हृदय गति की कम दर अंजुम मोदगिल को टोक्यो 2020 में दिला सकती है बढ़त  

27 वर्षीय को महिलाओं की 50 मीटर 3 पोजिशन इवेंट और 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित स्पर्धा में ओलंपिक के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

निशानेबाजी एक स्थिरता वाला खेल है, जिसमें अंजुम मोदगिल (Anjum Moudgil) के हृदय गति की कम दर निश्चित रूप से फायदा पहुंचाती है।

उन्हें टोक्यो ओलंपिक के लिए महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। इसमें प्रत्येक शूटर को घुटने टेककर, झुकते हुए और खड़े होकर इस क्रम में प्रत्येक में 40 शॉट्स लगाने होते हैं।  

2018 के राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता टोक्यो के दौरान सर्वश्रेष्ठ स्थिति में रहने के लिए अपनी फिटनेस पर पूरा ध्यान दे रही हैं।  

मोदगिल ने कहा, "सामान्य तौर पर मेरी हृदय गति की दर प्रति मिनट 60-65 बार धड़कता है। अल सुबह यह बहुत कम हो जाती है।"

पटियाला के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS) में स्पोर्ट्स मेडिसिन सेंटर के पूर्व प्रमुख अशोक आहूजा ने उनकी कम हृदय गति दर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह उसके लिए फायदेमंद होगा।

अंजुम मोदगिल ओलंपिक के लिए 10 मीटर एयर राइफ़ल और 50 मीटर राइफ़ल 3P में ट्रेनिंग कर रही हैं। तस्वीर साभार: ISSF

आहूजा ने IANS को बताया, "यह स्थिति मेरे लिए बहुत फायदेमंद है। एक स्वस्थ युवा एथलीट के हृदय की धड़कन कम होती है, जो प्रति मिनट 6.5 लीटर रक्त पंप कर सकता है, जबकि गैर एथलीट का हृदय करीब 5 लीटर पंप करता है।"

मोदगिल 15 अप्रैल से अपना प्रशिक्षण शुरू करने के लिए नई दिल्ली में डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में शिफ्ट हो जाएंगी।

मोदगिल ने IANS को बताया, "प्रशिक्षण की मुख्य विशेषता ध्यान केन्द्रित करना होगी। मैं अपने राष्ट्रीय टीम के कोच के साथ बैठकर आने वाले महीनों के लिए योजनाओं की रूपरेखा तैयार करूंगी।"

उन्होंने कहा, "28 मार्च को संपन्न हुए नई दिल्ली विश्व कप के बाद शीर्ष निशानेबाजों को थोड़ा ब्रेक मिला है। क्योंकि, चंडीगढ़ में प्रशिक्षण की कोई सुविधा नहीं है। इसलिए मैं डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में अभ्यास करने के लिए दिल्ली जाऊंगी।

2018 विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता ओलंपिक के दौरान 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित स्पर्धा में भी भाग लेंगी।