बजरंग पुनिया ने एक और गोल्ड जीतकर खुद को किया साबित

एक ओर जहां ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार हारे तो वहीं दूसरी ओर बजरंग पुनिया ने जीता एक और गोल्ड।

लेखक रितेश जायसवाल ·

वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप शुरू होने में महज़ एक महीने का समय शेष रह गया है। उससे पहले शुक्रवार को टॉप भारतीय रेसलर्स के अलग-अलग प्रतियोगिताओं में विपरीत परिणाम देखने को मिले। एक ओर जहां दो बार ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार को विश्व के नंबर पांच बेकजोद अब्दुराखामोनोव से करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर बजरंग पुनिया ने एक और गोल्ड मेडल जीतकर अपनी तैयारियां जाहिर कर दी हैं।

विजयपथ पर सवार बजरंग  

भारतीय पहलवान बजरंग पुनिया ने बिलिसी ग्रांप्री में 65 किलोग्राम वर्ग भार में गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने जॉर्जिया में खेले गए इस टूर्नामेंट में ईरान के पेजमान बियाबनी को 2-0 से हराकर खिताब जीता। आपको बता दें बजरंग का 6 महीने में यह चौथा गोल्ड है। 25 साल के इस खिलाड़ी ने मार्च में डान कोलोव टूर्नामेंट, अप्रैल में एशियन चैंपियनशिप और मई में एली एलीव टूर्नामेंट में भी गोल्ड जीता था। कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाड के गोल्ड मेडलिस्ट बजरंग को इस साल सिर्फ एक बार हार का मुंह देखना पड़ा है। यह हार उन्हें न्यूयॉर्क में हुए एग्जिबीशन टूर्नामेंट में अमेरिका के यिआनी दियाकोमिहालिस से मिली थी।

2018 एशियाई खेलों में मिली हार के बाद लौटे सुशील कुमार मैट पर बस 90 सेकेंड ही टिक सके।

निराशाजनक रही सुशील कुमार की वापसी

दिग्गज भारतीय पहलवान सुशील कुमार की एक साल बाद की गई वापसी अच्छी नहीं रही। उन्हें बेलारूस के मिन्स्क में मेदवेद कुश्ती टूर्नामेंट के 74 किग्रा क्वार्टर फाइनल में विश्व के नंबर पांच उज्बेक अब्दुराखामोनोव से करारी हार का सामना करना पड़ा। एशियाई खेलों के मौजूदा चैंपियन उज्बेक ने सुशील के दाएं पांव को पकड़कर चार अंक बनाए और फिर उन्हें मैट से बाहर करके दो और अंक हासिल कर लिए। इसके बाद फिर पांव पर धावा बोला और जल्द ही भारतीय पहलवान को चित करके 90 सेकेंड में मुकाबला जीत लिया।