बिग बाउट लीग: जानें भारत के पुरुष मुक्केबाज़ों ने कैसा प्रदर्शन किया?

अमित पंघल, मनोज कुमार और गौरव बिधूड़ी ने प्रतियोगिता में कैसा प्रदर्शन किया, इस पर एक नज़र डालें।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

बिग बाउट लीग के आगमन के साथ भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए बीते कुछ सप्ताह काफी बड़े रहे हैं- यह देश के कुछ सबसे बड़े मुक्केबाज़ों के साथ-साथ दुनिया भर के कई दिग्गज मुक्केबाज़ों का फ्रैंचाइज़ी आधारित टूर्नामेंट है। जिसमें मैरी कॉम, अमित पंघल, मनोज कुमार, और निकहत ज़रीन ने बिग बाउट लीग में भाग लिया, जहां दर्शकों को कई रोमांचक संघर्ष देखने को मिले हैं।

यहां पर एक नज़र डालें कि भारत के प्रमुख पुरुष मुक्केबाज़ों ने बिग बाउट लीग में अब तक कैसा प्रदर्शन किया है।

अनफिट अमित पंघल

AIBA विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघल ने बिग बाउट सीज़न के उद्घाटन सत्र में प्रभावित करना जारी रखा। गुजरात जायंट्स टीम के लिए अपने खेल को आगे बढ़ाते हुए पंघल ने इस फ्रेंचाइज़ी के लिए अब तक अपने सभी मुकाबलों में अपना शानदार फॉर्म जारी रखा। 24 वर्षीय ने अपने भारतीय मुक्केबाज़ पीएल प्रसाद के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की। जिसमें एक आसान जीत हासिल करने के बाद, विदेशी मुक्केबाज़ लालडिन माविया और जसूरबेक लाटिपोव को अपने बाद के मुकाबलों में हराया।

पंघल के साथ उनके बाकी साथियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। जिसकी वजह से गुजरात जायंट्स सेमीफाइनल के लिए अपना स्थान बुक करने वाली टूर्नामेंट में पहली टीम बन गई है।

मनोज कुमार के लिए मिक्स्ड बैग

पुरुषों के 69 किग्रा वर्ग में, 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मनोज कुमार अपने फ्रेंचाइज़ी एनसीआर विजय विंग्स के लिए स्टार परफॉर्मर रहे हैं। उन्होंने दुर्योधन सिंह नेगी के खिलाफ शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कुछ महीने पहले ही एआईबीए विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में सभी को प्रभावित किया था।

हालांकि, अपनी दूसरी बाउट में मनोज बॉम्बे बुलेट्स के नवीन बूरो के खिलाफ एक करीबी मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहे। लेकिन, 33 वर्षीय मुक्केबाज़ जो कि राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता हैं, उस हार के बाद और मज़बूत हो गए। उन्होंने उज़्बेकिस्तान के जे राखोमोनोव के खिलाफ अपने अगले मुकाबले में एक आसान जीत हासिल की। वर्तमान में मनोज की फ्रैंचाइज़ी अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है और इसे सेमीफ़ाइनल में पहुंचाना मुनासिब समझना चाहा।

संघर्ष करते नज़र आए गौरव बिधूड़ी

दिल्ली के 26 वर्षीय मुक्केबाज़ बिगआउट लीग के पहले सीज़न में उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए संघर्ष करते हुए दिखाई दिए। उन्हें बेंगलुरु ब्रॉवेलर्स ने अपने मुख्य भारतीय मुक्केबाजों में से एक के रूप में साइन किया था, लेकिन उन्होंने गौरव सोलंकी के खिलाफ एक करीबी मुकाबले में हार के साथ अपने अभियान की शुरुआत की।

बिधुड़ी ने अपना दूसरा बाउट भी गंवा दिया। पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग में कविंदर सिंह बिष्ट के खिलाफ करीबी लड़ाई में विभाजित बहुमत से हार गए। भारतीय मुक्केबाज़ ने एताश खान के खिलाफ अपनी अगली बाउट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन उनको नाक में लगी चोट के कारण प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा।

इन तीनों के अलावा, भारत के कविंदर सिंह बिष्ट और आशीष कुमार की बिग बाउट लीग में अच्छी शुरुआत हुई, जिसमें से उन्होंने अधिकांश मैच जीते। हालांकि, मनीष कौशिक और विकास कृष्णन जैसे भारत के अन्य प्रमुख मुक्केबाज़ों ने इस प्रतियोगिता में भाग नहीं लेने का फैसला किया।