अमित पंघल की गुजरात जायंट्स बनी बिग बाउट लीग की चैंपियन

गुजरात की जीत में आशीष कुमार और मनोज कुमार का भी रहा अहम योगदान।

लेखक सैयद हुसैन ·

दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में उस वक़्त उत्साह चरम पर रहा, जब बिग बाउट लीग के पहले संस्करण के चैंपियन बने गुजरात जायंट्स। अमित पंघल के नेतृत्व में गुजरात जायंट्स ने पंजाब पैंथर्स को क़रीबी मुक़ाबले में 4-3 से शिकस्त देकर चैंपियनशिप ट्रॉफ़ी हासिल की। मुक्केबाज़ आशीष कुमार और मनोज कुमार ने इस ख़िताबी जीत में शानदार भूमिका निभाई।

दूत की मेहनत पर फिर गया पानी

फ़ाइनल मुक़ाबले की शुरुआत महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग से हुई, जहां गुजरात की राजेश नरवाल और पंजाब की दर्शना दूत आमने सामने थीं। चोटिल एम सी मैरीकॉम की जगह खेल रहीं दूत ने पंजाब को अच्छी शुरुआत दिलाई। रक्षात्मक अंदाज़ से मैच का आग़ाज़ करने वाली दूत ने पहले राउंड में नरवाल के कई आक्रमण का शानदार बचाव किया।

जैसे जैसे बाउट आगे बढ़ती गई, नरवाल भी मैच में वापसी कर रहीं थीं। नरवाल के बेहतरीन पंच ने उन्हें दूत पर हावी होने का मौक़ा दे दिया था। दूत एक बार फिर फ़ाइनल राउंड में वापसी करती हुईं नज़र आईं और एक बार तो उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी को ज़मीन पर भी गिरा दिया था। अंतिम समय में दूत का ये दांव रंग लाया और पंजाब की इस मुक्केबाज़ ने 4-1 से मुक़ाबला अपने नाम कर लिया।

पंजाब पैंथर्स ने अगली बाउट भी जीतते हुए गुजरात पर 2-0 की बढ़त बना ली, दूसरे मुक़ाबलें में पंजाब के ए खालकोव ने गुजरात के चिराग को मात दी।

मनोज कुमार ने दिलाई वापसी

0-2 से पीछे होने के बाद गुजरात जायंट्स को फ़ाइनल मुक़ाबले में पहली जीत मनोज कुमार ने दिलाई। पुरुष के 69 किग्रा वर्ग में 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता मनोज ने आशीष कुलहड़िया के ख़िलाफ़ बाउट में अपने अनुभव और क्लास का शानदार परिचय दिया।

इस बाउट में दोनों ही मुक्केबाज़ों ने एक-दूसरे पर कई वार किए, तीसरे बाउट तक दोनों ही खिलाड़ी बेहद थके हुए लग रहे थे। हालांकि मनोज कुमार साफ़ तौर पर हावी नज़र आ रहे थे, एक तरफ़ मनोज का आक्रमण भी बिल्कुल सटीक बैठ रहा था तो कुलहड़िया के आक्रमण का वह बेहतरीन अंदाज़ में बचाव भी कर रहे थे। नतीजा ये हुआ कि मनोज को 5-0 से इस बाउट में जीत हासिल हुई, जिसने गुजरात को ख़िताबी भिड़ंत में वापसी दिला दी।

पंघल रहे अजेय

गुजरात जायंट्स के पिछले तीन मुक़ाबलों में से दो में आराम करने वाले कप्तान अमित पंघल 52 किग्रा वर्ग मेंपी एल प्रसाद के ख़िलाफ़ काफ़ी उर्जा से भरे और चपल नज़र आए। वर्ल्ड चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पहले ही राउंड से अपनी तीव्रता और सटीक आक्रमण से प्रतिद्वंदी पर हावी हो चुके थे। अमित ने ये बाउट एकतरफ़ा 5-0 से जीतते हुए गुजरात को पूरी तरह से वापस ले आए और अब 4 बाउट के बाद दोनों ही टीमें 2-2 से बराबरी पर थीं।

लैशरम सरिता देवी (दाएं) को बिग बाउट लीग के फ़ाइनल में अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा

पांचवीं बाउट में एक बार फिर पंजाब पैंथर्स जीत हासिल करते हुए ख़िताब जीतने के क़रीब आ गई, जब उन्होंने 3-2 की बढ़त बना ली। इस मुक़ाबले में पंजाब की सोनिया लैथर ने सभी को चौंकाते हुए महिला 60 किग्रा वर्ग में दिग्गज लैशरम सरिता देवी को शिकस्त दे दी। ये एक बेहद कड़ी बाउट थी, जहां दोनों ही मुक्केबाज़ हार मानने को तैयार नहीं थीं लेकिन आख़िरकार 3-2 के बेहद कम अंतर से लैथर ने बाज़ी मार ली।

ज़ोरदार अंत

ब्रिटेन के दिग्गज मुक्केबाज़ स्कॉट फ़ॉरेस्ट ने पुरुष 91 किग्रा वर्ग में अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए भारत के नवीन कुमार को शिकस्त दी और इसी के साथ बिग बाउट लीग का ख़िताबी मुक़ाबला एक बार फिर 3-3 से बराबरी पर आ गया था। शुरुआत में गुजरात की ओर से खेलने वाले फ़ॉरेस्ट ने आक्रामक रवैया अपना रखा था, लेकिन नवीन के भी कुछ बेहतरीन पंच की वजह से टक्कर ज़ोरदार थी। फ़ाइनल राउंड में स्कॉट फ़ॉरेस्ट ने संयम के साथ खेला और रक्षात्मक रवैया अपनाते हुए 4-1 से मुक़ाबला अपने नाम कर लिया।

फ़ॉरेस्ट की इस जीत ने तय कर दिया था कि पहली बिग बाउट लीग के चैंपियन का फ़ैसला अब आख़िरी बाउट से होगा, जिसमें गुजरात के आशीष कुमार की टक्कर पंजाब पैंथर्स के यशपाल से होनी थी। पुरुष 75 किग्रा वर्ग के इस मुक़ाबले में दोनों ही मुक्केबाज़ ऊर्जा और आत्मविश्वास से लबरेज़ थे, और एक दूसरे पर लगातार आक्रमण कर रहे थे।

दो राउंड के बाद आशीष कुमार का पलड़ा यशपाल पर थोड़ा ही भारी था, उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को कई बार कॉर्नर की ओर धकेला और वहां से वार करने लगे। अपने तेज़ तर्रार रिफ़्लेक्सेज़ पर भरोसा करते हुए आशीष ने ज़्यादातर अपना चेहरा खुला छोड़ रखा था, ताकि यशपाल को उकसा सकें।

आशीष के इन दांव और तकनीक पर जजों की भी पैनी नज़र थी, और आख़िरकार ये मुक़ाबला आशीष और गुजरात के पक्ष में गया। और इसी के साथ गुजरात जायंट्स बिग बाउट लीग के पहले संस्करण की चैंपियन बन गई।