विकास कृष्ण ने बनाई फ़ाइनल में जगह, सचिन कुमार की ओलंपिक उम्मीदें ज़िंदा 

एशियन बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में पहली बार विकास कृष्ण ने अपनी बाऊट एकपक्षीय फ़ैसले में नहीं जीती

लेखक सैयद हुसैन ·

मंगलवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में एशियन/ओशिनिया बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के सेमीफ़ाइनल में विकास कृष्ण (Vikas Krishan)ने कज़ाकिस्तान के अबलेख़ान ज़ुसूपोव (Ablaikhan Khussainov) को मात देकर फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया। ये मंगलवार को मिली भारत की पहली जीत थी क्योंकि इससे पहले अमित पंघल (Amit Panghal) और लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) को अपने अपने बाऊट में हार नसीब हुई थी

तो वहीं लाइट हेवीवेट (75-81 किग्रा) कैटेगिरी में भारत के सचिन कुमार (Sachin Kumar) के लिए भी 2020 ओलंपिक में जगह बनाने की उम्मीदें ज़िंदा हैं। उन्होंने पहले बॉक्स ऑफ़ में वियतनाम के एनगुयेन कोंग मान्ह (Nguyen Manh Cuong) को सुबह के सत्र की आख़िरी बाऊट में शिकस्त दी।

विकास कृष्ण ने दूसरी वरीयता प्राप्त मुक्केबाज़ को दी मात

अब तक इस प्रतियोगिता में लगातार एकपक्षीय फ़ैसले से जीतते चले आ रहे विकास कृष्ण को मंगलवार को जीत 3-2 के स्प्लिट निर्णय से मिली। सेमीफ़ाइनल में उन्होंने अबलेख़ान को शिकस्त देते हुए फ़ाइनल में एंट्री ले ली है।

विकास ने इससे पहले जापान के कुइंसी ओकाज़ावा  (Quincy Mensah Okazawa) और किर्गीस्तान के नूरसुल्तान मामातली (Nursultan Mamataly) को आसानी से मात देते हुए सेमीफ़ाइनल में पहुंचे थे।

पहला राउंड में रेड कॉर्नर पर काबिज़ विकास और अबलेख़ान दोनों ही मुक्केबाज़ों के बीच आक्रामक शुरुआत हुई थी लेकिन विकास के पंच बहुत ही शानदार कनेक्ट हो रहे थे। जिसके बाद जजों ने 4-1 का स्प्लिट निर्णय विकास के पक्ष में सुनाया।

घंटी बजते ही दूसरे राउंड में विकास ने एक तगड़े राइट हुक के साथ शुरुआत की। तभी दोनों मुक्केबाज़ों के सिर टकराए और विकास के माथे पर एक कट लग गया। जिसके बाद उन्हें मेडिकल के लिए न्यूट्रल कॉर्नर में भेजा गया। रेफरी ने विकास को मुकाबला लड़ने के काबिल समझते हुए फिर मुकाबला शुरु करने का आदेश दिया।

आमने-सामने आते ही विकास ने 1,2 (लेफ्ट और राइट) पंचों का अच्छा कॉम्बिनेशन लगाया। ज़ुस्सूपोव ने अच्छी टक्कर दी लेकिन जजों ने 3-2 से स्प्लिट निर्णय फिर विकास के पक्ष में सुनाया।

एशियन क्वालिफ़ायर्स के सेमीफ़ाइनल में विकास कृष्ण ने कज़ाकिस्तान के अलबेख़ान ज़ुसूपोव को दी शिकस्त

अब बारी थी तीसरे और आख़िरी राउंड की, चोट से थोड़ा असहज महसूस करने के बावजूद विकास अपनी रणनीति के मुताबिक ही आगे बढ़े। कज़ाकिस्तान के मुक्केबाज़ के पंचों के खिलाफ अपना गार्ड मज़बूत रखते हुए विकास ने इस राउंड में भी अच्छे पंच कनेक्ट किए। कज़ाकिस्तान के मुक्केबाज़ ने कुछ अच्छे पंच जरूर थ्रो किए लेकिन वह सही से कनेक्ट नहीं हुए।

जजों ने (3-2) का स्प्लिट निर्णय भारत के विकास कृष्ण के पक्ष में सुनाया। इसी के साथ विकास ओलंपिक बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के फाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करने वाले भारत के पहले मुक्केबाज़ बन गए हैं।

जीत के बाद ओलंपिक चैनल से बात करते हुए विकास कृष्ण ने कहा, ‘’ये एक तगड़ी लड़ाई थी, हालांकि मैं पूरी तरह से तैयार नहीं था क्योंकि मेरा मक़सद ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने का पहले ही पूरा हो चुका था। लिहाज़ा मैं इस बाऊट को हल्के में ले रहा था, लेकिन जब कोच ने कहा कि तुम्हें जीतना होगा, और मैं एक प्रोफ़ेशनल हूं इसलिए मैंने भी जी जान लगा दी।‘’

ओलंपिक में जगह बनाने से सचिन बस एक जीत दूर

पहले बॉक्स ऑफ़ में सचिन कुमार वियतनाम के मुक्केबाज़ कोंग मान्ह के ख़िलाफ़ स्प्लिट एक अलग रवैये के साथ रिंग में उतरे थे। इससे पहले लाइट हेवीवेट (75-81 किग्रा) कैटेगिरी के क्वार्टरफ़ाइनल में भारतीय मुक्केबाज़ को चीनी मुक्केबाज़ चेन डैज़ेंग (Chen Daxaing) से शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

22 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज़ ने इस मैच में एक अलग रंग में दिख रहे थे। पहले राउंड में रेड कॉर्नर पर काबिज़ साउथपॉ बॉक्सर सचिन कुमार ने अपनी रणनीति के मुताबिक अच्छी शुरुआत की। उन्होंने पहले दो शानदार कॉम्बिनेशन पंच लगाए। उसके बाद उनके एक राइट जैब ने कोंग मान्ह को हिलाकर रख दिया। जजों ने 4-1 से स्प्लिट निर्णय सचिन कुमार के पक्ष में सुनाया।

दूसरे राउंड में दोनों ही मुक्केबाज़ों ने अच्छी और आक्रामक शुरुआत की। सचिन एक अच्छा राइट हुक लगाने में कामयाब रहे। इसके बाद उन्होंने एक अपरकट लगाने की कोशिश की लेकिन वह लगा नहीं। यह राउंड काफी करीबी रहा। हालांकि फिर भी सचिन का दबदबा बरकरार रहा। जजों ने एक पक्षीय निर्णय 5-0 से सचिन के पक्ष में सुनाया।

तीसरे और आख़िरी राउंड में वियतनाम के मुक्केबाज़ ने अच्छी शुरुआत की लेकिन थकान के कारण दोनों ही मुक्केबाज़ क्लिंच में जाते हुए नज़र आए। सचिन इस राउंड में भी पंच कनेक्ट करने के बाद साइड होकर बैक पैडलिंग करते नज़र आए। यह मुकाबला काफी कांटे का रहा। जजों ने स्प्लिट निर्णय (4-1) से भारत के सचिन कुमार को विजेता घोषित किया।

सचिन और विकास के लिए अगली चुनौती ?

फ़ाइनल में विकास कृष्ण का सामना वेल्टरवेट (63-69 किग्रा) कैटेगिरी में चौथी वरीयता प्राप्त ज़ियाद एलशाई हुसेन एशाश (Zeyad Eishaih Hussein Eashash) से होगा। इस स्थानीय मुक्केबाज़ ने इससे पहले शीर्ष वरीयता हासिल उज़बेकिस्तान के बोबो-उस्मोन बातुरोव (Bobo-Usmon Baturov) को मात दी थी।

जबकि 2020 ओलंपिक टिकट हासिल करने से एक जीत दूर खड़े सचिन कुमार कल यानी बुधवार को अपने दूसरे बॉक्स-ऑफ मुकाबले में तज़ाकिस्तान के शाब्बोस नेग्मातुल्लोव (Negmatulloev Shabbos) के ख़िलाफ़ रिंग में उतरेंगे।

कब और कहां देख सकते हैं बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर ?

आप एशिया/ओशिनिया बॉक्सिंग क्वालिफ़िकेशन का सीधा प्रसारण एक्सक्लूसिव तौर पर ओलंपिक चैनल पर देख सकते हैं, साथ ही हमारे फ़ेसबुक पेज पर भी इसका आनंद उठा सकते हैं। सुबह के सत्र की शुरुआत भारतीय समयनुसार दोपहर 2.30 बजे से होती है, जबकि शाम का सत्र भारतीय समयनुसार 8.30 बजे से प्रस्तावित है।

साथ ही साथ आप ओलंपिक चैनल पर रोज़ाना इंग्लिश और हिन्दी में लाइव ब्लॉग के ज़रिए भी सारे मुक़ाबलों से रु-ब-रु हो सकते हैं।