बीएफआई ट्रायल्स के बारे में वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए

भारतीय मुक्केबाज़ों की ओलंपिक टिकेट पाने की क़िस्मत बीएफ़आई ट्रायल्स में उनके प्रदर्शन पर टिकी है।

लेखक सैयद हुसैन ·

ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स से पहले राष्ट्रीय बॉक्सिंग ट्रायल्स दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में शुक्रवार, 37 दिसंबर से शुरू होने जा रहे हैं। बॉक्सिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया (बीएफ़आई) ने पिछले हफ़्ते ही इसमें शिरकत करने वाले भारतीय मुक्केबाज़ों के नाम का एलान किया था। ओलंपिक क्वालिफ़ायर टूर्नामेंट के लिए ये ट्रायल दो दिनों तक चलेगा।

वह मुक़ाबला जिसका है सभी को इंतज़ार

इस ट्रायल के साथ साथ चल रही उन तमाम अफ़वाहों और सस्पेंस पर भी विराम लग जाएगा, जो निकहत ज़रीन और एम सी मैरीकॉम को लेकर चल रहा है। हाल ही में फ़ैन्स को बिग बाउट लीग में भी इन दोनों के बीच मुक़ाबला देखने को नहीं मिला था, क्योंकि पीठ में दर्द की वजह से मैरीकॉम ने निखत ज़रीन के ख़िलाफ़ बाउट से पहले अपना नाम वापस ले लिया था। जिसके बाद इस बात के पूरे आसार हैं कि महिला 51 किग्रा वर्ग में आख़िरकार इन दोनों के बीच भिड़ंत का इंतज़ार ख़त्म होगा।

बीएफ़आई के मुताबिक़, पहले और चौथे रैंक के मुक्केबाज़ों का आमना सामना होगा और इसी तरह दूसरे और तीसरे रैंक के मुक्केबाज़ों के बीच भी भिड़ंत होगी। इन दोनों मुक़ाबलों के विजेताओं की टक्कर फिर फ़ाइनल ट्रायल मैच में होगी, और फिर इसी तरह सभी पांच कैटेगिरी के विजेताओं को ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के लिए भारतीय दल का हिस्सा चुना जाएगा।

जिसका मतलब ये हुआ कि ज़रीन का मुक़ाबला पहले दौर में गुलिया के ख़िलाफ़ होगा, जबकि मैरीकॉम के सामने ग्रेवाल की चुनौती होगी। फ़ॉर्म को देखते हुए इस बात की पूरी उम्मीद है कि फ़ाइनल ट्रायल मैच में निखत ज़रीन और मैरीकॉम के बीच टक्कर होगी।

दूसरी महिला प्रतिभागी जिनपर रहेंगी निगाहें

पिछले कुछ समय से महिला 51 किग्रा में हो रही चर्चा के साथ ही साथ एक और दिलचस्प कैटेगिरी है महिला 69 किग्रा, जहां भारतीय मुक्केबाज़ी का भविष्य समझी जाने वाली असम की लवलीना बोर्गोहेन और रेलवेज़ स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) की मीना रानी पर सभी की नज़रें इनायत होंगी। हाल ही में ख़त्म हुई एआईबीए महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप में इनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था।

ट्रायल में दिल्ली की अंजलि की टक्कर दो बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता लवलीना से होगी, जबकि राजस्थान की ललिता का सामना मीना से होना है।

57 किग्रा वर्ग में सोनिया के सामने आरएसपीबी खिलाड़ी और वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली सोनिया लाथर की मज़बूत चुनौती होगी। वहीं हरियाणा की साक्षी का मुक़ाबला अपने ही राज्य की मुक्केबाज़ मनीषा से प्रस्तावित है।

महिला 60 किग्रा वर्ग में ऑल इंडिया पुलिस की सरिता देवी हरियाणा की शशि चोपड़ा से भिड़ेंगी, जबकि पंजाब की सिमरनजीत कौर का सामना आरएसपीबी की पवित्रा से होगा।

आख़िर में 75 किग्रा वर्ग में केरल की इंद्रराजा के ए और एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता पूजा रानी आमने-सामने होंगी। जबकि 2014 वर्ल्ड चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता सविती बूरा अपने ही राज्य की एक और हरियाणी मुक्केबाज़ नुपुर से भिडेंगी।

पुरुषों की चुनौती

बात अगर पुरुष मुक्केबाज़ों की करें तो, 57 किग्रा वर्ग में दो बड़े दावेदार आमने सामने हो सकते हैं। 2019 एशियन एम्याचोर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले कविंदर सिंह बिष्ट के सामने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता गौरव सोलंकी की चुनौती होगी। यानी इनमें से कोई एक ही फ़ाइनल ट्रायल में जा पाएगा, इनके अलावा एक और मैच में 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता मोहम्मद हसमुद्दीन और सचिन का आमना सामना होगा।

69 किग्रा वर्ग में विकास कृष्णण का सामना आरएसपीबी के आशीष के साथ तय है, तो सर्विसेज़ स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (एसएससीबी) के दो मुक्केबाज़ नवीन बूरा और दुर्योधण सिंह नेगी के बीच भी होगी ज़ोरदार बाउट।

75 किग्रा वर्ग में हिमाचल प्रदेश के आशीष कुमार का सामना हरियाणा के अंकित खताना से होगा।

81 किग्रा वर्ग में राजस्थान के बृजेश यादव की टक्कर एसएससीबी के सचिन कुमार और सुमित सांगवान में से किसी एक के साथ होगी। क्योंकि सांगवान का ट्रायल में भाग लेना नाडा के फ़ैसले पर निर्भर है, सांगवान डोपिंग टेस्ट में पॉज़िटीव पाए गए थे।

91 किग्रा वर्ग में आरएसपीबी के नमन तंवर की टक्कर एसएससीबी के गौरव चौहन के साथ होगी, जबकि एसएससीबी के ही दो मुक्केबाज़ सतीश कौर और नरेन्दर एक और बाउट में एक दूसरे से भिड़ेंगे।

पहले ही मिल चुका है टिकेट

एक तरफ़ जहां उपरोक्त मुक्केबाज़ों को ओलंपिक क्वालिफ़ायर का टिकेट लेने के लिए ट्रायल मुक़ाबलों से गुज़रना पड़ रहा है, तो वहीं मनीष कौषिक और अमित पंघल को ट्रायल से दूर रखा गया है। इन दोनों ही मुक्केबाज़ों को 2019 एआईबीए वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पदक जीतने के एवज़ में ओलंपिक क्वालिफ़ायर का टिकेट दे दिया गया था।

इसके बाद क्या और कहां देख सकते हैं?

ट्रायल्स के बाद पूर्व वर्ल्ड कप कांस्य पदक विजेता और ओलंपियन वी देवाराजन जैसे दिग्गजों में से एक (देवाराजन महिला मुक्केबाज़ी ट्रायल्स चयनकर्ताओं में से एक हैं) को इस बात का फ़ैसला करना होगा कि फ़रवरी में चीन में होने वाले एक और ओलंपिक क्ववालिफ़ायर्स में भारत की कौन कौन महिला मुक्केबाज़ों को भेजा जाए।

दुर्भाग्य से, बीएफ़आई ट्रायल्स के सीधे प्रसारण का कोई ज्ञात स्रोत उपलब्ध नहीं है।