बॉक्सर विकास कृशन ने अपने कोच को अमेरिका से भारत लाने के लिए  विदेश मंत्रालय से की हस्तक्षेप की मांग

वीजा नहीं मिलने के कारण USA में फंसे कोच रॉन सिम्स जूनियर 

लेखक दिनेश चंद शर्मा ·

टोक्यो में वेल्टरवेट श्रेणी में जगह पक्की करने वाले स्टार भारतीय मुक्केबाज विकास कृशन ने कोच रॉन सिम्स जूनियर को भारत बुलाने में मदद के लिए विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है। सिम्स वीजा नहीं मिलने के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में फंसे हुए हैं।

टोक्यो ओलंपिक के दरवाजे पर दस्तक देने के साथ ही विकास को लगता है कि इस समय उन्हें अपने कोच की निगरानी में प्रशिक्षण लेना बहुत जरूरी है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ एस जयशंकर से आग्रह किया है कि, "महोदय- मेरे कोच अमेरिका में फंसे हुए हैं और नए वीजा प्रोटोकॉल के कारण नहीं लौट पा रहे। टोक्यो ओलंपिक में ज्यादा समय नहीं बचा है ऐसे में मेरे प्रशिक्षण के लिए उनकी उपस्थिति काफी महत्वपूर्ण है। क्या आप मेरे ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद कर सकते हैं।"

सितंबर माह में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने कृशन को ओलंपिक की तैयारी के लिए अमेरिका जाने की मंजूरी दी थी। उन्होंने भारत लौटने से पहले 30 नवंबर तक वर्जीनिया में अलेक्जेंड्रिया बॉक्सिंग क्लब में कोच रॉन सिम्स जूनियर से प्रशिक्षण लिया था।

बॉक्सिंग मुकाबला जीतने के बाद खुशी का इजहार करते विकास कृष्णन

अमेरिका में प्रशिक्षण के दौरान विकास ने TOI को बताया कि "बेहतर प्रशिक्षण हासिल करने के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। यही कारण है कि कोरोना महामारी के बावजूद में अमेरिका आया और इसको लेकर काफी उत्साहित भी था। क्योंकि कुछ खोकर ही आप कुछ बडा पा सकते हैं। मैं कुछ रक्षात्मक कला सीख रहा हूं और साथ ही अपनी तकनीक में भी सुधार कर रहा हूं जो ओलंपिक में मेरे लिए मददगार साबित हो।”

इस मुक्केबाज को उम्मीद है कि 2021 की शुरुआत में वो प्रतिस्पर्धात्मक मैचों में वापसी करेगा ताकि टोक्यो जाने से पहले वो रिंग में कुछ समय गुजार सके।

टोक्यो में जगह पक्की करने के लिए कृष्णन ने 69 किलोग्राम भार वर्ग में एशियाई / महासागरीय ओलंपिक क्वालीफायर के क्वार्टर फाइनल में जापान के सीवोन ओकाजावा को 5-0 से मात दी। सेमीफाइनल में उन्होंने कजाकिस्तान के अबलिखान झुसुपोव को हराया।

कृशन को 2016 के रियो ओलंपिक में 75 किग्रा वर्ग की प्रतिस्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पडा। बचपन के दोस्त नीरज गोयत से प्रेरित होकर विकास ने 75 किग्रा से वापस 69 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करने का निर्णय किया। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह के बाद तीन ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाले वह दूसरे भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं।

कृशन ने 2010 एशियाई खेलों के लाइटवेट वर्ग में स्वर्ण पदक और 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में में भी स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।