ कुछ बेहतरीन जैब्स का इस्तेमाल किया। शुरुआती दो मिनट में बहुत ज्यादा पंच देखने को नहीं मिले। पहले राउंड के आख़िर में दोनों खेमों के मुक्केबाज़ों ने अपने-अपने गार्ड को नीचे रखते हुए कई पंच थ्रो किए। सिमरनजीत ने अच्छे बॉडी पंच और एक राइट अपरकट लगाया। हालांकि जजों ने फैसला 3-2 से ओह योंजी के पक्ष में सुनाया।

ओह योंजी ने बेहतरीन रणनीति के साथ मैच किया अपने नाम

एशियन गेम्स की गोल्ड मेडल विजेता योंजी ओह ने एक बार फिर अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए अच्छे और तगड़े पंच थ्रो किए। उनके लेफ्ट जैब और राइट स्ट्रेट काफी अच्छे कनेक्ट किए।

लिहाज़ा दूसरा राउंड भी जजों ने 5-0 से एक पक्षीय निर्णय से दक्षिण कोरिया की मुक्केबाज़ के पक्ष में सुनाया।

अब बारी थी तीसरे और आख़िरी राउंडकी, शुरुआती दो राउंड में पीछे रहने के बाद सिमरनजीत ने अच्छी शुरुआत की लेकिन अच्छे पंच नहीं कनेक्ट कर पाईं। इस राउंड में हालांकि योंजी ओह भी बहुत बेहतर नहीं कर पाईं।

फिर भी पिछले दो राउंड में की गई मेहनत और अर्जित किए अंकों का उन्हें काफी फायदा हुआ। जजों ने (5-0) से एक पक्षीय निर्णय के साथ योंजी ओह को विजेता घोषित किया।