नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले अविनाश साबले की नज़र टोक्यो 2020 में सर्वश्रेष्ठ करने पर है 

एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन अविनाश साबले के लिए इस साल की पहली प्रतियोगिता थी और उन्होंने अपने प्रदर्शन से ओलंपिक गेम्स के लिए आत्मविश्वास बना लिया है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

भारतीय स्टीपलचेज़ रनर अविनाश साबले (Avinash Sable) ने हाल ही में नेशनल रिकॉर्ड ज़रूर तोड़ा है लेकिन अभी भी उनका मानना है कि वह इससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन (Airtel Delhi Half Marathon – ADHM) में दौड़ते हुए साबले ने मेंस इवेंट को 10वें नंबर पर खत्म किया। इस रेस को एमेडवर्क वेलीलेगन (Amedework Walelegn) ने अपने नाम किया था। इस दौरान अविनाश साबले ने नया नेशनल रिकॉर्ड ही बना दिया। इसी रेस को साबले ने 60:30 की टाइमिंग से ख़त्म किया। इस आंकड़े ने कालिदास हिरावे (Kalidas Hirave) ने रिकॉर्ड को 3 मिनट और 16 सेकेंड से मात दी थी।

ADHM में शिरकत करते हुए साबले की एक ही रणनीति थी और वह अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बेहद नज़दीक रहना थी और यह सोच भी थी कि रेस को एक घंटे के अंदर कैसे ख़त्म किया जाए। विजेता एमेडवर्क वेलीलेगन ने 58:53 की बेहतरीन टाइमिंग से कोर्स रिकॉर्ड को तोड़ा और अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। ग़ौरतलब है कि भारतीय धावक अविनाश साबले से यह टाइमिंग 1 मिनट और 37 सेकंड से बेहतर रही। साथ ही दूसरे भारतीय स्प्रिंटर से साबले लगभग 4 मिनट बेहतर थे और उनका हाथ पकड़ना मानों मुश्किल हो गया था।

ESPN से बातचीत करते हुए साबले ने बताया “अभी मुझे लग रहा है कि मेरी स्थिरता विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों जैसी है। मुझे लगता है मुझे अपनी गति में सुधार करने की ज़रूरत है। मुझे लगता है कि मैं खुद को और ज़्यादा बेहतर बना सकता हूँ।”

अविनाश साबले ने मेंस 3000 मीटर स्टेपचेज़ में टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई कर लिया है और यह कारनामा उन्होंने दोहा में हुई वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियंसशिप (World Athletics Championships) के बाद किया।

दोहा में इस खिलाड़ी ने 8.21:37 की टाइमिंग से नेशनल रिकॉर्ड स्थापित किया था लेकिन टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए साबले  और उनके कोच अमरीश कुमार (Amrish Kumar) और बेहतर हो कर अपनी टाइमिंग को 8.12:00 और 8.15:00 के अंदर लाना चाहते हैं।

कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण ADHM 2020 साबले के लिए इस साल की पहली स्पर्धा बनीं। वह अपने धैर्य को परखने के लिए मैराथन में हिस्सा लेना चाहते थे और अपनी तैयारियों को परखना चाहते थे।

“मेरी स्थिरता और गति पहले से काफ़ी बेहतर हुई है। वर्ल्ड चैंपियनशिप के मुक़ाबले मैं इस समय कहीं ज़्यादा बेहतर तैयारी के साथ हूं। अब जब मैं दौड़ता हूं तो मुझमे आत्मविश्वास ज़्यादा होता है।”

उनके कोच ने भी इस बात को माना कि अविनाश जितना ज़्यादा ट्रैक पर समय बिताएंगे वह उतने ही बेहतर होते जाएंगे। “जब तक वह स्पर्धा नहीं करेंगे तब तक उन्हें पता नहीं चलेगा कि वह क्या गलतियां कर रहे हैं।”

अविनाश साबले अब आखिरी तीन अंतरराष्ट्रीय इवेंट में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं, जिसमें चीन में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships) भी शामिल है।

मुख्य तस्वीर: एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन