एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स: 9 ओलंपिक टिकट के साथ वह महत्वपूर्ण बातें जो बनीं सबक

टोक्यो 2020 में भारत ने क्वालिफ़ायर्स में बहुत सफलता हासिल की लेकिन उन्हें बहुत कुछ सीखने की भी जरूरत है।

जॉर्डन के अम्मान में हाल ही में खत्म हुए एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स में भारत ने सफलता हासिल की और 9 बॉक्सरों ने 2020 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया।

टोक्यो में क्वालिफाई करने वाले  बॉक्सर्स में से कोई भी एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स में स्वर्ण जीतने में कामयाब नहीं हुआ। विकास कृष्ण (Vikas Krishan ) और सिमरनजीत कौर (Simranjit Kaur’s) का सिल्वर मेडल जीतना भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। अब देखते हैं कि भारत ने इस टूर्नामेंट से क्या हासिल किया।

ओलंपिक में भारत की ओर से मज़बूत दल है तैयार

कुछ महीने पहले वर्ल्ड क्वालिफायर्स में चाहे कुछ भी हुआ लेकिन भारत ने ओलंपिक से पहले ही इतिहास रच दिया है क्योंकि ओलंपिक इतिहास में इस बार भारत का सबसे बड़ा दल जाएगा।

इस बार 13 में से 9 बॉक्सरों ने टोक्यो ओलंपिक कास्थान पुख्ता किया, इसी के साथ ओलंपिक इतिहास में इस बार सबस ज्यादा बॉक्सर हिस्सा लेंगे।

एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स के क्वार्टरफाइनल बाउट के दौरान मैरी कॉम: फोटो क्रेडिट बीएफआई 
एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स के क्वार्टरफाइनल बाउट के दौरान मैरी कॉम: फोटो क्रेडिट बीएफआई एशियन ओलंपिक क्वालिफायर्स के क्वार्टरफाइनल बाउट के दौरान मैरी कॉम: फोटो क्रेडिट बीएफआई 

अमित पंघाल (Amit Panghal), आशीष कुमार (Ashish Kumar), विकास कृष्ण (Vikas Krishan), सतीश कुमार (Satish Kumar) और मनीष कौशिक (Manish Kaushik) ने मेंस वर्ग में क्वालिफाई किया तो एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom), पूजा रानी(Pooja Rani), लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) और सिमरनजीत कौर (Simranjit Kaur) ने वुमेंस कैटेगिरी में क्वालिफाई किया।

पेरिस में हुए वर्ल्ड क्वालिफायर्स में कोई भी भारतीय बॉक्सर क्वालिफाई नहीं कर पाया था। अब 9 भारतीय बॉक्सर ओलंपिक में खेलते दिखाई देंगे।

अमित कुमार को टोक्यो में बेहतर करना होगा

पहली वरीयता प्राप्त भारतीय फ्लाइवेट से एशियाई बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वह आशा के अनुरुप प्रदर्शन नहीं कर पाए। अमित पंघाल ने क्वालिफायर्स में अपना पहला बाउट जीता, जो मंगोलियाई एखमनदाख खर्कहु (Enkhmanadakh Kharkhuu) के खिलाफ था

अमित पंघाल, जिन्होंने अपने पहले बाउट का अंत नाटकीय अंदाज में किया। यह फिलीपींस के कार्लो पैलम के ख़िलाफ़ था और इस करीबी मुकाबले को भारतीय खिलाड़ी ने 4-1 से जीता। इस जीत के साथ उन्होंने टोक्यो का टिकट भी हासिल कर लिया।

चीन के जियांगुआन हू के खिलाफ सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले की जीत ने उन्हें टोक्यो में अपना टिकट हासिल करने में मदद की। अमित पंघाल ने ओलंपिक चैनल से बात की और स्वीकार किया कि उन्हें टोक्यो 2020 में अपने प्रदर्शन को सुधारना होगा।

इस बॉक्सर ने कहा कि “मैं वहां अपनी पूरी कोशिश करूंगा, मैं जिस भी बॉक्सर के खिलाफ खेलूंगा उससे पहले उसकी वीडियो देखूंगा। मैं तैयारी में कमी नहीं रहने दूंगा”

मैरी कॉम से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद

6 बार की फ्लाईवेट वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम ने अपने पहले 2 बाउट जीते। इसी के साथ उन्होंने 2016 रियो ओलंपिक की निराशा को दूर करते हुए टोक्यो का टिकट हासिल किया। इस खिलाड़ी ने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। मैरी कॉम को सेमीफाइनल में युआन चांग के खिलाफ 3-2 से हार का सामना करना पड़ा था।

23 साल की इस खिलाड़ी ने 37 साल की मैरीकॉम को काफी परेशान किया लेकिन इसके बावजूद वह टोक्यो ओलंपिक में शामिल होने वाली सबसे अधिक उम्र की खिलाड़ी बनीं। इसी के साथ उन्हें ओलंपिक में युवा खिलाड़ियो के रिफ्लेक्शन और स्पीड से बचना होगा।

मैरी कॉम को अपने अनुभव का फायदा मिल सकता है, इसी के साथ उन्होंने खुलासा किया वह किस तरह से ओलंपिक में अपनी रणनीति के हिसाब से खेलेंगी।

मैरी कॉम ने बताया कि “अनुभव की बदौलत मैं बाउट को कंट्रोल कर सकती हूं, मुझे पता है कि ओलंपिक में कई आक्रामक खिलाड़ियों से मेरा सामना होगा लेकिन उनके पास अनुभव नहीं हैं। मैं दावा करती हूं कि यह मेरी सबसे बड़ी ताकत होगी”

नमन तंवर की हार से सुमित सांगवान को फायदा

नमन तंवर ऐसे पहले भारतीय है, जिन्हें एशियन बॉक्सिंग क्वालिफायर्स में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर पेरिस में होने वाले वर्ल्ड क्वालिफायर्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

भारतीय हेवीवेट को सीरिया के अलाआ घौसून (Alaa Ghousoon ) के खिलाफ पहले बाउट में हार का सामना करना पड़ा।

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने उन्हें हेवीवेट डिवीजन के लिए क्वालिफाई करने के लिए भारत का सबसे अच्छा विकल्प माना है या नहीं, फिलहाल इसका अंदाजा किसी को नहीं है।

सुमित सांगवान के राष्ट्रीय एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) द्वारा उठाए गए एक साल के डोपिंग प्रतिबंध के साथ, पूर्व एशियाई रजत पदक विजेता बीएफआई को चुनने के लिए एक और विकल्प बन जाता है। सुमित सांगवान, नमन तंवर की तुलना में अधिक अनुभवी मुक्केबाज हैं और 2020 के ओलंपिक में हेवीवेट डिवीजन में बर्थ को सील करने के लिए भारतीय टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

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