बिरसा मुंडा स्टेडियम: जानिए कैसा होगा भारत का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम    

इस स्टेडियम में 2023 में भारत की मेजबानी में होने वाले पुरुष हॉकी विश्वकप के मुकाबले होंगे

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

2018 में FIH पुरुष हॉकी विश्व कप का सफलतापूर्वक आयोजन करने के बाद भारत टूर्नामेंट के 2023 संस्करण की मेजबानी करेगा।

भारत चौथी बार इस टूर्नामेंट की मेजबानी करने जा रहा है। इसे पहले भारत ने तीन बार मुंबई (1982), नई दिल्ली (2010) और ओडिशा (2018) में टूर्नामेंट के मेजबान की भूमिका निभाई थी।

आयोजन के लिए निर्धारित दो स्थानों में से एक भुवनेश्वर का कलिंग स्टेडियम है। जबकि, दूसरे स्टेडियम का निर्माण ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के अन्र्तगत आने वाले राउरकेला में किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसका निर्माण पूरा होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम होगा।

इसका नाम आदिवासी नेता बिरसा मुंडा के नाम पर 'बिरसा मुंडा वर्ल्डवाइड हॉकी स्टेडियम' रखा गया है। दरअसल, बिरसा आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जयपाल सिंह मुंडा (Jaipal Singh Munda) ने 1928 में एम्स्टर्डम ओलंपिक में भारत का नेतृत्व किया था। इसके बाद उन्होंने ओलंपिक में लगातार आठ स्वर्ण पदक जीते।

आइये जानते हैं ओडिशा सरकार द्वारा बनाये जा रहे इस अत्याधुनिक स्टेडियम के बारे में—

स्टेडियम स्थल का महत्व

स्टेडियम के निर्माण के लिए स्थान के चयन को लेकर ओडिशा सरकार ने बहुत सोच—विचार कर फैसला लिया।

सुंदरगढ़ जिले को भारत में नवोदित हॉकी प्रतिभाओं के हॉटबेड शीघ्र तैयार होने के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में माना जाता है। भारत के पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की (Dilip Tirkey) जैसे दिग्गज हॉकी खिलाडी इसी इलाके की देन हैं।

स्टेडियम राष्ट्रीय टीम की शोभा बनने वाले भविष्य के सितारों के लिए मार्ग प्रशस्त करने वाले स्थान के हॉकी में बुनियादी ढांचे को बहुत अधिक बढ़ावा देगा।

सबसे ज्यादा लागत वाला हॉकी स्टेडियम

जब FIH ने विश्वकप के आयोजन के लिए दो मेजबान शहरों की आवश्यकता बताई तो यह जरूरी हो गया कि ओडिशा के भीतर एक और स्टेडियम का निर्माण किया जाना चाहिए। इस परियोजना के लिए सरकार ने 120 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया। स्टेडियम के लिए 15 एकड़ भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है। जबकि इस खेल कोलोजियम के निर्माण का जिम्मा औद्योगिक विकास कंपनी (IDCO) का सौंपा गया।

IDCO के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजय कुमार सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, “ओडिशा सरकार के अधिकारियों ने हमें पुरुषों के हॉकी विश्व कप 2023 के लिए 12 महीने की समय अवधि में एक विश्व स्तरीय स्टेडियम बनाने का काम सौंपा है।”

इसमें एक सुरंग बनाई जाएगी जो ड्रेसिंग रूम और स्टेडियम परिसर के भीतर बनी प्रेक्टिस पिच को जोड़ेगी। प्रेक्टिस पिच के आस—पास ही एक अलग फिटनेस सेंटर और हाइड्रोथेरेपी पूल बनाया जाएगा।

कब होगा इसका उद्घाटन?

जनवरी, 2023 में होने वाले विश्व कप से छह महीने पहले जून, 2022 में स्टेडियम का उद्घाटन होगा।

ओडिशा के खेल और युवा मामलात विभाग के प्रमुख शासन सचिव विशाल के देव ने कहा, “जून, 2022 तक यह (राउरकेला) दुनिया को गर्व से बिरसा मुंडा अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम का नजारा दिखाने के लिए तैयार हो जाएगा।”

स्टेडियम की क्षमता

स्टेडियम में एक बार में 20 हजार दर्शक बैठक कर मैच का लुत्फ उठा सकेंगे। IDCO के अध्यक्ष सिंह ने कहा, “बिरसा मुंडा अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम एक नया निर्माण है। इसलिए इसे दर्शकों को बेहतरीन सुविधाओं का अनुभव कराने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बनाया जा रहा है।”

स्टेडियम के चारों ओर का विकास

राउरकेला शहर के उन्नयन, विकास और मार्केट के लिए 470 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया गया है।

टीमों और प्रशंसकों के लिए राउरकेला हवाई अड्डे को एक बार फिर से काम में आने लायक बनाया जाएगा। हवाई अड्डे के पास वर्तमान में 19 सीटर विमान के संचालन का लाइसेंस है। इसकी समीक्षा और उन्नयन करने की भी जरूरत है।

कई होटलों का निर्माण किया जाएगा और उनमें से दो विशेष रूप से FIH विश्व कप के लिए आरक्षित होंगे। पर्यटन विकास के लिए करीब 105 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। इतनी ही राशि से शानदार सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

मरम्मत और सौंदर्यीकरण तथा राउरकेला नगर निगम के अधीन प्रसिद्ध पानपोष बाजार पर 140 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा।