मैरी कॉम की सेमीफ़ाइनल में हार, सिमरजीत कौर फ़ाइनल में पहुंची 

मैरी कॉम, सिमरनजीत कौर और पूजा रानी तीनों ने ही ओलंपिक का टिकट हासिल कर लिया है

लेखक सैयद हुसैन ·

मंगलवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में एशियन/ओशिनिया बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के सेमीफ़ाइनल में एमसी मैरी कॉम (MC Mary Kom) को चीन की चांग युआन (Chang Yuan) के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। फ़्लाइवेट (48-51 किग्रा) के कैटेगिरी में मैरी कॉम का स्प्लिट निर्णय के ज़रिए सफ़र ख़त्म हो गया।

तो वहीं लाइटवेट (57-60 किग्रा) कैटेगिरी में सिमरनजीत कौर (Simranjit Kaur) ने चीनी ताइपे की मुक्केबाज़ शीह-यी वू (Shih-Yi Wu) पर धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया। जबकि मिडिलवेट (69-75 किग्रा) कैटेगिरी में पूजा रानी (Pooja Rani) भी सेमीफ़ाइनल बाऊट में शीर्ष वरीयता हासिल चीन की ली कियान (Qian Li) से पराजित हुईं।

ख़िताबी भिड़ंत से चूक गईं मैरी कॉम

सोमवार को 2020 ओलंपिक का टिकट हासिल करने वाली मैरी कॉम से उम्मीद थी कि इसी जीत की लय को वह एशियन बॉक्सिंग क्वालिफ़ायर्स के सेमीफ़ाइनल में भी बरक़रार रखेंगी लेकिन 2012 लंदन की कांस्य पदक विजेता के इरादों के बीच में चांग युआन चीन की दीवार की तरह सामने आ गईं।

2020 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर चुके अब तक 8 भारतीय मुक्केबाज़ों में से एक मैरी कॉम पहले राउंड में अपनी प्रतिद्वंदी की ही तरह सूझ-बूझ के साथ धीमी शुरुआत की। चीन की चांग कुछ अच्छे पंच कनेक्ट करने में सफल रहीं। हालांकि मैरी अच्छे पंच नहीं लगा पाईं। जजों ने 4-1 का स्प्लिट निर्णय युआन चांग के पक्ष में सुनाया।

पहले राउंड में पिछड़ने के बाद मैरी ने दूसरे राउंड में आक्रामक शुरुआत की। वहीं, उनकी प्रतिद्वंदी मुक्केबाज़ काफी डिफेंसिव खेलती नज़र आईं। चांग अपनी रणनीति के मुताबिक बैक पैडलिंग कर पूरे रिंग में घूमती रहीं। जजों ने फिर एक बार 4-1 का स्प्लिट निर्णय चीन की मुक्केबाज़ के पक्ष में सुनाया।

तीसरे और आख़िरी राउंड में एशियन गेम्स की गोल्ड मेडल विजेता चांग ने फिर एक बार डिफेंसिव शुरुआत की। मैरी कॉम पूरी पंच लगाने की कोशिश करती रहीं लेकिन चीन की मुक्केबाज़ साइड और बैक पैडलिंग करते हुए इस राउंड में भी हर प्रहार से बचती रहीं। लेकिन जजों ने (3-2) के स्प्लिट निर्णय से चीन की मुक्केबाज़ को विजेता क़रार दिया।

मैच के बाद ओलंपिक चैनल से बात करते हुए मैरी कॉम ने कहा, ‘’मुझे लगता है कि मैंने फ़ाइट अच्छी की लेकिन राउंड के बाद जो प्वाइंट्स मिले उससे निराशा हाथ लगी। मुझे नहीं लगता कि हम दोनों के बीच में इतना अंतर था, मैंने अपने चेहरे पर कोई ज़ोरदार पंच भी महसूस नहीं किया। हालांकि मैं कोशिश करूंगी कि अगली बार में और बेहतर प्रदर्शन करूं।‘’

मैरी कॉम ने 2020 ओलंपिक में अपना स्थान पक्का कर लिया है

शानदार वापसी के साथ सिमरनजीत ने फ़ाइनल का सफ़र तय किया

सिमरनजीत कौर के सामने सेमीफ़ाइनल में चीनी ताइपे की लंबी मुक्केबाज़ शीह-यी वू की कड़ी चुनौती थी।

जहां पहले राउंड में सिमरनजीत ने शुरुआत काफी अच्छी की। उन्होंने लेफ्ट और राइट हुक का एक अच्छा कॉम्बिनेशन लगाया। उनकी प्रतिद्वंदी के पंच सिमरनजीत से ज्यादा अच्छे कनेक्ट हुए। नतीजतन जजों ने 4-1 से स्प्लिट निर्णय शीह-यी वू के पक्ष में दिया।

पहले राउंड में पीछे रहने की वजह से सिमरनजीत ने अगले राउंड में ताबड़तोड़ बहुत ज्यादा पंच थ्रो किए। कुछ पंच काफी सटीक लगे, जिसने उनकी प्रतिद्वंदी को थोड़ा परेशान भी किया। जजों ने 3-2 से स्प्लिट निर्णय भारत की सिमरनजीत कौर के पक्ष में सुनाया।

अब बारी थी तीसरे और निर्णायक राउंड की, आखिरी के तीन मिनट की शुरुआत में घंटी बजते ही सिमरनजीत ने एक बेहतरीन अपरकट लगाया। उसके बाद उन्होंने अपना पूरा दम लगाते हुए कई पंच थ्रो किए जो शानदार और सटीक लगे। जजों ने (4-1) के स्प्लिट निर्णय से भारत की सिमरनजीत कौर को विजेता घोषित किया।

बाऊट के बाद सिमरनजीत ने ओलंपिक चैनल से बातचीत में कहा, ‘’पहले राउंड के बाद मेरे कोच ने कहा कि अब जाग जाओ। उन्होंने मुझे ख़ूब प्रोत्साहित किया और मेरा हौसला बढ़ाया, जिसके बाद मैंने सोच लिया था कि मुझे जीतना है। मैं फ़ाइनल के लिए बहुत उत्साहित हूं, हालांकि मैंने ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया है लेकिन उसके बावजूद मैं फ़ाइनल जीतना चाहती हूं।‘’

बुधवार को फ़ाइनल मुक़ाबले में सिमरनजीत कौर के सामने दक्षिण कोरिया की येओनजी ओह (Yeonji Oh) की चुनौती होगी।

शीर्ष वरीय मुक्केबाज़ से हार गईं पूजा रानी

पूजा रानी से सेमीफ़ाइनल में बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं की जा रही थी, क्योंकि उनके सामने शीर्ष वरीयता हासिल चीन की ली कियान थीं। लेकिन शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मुक़ाबला इतना एकतरफ़ा हो जाएगा।

पहले राउंड में चीन की ली ने अपनी लम्बाई और पहुंच का फायदा उठाते हुए आसानी से अच्छे पंच कनेक्ट किए। पूजा रानी लगातार संघर्ष करती नज़र आईं। जजों ने पहले राउंड का फैसला 5-0 से चीन की ली कियान के पक्ष में सुनाया।

दूसरे राउंड में कोच के दिए गए दिशा-निर्देश के बाद पूजा ने शुरुआत काफी अच्छी की लेकिन एक ही पंच कनेक्ट कर पाईं। ली ने एक बार फिर अपनी पहुंच के ज़रिए अच्छे पंच कनेक्ट करने में सफल रहीं। जजों ने 5-0 से निर्णय चीन की मुक्केबाज़ के पक्ष में सुनाया।

दो राउंड में पीछे रहने के बाद पूजा ने फिर एक बार आक्रामक शुरुआत की। अपने भरसक प्रयासों के बावजूद वह महज़ एक या दो पंच ही कनेक्ट कर पाईं। हालांकि इस राउंड में दोनों ही खेमों से सबसे अधिक पंच थ्रो होते हुए दिखाई दिए। जजों ने (5-0) से एकपक्षीय फ़ैसला (Unanimous Decision) चीन की ली कियान के पक्ष में सुनाया।

कब और कहां देख सकते हैं बॉक्सिंग ओलंपिक क्वालिफ़ायर ?

आप एशिया/ओशिनिया बॉक्सिंग क्वालिफ़िकेशन का सीधा प्रसारण एक्सक्लूसिव तौर पर ओलंपिक चैनल पर देख सकते हैं, साथ ही हमारे फ़ेसबुक पेज पर भी इसका आनंद उठा सकते हैं। सुबह के सत्र की शुरुआत भारतीय समयनुसार दोपहर 2.30 बजे से होती है, जबकि शाम का सत्र भारतीय समयनुसार 8.30 बजे से प्रस्तावित है।

साथ ही साथ आप ओलंपिक चैनल पर रोज़ाना इंग्लिश और हिन्दी में लाइव ब्लॉग के ज़रिए भी सारे मुक़ाबलों से रु-ब-रु हो सकते हैं।