वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने दिखाया अपना दम 

बजरंग पुनिया और रवि दहिया ने जीते ब्रॉन्ज़ मेडल

लेखक जतिन ऋषि राज ·

“सोने पे सुहागा” नामक कहावत तो आपने सुनी ही होगी और इसका असली मतलब बजरंग पुनिया ने बताया जब उन्होंने एक दिन ओलंपिक कोटा जीता और अगले ही दिन प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज़ मेडल भी हासिल किया। कज़ाकिस्तान की राजधानी नूर-सुल्तान में चल रहे वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2019 में भारतीय पहलवान बजरंग पुनिया (65 किग्रो) ने मेडल जीत कर मानों पूरे देश में जश्न का माहौल बनाया है। इतना ही नहीं, दूसरे भारतीय पहलवान रवि कुमार (57 किग्रो) ने भी वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2019 में ब्रॉन्ज़ मेडल जीत कर नया मुकाम हासिल किया। 

पुनिया ने शुरुआत से ही मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी और मंगोलिया के तुलगा तुमर ओछिर को 8-7 से पटकनी दे डाली। वहीं रवि ने ईरान के रेजा अत्रीनागरची को 6-3 से धूल चटाई।

देर आए, दुरुस्त आए 

आखिरी बार पुनिया का सामना ओछिर से वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान 2018 में हुआ था। उस समय पुनिया ने ओछिर को 3-1 से पस्त कर अपना कारवां आगे बढ़ाया था। अब, यानी वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2019 में ओछिर पूरी तैयारी और जुनून के साथ उतरे लेकिन पुनिया के पास फिर एक बार उनके खिलाफ बेहद घातक और चालाक दांव-पेंच थे।

इस बार यह मंगोलियन पहलवान ज़्यादा तैयारी के साथ उतरा था। उन्होंने आक्रमक शुरुआत करते हुए पुनिया पर दबाव बनाए रखा और परिमाप के लगभग कोने तक ले गए और मौका देखते ही टेकडाउन द्वारा अंक बटोरे। हालांकि पुनिया ने ओछिर के प्रहारों को तोड़ने की कोशिश जारी रखी और इसके चलते एक समय पर दोनों ही पहलवान हेडलॉक देने के जोश में एक-दूसरे से लिपट गए और ओछिर ने मौका देख कर भारतीय पहलवान को छाती के बल गिराकर 4 अंक चुराए। हाथ पैर मारते हुए पुनिया ने भी अपनी अंक तालिका का खाता खोला और आधे समय तक स्कोर को 6-2 तक लाकर फासला थोड़ा कम किया। 

स्कोर बोर्ड का काम है चलते रहना – इसी सोच के साथ पुनिया दूसरे राउंड में उतरे और कम अंक के दबाव को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया। वर्ल्ड नंबर 1 पुनिया अपने प्रधान बल के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने अपनी इसी शक्ति का उपयोग किया और अपने प्रतिद्वंदी को टेकडाउन देने के बाद उनकी पीठ मैट पर लगा दी, जिसके चलते उन्हें 6 अंकों की प्राप्ति हुई और इस तरह से मुकाबला भी अपने नाम किया। इस मैच को जीतने के बाद भारतीय पहलवान को ब्रॉन्ज़ मेडल से नवाज़ा गया। 

चमका भारतीय सितारा 

जहां पुनिया ने सब्र से काम लिया वहीं दूसरी तरफ 57 किग्रो में खेलते हुए रवि ने एशियन चैंपियन अत्रीनागरची पर वार कर उन्हें जल्दी हराने का फैसला किया। यह ईरानियन पहलवान भी कड़े जवाबों के साथ उतरा था और रवि को खुद के ऊपर हावी नहीं होने दिया।

दोनों ही पहलवान अब सटीक प्रदर्शन के लिए तैयार थे लेकिन भारत के रवि ने जल्द ही अपनी रणनीति बदली और अटैक करने की जगह काउंटर अटैक करना शुरू किया और वह उनके काम भी आया। अत्रीनागरची की रणनीति थी प्रहार करना और इसके चलते मौका मिलते ही रवि ने उन्हें सिंगल-लेग अटैक द्वारा पछाड़ा और टेकडाउन के ज़रिए स्कोर बोर्ड को अपने हक में आगे बढ़ाया। 

भारतीय पहलवान के पास कड़े सवाल थे तो ईरान का यह पहलवान भी उन सवालों के तोड़ के साथ उतरा था, लेकिन रवि के हेडलॉक ने आधे समय तक का स्कोर अपने हित में 2-0 से कर दिया था। दोनों ही पहलवान अपने-अपने देश के लिए खेल रहे थे और दोनों के लिए यह जीत किसी उपलब्धि से कम नहीं थी। दूसरा राउंड अत्रीनागरची के अंक बटोरने से शुरू हुआ लेकिन कहते है न जज़्बों में ताकत हो तो समय, समय-समय पर खेल पलटने का मौका देता है और ऐसा ही कुछ रवि के साथ भी हुआ। खेल खुल चुका था और घड़ी का काँटा दौड़ रहा था, इसी बीच रवि ने अपने प्रतिद्वंदी को 2 टेकडाउन देकर मुकाबले को जीता और भारत की शान में एक ब्रॉन्ज़ मेडल और डाल दिया। वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2019 में भारतीय पहलवानों ने बेहतरीन खेल का मुज़ाहिरा पेश किया और मेडल के साथ अपने देश का गौरव बढ़ाया।
  

दो ओलंपिक मेडल विजेता, सुशील हुए बाहर 

भारत के लिए दो ओलंपिक मेडल जीतने वाले सुशील कुमार, वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2019 के पहले ही राउंड में बाहर हो गए। उनका मुकाबला आज़रबाइजान के लड़ाकू खद्झिमुराद गडज़ेये से 74 किग्रो वर्ग में हुआ। दूसरे राउंड में खद्झिमुराद ने सुशील की सीधी लात पर बार-बार हमला कर उन्हें चौंका दिया और देखते ही देखते उन्हें 11-9 से मुकाबले में शिकस्त का सामना करना पड़ा।  

हालांकि खद्झिमुराद क्वाटरफाइनल में यूएसए जॉर्डन बरोज़ से हार गए, जिसके चलते सुशील को ओलंपिक कोटा नहीं मिल पाया और उन्हें वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2019 को खाली हाथ अलविदा कहना पड़ा। 

2018 कॉमन वेल्थ चैंपियन, सुमित मलिक (125 किग्रो), करन (70 किग्रो) और प्रवीण (92 किग्रो) साधारण प्रदर्शन करने की वजह से पहले ही राउंड में बाहर हो गए। अब यह देखना होगा कि भारत के सितारे बजरंग पुनिया और रवि कुमार जो ओलंपिक कोटा जीत चुके हैं, उनकी टोक्यो 2020 के लिए क्या रणनीति होती है।