दुनिया के बेहतरीन युवा फुटबॉलरों में शुमार हुए भारत के बिकाश युमनाम

गार्जियन द्वारा प्रकाशित वार्षिक सूची में जेडन सांचो, एर्लिंग हालांड, मेसन ग्रीनवुड और मैथिज्स डी लिट जैसे सितारे पहले भी शामिल हो चुके हैं।

लेखक रितेश जायसवाल ·

युवा भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी बिकाश युमनाम (Bikash Yumnam) ने इतिहास रच दिया है। पंजाब एफसी (पहले मिनर्वा एफसी के नाम से विख्यात) अकादमी से स्नातक करने वाला यह युवा गार्जियन द्वारा निकाले जाने वाली वार्षिक सूची में दुनियाभर में 60 सबसे होनहार अंडर-18 फुटबॉलरों में शामिल होने वाला पहला भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी बन गया है।

इस सम्मानित सूची को प्रतिष्ठित ‘ब्रिटिश डेली’ द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जिसमें इससे पहले भी जैडोन सांचो, एर्लिंग हालांड, अल्फोंसो डेविस, मैथिज्स डी लिट जैसे वैश्विक सुपरस्टार खिलाड़ियों को शामिल किया जा चुका है। इनके अलावा अन्य कई खिलाड़ियों के नाम भी इसमें जोड़े जा चुके हैं।

इस वर्ष की सूची में बिकाश युमनाम को रियल मैड्रिड, यूवेंटस, एफसी बार्सिलोना, मैनचेस्टर सिटी, बायर्न म्यूनिख, पेरिस सेंट-जर्मेन और दुनियाभर के अन्य शीर्ष क्लबों के दिग्गज खिलाड़ियों के साथ शामिल किया गया है।

रियल मैड्रिड ब्रूनो इगलेसियास और इज़राइल सालाजार की जोड़ी, बार्सिलोना के इलाइक्स मोरीबा, आर्सनल के मार्सेलो फ्लोर्स, बेयर लीवरकुसेन के फ्लोरियन विर्ट्ज़ को अगले काई हैवर्टज़ के रूप में माना जाता है। ये सभी प्रमुख फुटबॉल पत्रकारों द्वारा संकलित 2020 सूची के कुछ उल्लेखनीय नाम हैं।

मणिपुर में जन्मे बिकास युमनाम ने अपने फुटबॉल के सपनों का पीछा करने के लिए बेहद कम उम्र में ही अपना घर छोड़कर पंजाब के मोहाली में अर्स्टव्हाइल मिनेर्वा फुटबॉल अकादमी में दाखिला ले लिया था।

इस युवा खिलाड़ी ने मिनेर्वा में तेजी से अपनी रैंक बढ़ाई और खुद को भारत के युवा खिलाड़ियों में एक मुख्य और अहम खिलाड़ी के तौर पर स्थापित किया।

बिकाश युमनाम ने अंडर-16 और अंडर-19 में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। फोटो: एआईएफएफ

बिकाश युमनाम ने 2017 SAFF U-15 चैंपियनशिप जीती और अंडर-16 भारतीय फुटबॉल टीम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए चले गए, जो मलेशिया में 2018 AFC U-16 चैंपियनशिप के क्वार्टर-फाइनल में पहुंच गई। 17 वर्षीय यह खिलाड़ी भारत के लिए अंडर-19 में भी खेल चुका है।

क्लब स्तर पर तकनीकी रूप से प्रतिभाशाली सेंटर बैक खिलाड़ी होने की वजह से उन्हें आई-लीग 2020 में भारत की ओर से खेलते हुए अपने स्थिर प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।

अपने शुरुआती सीनियर सीज़न के दौरान बिकाश काफी लम्बे समय तक सोशल मीडिया पर सनसनी बने रहे, जिसके चलते उनकी तुलना स्टोक सिटी के पूर्व खिलाड़ी रोरी डेलाप से की जाने लगी और लिवरपूल के थ्रो-इन कोच थॉमस ग्रोनमार्क ने भी उनकी प्रशंसा की।

गार्जियन के एशियन फुटबॉल विशेषज्ञ जॉन ड्युस्टन ने कहा, “गेंद पर नियंत्रण करने वाला, खेल को समझने वाला, प्रतिभा में उत्कृष्ट, तेज़ और लंबे थ्रो करने में सक्षम यह युवा पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ चुका है।”

बिकाश युमनाम के पास अभी भी अंतरराष्ट्रीय सितारों से मुक़ाबले के लिए एक लंबा सफर तय करना बाकी है, जो पहले ही गार्जियन की शीर्ष 60 की सूची में शामिल हो चुके हैं। लेकिन उनके इस सूची में शामिल होने से उनके साथी खिलाड़ियों और भारतीय फुटबॉल दोनों को ही बढ़ावा मिलेगा।