कुमार की तिकड़ी ने टोक्यो क्वालिफ़ायर्स के लिए किया क्वालिफ़ाई 

पुरुष मुक्केबाज़ों के बीएफ़आई ट्रायल्स के पहले दिन तीन मुक्केबाज़ों को मिला ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स का टिकट, जबकि दूसरों को करना होगा सोमवार तक का इंतज़ार।

लेखक सैयद हुसैन ·

एम सी मैरी कॉम और निकहत ज़रीन के बीच चला आ रहा विवाद ख़त्म होने के साथ साथ महिलाओं का बीएफ़आई ट्रायल भी शनिवार को ख़त्म हो गया था। जिसके बाद रविवार से सारा ध्यान पुरुष मुक्केबाज़ों पर चला गया, दो दिन चलने वाले इस ट्रायल के बाद फ़ैसला होगा कि कौन-कौन चीन के वुहान में 3 से 14 फ़रवरी तक चलने वाले ओलंपिक क्वालिफ़ायर में भारत की उम्मीद बन कर रिंग में उतरेंगे।

एक नज़र डाल लेते हैं कर्नाटक के बेलारी में चल रहे बीएफ़आई ट्रायल्स के पहले दिन पर:

जिन्हें सोमवार तक करना होगा इंतज़ार

रविवार को चार अलग अलग वेट कैटेगिरी में उन मुक्केबाज़ों का ट्रायल हुआ, जिन्हें बाउट में मिली जीत सोमवार को फ़ाइनल राउंड में उतारने वाली थी। इनमें एक ऐसी लड़ाई भी शामिल थी जिसपर सभी की निगाहें थीं, और यह थी 57 किग्रा वर्ग की बाउट जहां 2019 एशियन एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता कविंगर सिंह बिष्ट का सामना था 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता गौरव सोलंकी के ख़िलाफ़।

इस बाउट में सोलंकी ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए कविंदर को मात दी और मुक़ाबला 6-3 से स्प्लिट फ़ैसले के साथ अपने नाम किया।

एक और 57 किग्रा वर्ग में मोहम्मद हुसमुद्दीन और सचिन सिवच आमने-सामने थे, यह मुक़ाबला 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता हुसमुद्दीन के पक्ष में गया। हुसमुद्दीन को भी जीत स्प्लिट फ़ैसले के ज़रिए ही 6-3 से आई, अब उनका सामना फ़ाइनल राउंड में सोमवार को गौरव सोंलकी के विरुद्ध होगा।

69 किग्रा वर्ग में अनुभवी विकास कृष्णन ने रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (आरएसपीबी) के आशीष कुलहेरिया को 9-0 के अंतर से एकतरफ़ा शिकस्त दी।

कृष्णन का सामना अब फ़ाइनल में दुर्योधण सिंह नेगी के ख़िलाफ़ होगा, जिन्होंने सर्विसेज़ स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (एसएससीबी) के नवीन बूरा को 8-1 के स्प्लिट फ़ैसले से हराया।

91 किग्रा वर्ग में रोमांचक मुक़ाबला देखने को मिला जहां नवीन कुमार ने गौरव चौहान को 5-4 के बेहद कम अंतर से स्प्लिट फ़ैसले से मात दी। अब फ़ाइनल में नवीन का सामना नमन तनवर से सोमवार को होगा, जो इस ग्रुप में नंबर-1 रैंक के मुक्केबाज़ थे।

कुमार की तिकड़ी ने किया कमाल

कुछ कैटेगिरी में सिर्फ़ दो ही मुक्केबाज़ थे, लिहाज़ा इन वर्गों में ओलंपिक क्वालिफ़ायर के लिए क्वालिफ़ाई करने के लिए सिर्फ़ एक ही जीत काफ़ी थी।

75 किग्रा वर्ग में हिमाचल प्रदेश के आशीष कुमार ने शुरुआत से ही हरियाणा के अंकित खटाना पर अपना दबदबा क़ायम रखा और मुक़ाबला 9-0 से अपने नाम करते हुए टोक्यो ओलंपिक क्वालिफ़ायर का टिकट हासिल कर लिया।

81 किग्रा वर्ग में सुमित सांगवान का टोक्यो जाने का सपना तब चकनाचूर हो गया जब नाडा के एंटी-डोपिंग अनुशासनात्मक पैनल ने उनपर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया। जिसके बाद ओलंपिक क्वालिफ़ायर की लड़ाई एसएससीबी के बृजेश यादव और राजस्थान के सचिन कुमार के बीच थी, जहां कुमार ने यादव को 6-3 के अंतर से स्प्लिट फ़ैसले से शिकस्त दी। इस तरह सचिन ने भी फ़रवरी में होने वाले ओलंपिक क्वालिफ़ायर के लिए अपने नाम पर मुहर लगा ली।

अंत में 91+ किग्रा में सतीश कुमार ने अपने एसएससीबी के ही साथी नरेन्दर पर 6-3 (स्प्लिट) से जीत दर्ज करते हुए रविवार के दिन के तीसरे कुमार बन गए जिन्होंने चीन में होने वाले क्वालिफ़ायर के लिए अपनी जगह पक्की कर ली।

बिना बाउट के मिला टिकट

जहां उपरोक्त सभी मुक्केबाज़ों को ओलंपिक क्वालिफ़ायर में जाने के लिए ट्रायल से गुज़रना पड़ा, वहीं मनीष कौषिक और अमित पंघल को वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने के एवज़ में क्वालिफ़ायर का क्वालिफ़िकेशन मिल गया है।